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सूर्य का कर्क में गोचर (जुलाई 16, 2016) - जानें क्या होंगे आपकी राशि पर प्रभाव

जुलाई 16, 2016 को सूर्य कर्क राशि में गोचर करेगा। सूर्य का गोचर परिवर्तन ज्योतिष में एक ख़ास जगह रखता है, लेकिन इसके आपके जीवन पर कैसे असर होंगे? आइये जानते हैं ।

पेश करते हैं सूर्य का कर्क में गोचर।
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विभिन्न जातकों पर इस गोचर के संभावित निम्न परिणाम हो सकते हैं :

मेष

वैसे तो सूर्य दग्ध तप्त ग्रह है और इसकी गर्मी से परेशानी ही होनी है - स्वाभाविक सी बात है कि गरम लोहे की छड़ को हाथ से पकड़ेंगे तो जलना निश्चित है भले ही आप कितने ही अच्छे कर्मकार हों - इस से कोई फ़र्क नहीं पड़ता। तो समझदार लोग उसपर पानी डाल देते हैं जिससे पानी भले ही वाष्प बन जाए मगर गर्मी कम कर जाता है और काम करने में आसानी होती है। ठीक यही बात ग्रहों के साथ भी लागू होती है। यह जल राशि में आने पर वर्षा दे सकता है - भावनाओं की वर्षा हो सकती है - प्रेम की - क्रोध की - अतीत की यादों की, पुराने दिनों की याद में खुश हो सकते हैं। अब थोड़ी तबियत में भी कमी तो आएगी ही, भावुक होना कमज़ोरी है और साथ ही इस भाव से ह्रदय भी देखते हैं तो रक्त चाप का ध्यान रखना है, आवेगों को अपने में समेट कर रखना है - नहीं तो नुक्सान आपका ही है। घर में थोड़ा बहुत विवाद हो भी तो बेहतर है प्रतिक्रिया न दें।

वृषभ

आपके लिए तो ख़ुशी की ही बात हुई - संचार के घर में सूर्य का आना आपको नयी विविधता से ओतप्रोत कर देगा। अापमें जो अक्खड़ता है उसमें थोड़ी कमी कीजिये, अहंकार को फेंक कर दूसरों की बातों को समझने का भी प्रयास कीजिये। दुनिया में सिर्फ आप ही सबसे समझदार नहीं है और न ही ऐसा है कि आपके एक ही बात पर अड़े रहने से कुछ भला होने वाला है। भाई सबकी सुनिए - समझिए - बहुत बार ईश्वर हमसे कुछ कहना चाहते हैं तो माध्यम हमारे मित्र, पड़ोसी, सहकर्मी, पहचान वाले को बना देते हैं - खुद तो आपके लिए धरती पर अवतरित नहीं होंगे। और ऐसा नहीं है कि सिर्फ सुनना ही है - अपने दिल की बात भी सबसे साझा कीजिये - तभी तो लोगों को पता चलेगा कि आपके दिल में कितने समंदर एक साथ बह रहे हैं - तभी तो जीवन में बातें आगे बढ़ेंगी।

मिथुन

घर में सबको खुश रखना घर के प्रधान का परम कर्त्तव्य होता है। लेकिन साथ में यह बात भी है कि आग जहाँ भी हो नुक्सान तो करती है। समझदारी बनाये रखना और क्रोध और घमंड को त्याग देना ही सबसे बढ़िया काम होता है। घर के लोगों से कैसा अहंकार। बहुत बार होता है कि लोग अपने ही बच्चों से अपनी तुलना करते हैं, वे अपने ही बच्चों के मन में हीन भावना पैदा करते हैं और बाद में बहुत पछताते हैं। घर में बहुत सारी चीज़ों की ज़रुरत लगी ही रहती है, कई बार पुराना टीवी, सोफ़ा आदि को बेच कर नया भी लेना चाहिए। यही तो समय है - सोना भी खरीदने का मन हो तो ज़रूर खरीदिए - जो ले सकते हैं उनको लेना चाहिए। काम ही आता है बुरे वक़्त में। हाँ यह ज़रूर ध्यान रखिये की घर के बड़े लोगों को सम्मान पूरा दें और उनकी हर इच्छा को पूरा करने की कोशिश करें।

