बुध का मिथुन राशि में गोचर (29 मई 2026)
बुध का मिथुन राशि में गोचर: ग्रहों के राजकुमार के नाम से प्रसिद्ध बुध ग्रह 29 मई, 2026 की सुबह 11 बजे मिथुन राशि में गोचर करेंगे। एस्ट्रोसेज एआई आपके लिए “बुध का मिथुन राशि में गोचर” का सभी राशियों पर प्रभाव नज़र आएगा इसलिए यहां हम आपको 12 राशियों का भविष्यफल और इनसे बचने के अचूक उपाय प्रदान करेंगे।
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बुध का मिथुन राशि में गोचर: राशि अनुसार प्रभाव और उपाय
मेष राशि
मेष राशि के जातकों के लिए बुध देव तीसरे और छठे भाव के स्वामी हैं और बुध का मिथुन राशि में गोचर 29 मई से 22 जून तक तीसरे भाव में होगा। इस गोचर में तीसरे भाव के स्वामी तीसरे भाव में ही आ रहे हैं और साथ ही छठे भाव के स्वामी भी तीसरे भाव में रहेंगे। तीसरा भाव हिम्मत, आत्मविश्वास, इच्छाशक्ति, जोखिम लेने की क्षमता, छोटे भाई-बहनों, पड़ोसी, दोस्तों और आपकी बातचीत करने की शैली से जुड़ा होता है। बुध इस भाव में बहुत सहज महसूस करते