कर्क

यह तो स्वाभाविक है कि सूर्य जब लग्न में आएगा तो आपको मानसिक परेशानी तो देगा। लेकिन आपको सिर्फ स्वयं पर नियंत्रण ही तो बनाना है इसके दुष्प्रभाव से बचने के लिए - और कुछ थोड़ी करना है। सिर्फ इतनी सी बात नहीं है - आपको पता ही है सूर्य राजा भी है - तो राजाओं की आन बान और शान तो अलग ही होती है। आप चाहे जिस भी सामाजिक स्थिति में हों - आपमें स्वयं के प्रति प्रेम अधिक हो जाएगा - आप सोचेंगे कि मैं कैसा दिख रहा हूँ / रही हूँ आदि। आपको अपने कपड़ों या पूरे पहनावे को लेकर एक सोच बनी रहेगी। और यह तो अच्छा ही है न - सभी चाहते हैं कि आज के समय में अच्छे दिखें - जो दिखता है वही तो बिकता है वाली कहावत तो आपने सुनी ही है। आपको सिरदर्द हो सकता है, यह जीवन-साथी के कारण भी हो सकता है। इसको ठीक करने के लिए खुद शांत रहे और मालिश करवा लें।

सिंह

मन में बहुत उद्विगनता बनी रह सकती है। आगे क्या करना है कैसे करना है, इन सब बातों पर ध्यान देने के लिए सही वक़्त है। आत्मवलोकन के लिए बहुत अच्छा समय है। आँखों का ध्यान रखना चाहिए। किसी भी प्रकार की दुर्भावना को मन में स्थान नहीं देना चाहिए और सोच को सही रखना ही सबसे अच्छा है।

कन्या

दोस्तों के साथ समय देना कितना आनंद देता है सभी जानते हैं - मित्र ही तो हमारी सबसे बड़ी पूँजी होते हैं। मित्रों के साथ कैसा भेदभाव करना? सबके साथ चलना चाहिए और हर समय मदद करने के लिए तत्पर रहना चाहिए। आखिर इतनी सारी दौलत का करेंगे क्या? एक दिन इस संसार सागर को छोड़ देना है। थोड़ी बहुत अनबन तो चलती रहती है - उसको दिल पर लेने से काम नहीं चलेगा। सोच को हमेशा बड़ा रखना चाहिए और दिल में सभी के लिए जगह बनी रहनी चाहिए - याद रखिये कोई भी इंसान छोटा या बड़ा नहीं होता - समय पर तिनका भी काम आ जाता है नहीं तो तलवार भी रखी की रखी रह जाती है। ऐसा ही आपको अपने सह-कर्मियों और अधिकारियों के साथ भी रहना चाहिए। ज़रूरी थोड़ी है कि कोई आपकी कमियाँ बता रहा है तो आपको बुरा ही कह रहा है।

तुला

कर्म क्षेत्र में समय बहुत ही अच्छा होता है। सूर्य हमें निरन्तर कर्म रत रहने की शिक्षा रोज़ सुबह से शाम तक देता ही है। नुकसान भी है थोड़ा सा - यहाँ सूर्य के आने से आपको लगेगा कि आप दूसरों से अच्छा काम कर रहे हैं। थोड़ा सा अभिमान जाग जाएगा - इसमें कोई बुराई नहीं है लेकिन जब आप स्वयं को दूसरों पर थोपने लगते हैं और दुसरे आपसे चिढ़ने लगते हैं तब समस्या शुरू होती है। तो इसको आगे बढ़ने ही क्यों दिया जाए? मन में ऐसे विचार आने लगें कि आपको अधिक तवज्जो मिलनी चाहिए तो अपने आप से प्रश्न कीजिये कि क्या वास्तव में आपमें ऐसी क्षमता है या नहीं। आपका उत्तर ही आपका समाधान है। मिलजुल कर चलना ही तो जीवन है। खुद में ही डूब के रह गए तो क्या मतलब जीवन का ?

वृश्चिक

जीवन में सिर्फ धन-दौलत ही थोड़ी कमाने के लिए होती है - और चाहे आप जितने भी शून्य अपनी आमदनी में जोड़ लीजिये, जब जाएंगे तो सब यहीं रह जाएगा। कमाना ही है तो पुण्य कमाइए, ईश्वर का स्नेह और आशीर्वाद कमाइए जो आपके जी के हर जंजाल को नष्ट करने में सक्षम है। आखिर कब तक मशीन जैसे भागते रहेंगे पैसे के पीछे। कोई किताब या अनुसंधान को छपवाना चाह रहे हैं तो बड़ा ही अच्छा समय है। कोई छोटा कोर्से करने के लिए भी बहुत अच्छा समय है। किसी धर्म स्थल पर जाने के लिए सोचिये मत, हो आइये - सब शुभ ही रहेगा।

धनु

जीवन में कभी भी ऐसा नहीं होता कि हमेशा आपके लिए सुख समृद्धि मान सम्मान ही बना रहे, यह तो संसार हैं और हम लोग अपने-अपने कर्मों का फल भोग रहे हैं। और चाहे किसी व्यक्ति ने कितने भी अच्छे कर्म क्यों न करे हों, कभी न कभी उसका पाला दुखों से तो पड़ना ही है - यह निश्चित है। हमारे हाथ में क्या है? हमको सिर्फ हमारी सोच और कर्मों को नियंत्रित रखना है बाकी ईश्वर स्वयं प्रकृति द्वारा करवा देते हैं। अचानक मान हानि होने की सम्भावना तो है ही, स्वास्थ्य पर भी दुष्प्रभाव हो सकता है। तो भय को त्याग कर, प्रभु का स्मरण करते हुए अच्छी सोच के साथ आगे बढ़ते रहेंगे तो कोई आपका अहित नहीं कर पायेगा। आप तो इस तरह अपने शत्रुओं को भी अपना मित्र बना लेंगे। सिर्फ सोच ही तो सही रखनी है। अपनी किन्हीं छुद्र इच्छाओं की पूर्ती के लिए तंत्र मंत्र के चक्कर में मत पड़ जाइयेगा - मज़ाक के पात्र भी बनेंगे और पैसा जाएगा सो अलग।

मकर

वैवाहिक सुख में न्यूनता बनी रहेगी। सूर्य तो राश्यधिपति का शत्रु भी है, पिता भी है, आलोचक भी है, अनुदार भी है - यही सब आप अपने साथी से मत कीजिये - बस। और कुछ करने या सोचने की ज़रुरत नहीं है। प्यार में बहुत शक्ति होती है - आज़मा के तो देखिये, सभी मीठी बोली के आगे नतमस्तक हो जाते हैं। दोनों मिलकर आपसी मनमुटाव की वजहों को पता कर दूर कर सकते हैं - याद रखिये चाहे व्यापारिक सम्बन्ध हो या पति /पत्नी के - कोई तीसरा उसमें कुछ नहीं करने वाला है। जो करना है आपको ही करना है।

कुम्भ

आपके लिए तो सूर्य स्वयं ही सप्तमेश होता है, इसलिए बहुत बार शादीशुदा जीवन सुखी नहीं होता। वैसे यह अच्छा भाव है सूर्य के फल एक तरफ तो उतने अच्छे नहीं रहेंगे लेकिन दूसरी तरफ आपको काम-काज में बरकत भी होगी। यही प्रकृति का स्वभाव है - एक तरफ कमी होती है तो दूसरी तरफ बढ़ोत्तरी भी मिलती है लेकिन हम इंसानों को सब कुछ हमेशा पूरा का पूरा ही चाहिए होता है। और उसके लिए भगवान बनना पड़ेगा, क्योंकि उसके अतिरिक्त और कोई भी पूर्ण नहीं है। अपने लालच पर नियंत्रण ही सबसे अच्छा है - प्रसिद्धि का लालच, अहंकार की पूर्ती का लालच, धन का लालच - इन सब को त्याग दीजिये - ये कभी काम नहीं आते।

मीन

कोई भी चीज़ हर तरह से अच्छी नहीं हो सकती जैसे हम हमारे मित्र के लिए अलग हैं, शत्रु के लिए अलग और संतान के लिए अलग। वैसा ही ग्रह भी करते हैं। यथा पिण्डे तथा ब्रह्माण्डे - श्लोक भी है। संतान के लिए उतना अच्छा नहीं रहेगा - कोई छोटी मोटी घटना हो सकती है पर कुछ गंभीर नहीं होगा। आपका मन बहुत अच्छा रहेगा, हंसी-मज़ाक, हास्य-व्यंग्य, फिल्में, संगीत-कला आदि में लगे रहेंगे। काम पर भी असर तो होगा ही मगर अच्छा ही है - काम इतना भी नहीं होना चाहिए की निजी जीवन से रस ही गायब हो जाए। वरना काम का मतलब ही क्या रहा - काम करते भी तो धन कमाने के लिए हैं - और धन को उपयोग उपभोग में नहीं लाएंगे तो उसकी दुर्गति होगी। बेहतर है आनंद लीजिये जीवन के अनेकानेक रंग-बिरंगे चरित्रों का।

2017 गोचर

मंगल का मकर में गोचर मंगल वृश्चिक में वक्री मंगल का वृश्चिक में गोचर मंगल का तुला राशि में गोचर मंगल का कन्या में गोचर मंगल का सिंह राशि में गोचर मंगल अस्त मेष राशि में मंगल का मेष में गोचर मंगल का मीन में गोचर मंगल का मिथुन में गोचर मंगल का वृषभ में गोचर मंगल का वृषभ में गोचर मंगल का गोचर कुम्भ राशि में शनि वृश्चिक में अस्त शनि वक्री वृश्चिक में वृश्चिक राशि में शनि उदय सूर्य का तुला राशि में गोचर सूर्य का मीन में गोचर सूर्य का कुम्भ में गोचर सूर्य का मकर में गोचर सूर्य का धनु राशि में गोचर सूर्य का वृश्चिक राशि में गोचर सूर्य का कन्या राशि में गोचर सूर्य का सिंह राशि में गोचर सूर्य का कर्क में गोचर सूर्य का मिथुन में गोचर सूर्य का वृषभ में गोचर सूर्य का मेष में गोचर सूर्य का वृषभ में गोचर सूर्य का मिथुन में गोचर
धनु राशि में शुक्र का गोचर शुक्र का वृश्चिक में गोचर शुक्र का कन्या में गोचर शुक्र कर्क में मार्गी शुक्र का मीन में गोचर शुक्र का कुम्भ में गोचर शुक्र का मकर में गोचर शुक्र मेष में अस्त शुक्र का वृश्चिक में गोचर शुक्र का तुला में गोचर मंगल का कर्क में गोचर अस्त शुक्र का कर्क में गोचर शुक्र सिंह राशि में वक्री शुक्र का वृषभ में गोचर शुक्र का मेष में गोचर शुक्र का सिंह में गोचर शुक्र का मिथुन में गोचर शुक्र का कर्क में गोचर शुक्र का मिथुन में गोचर शुक्र का वृषभ में गोचर शुक्र का वृश्चिक में गोचर वृश्चिक राशि में शुक्र उदय गुरु कन्या राशि में वक्री गुरु का सिंह में गोचर गुरु सिंह राशि में अस्त गुरु कर्क राशि में मार्गी कर्क राशि में बृहस्पति वक्री गुरु कर्क राशि में मार्गी शनि धनु राशि में वक्री

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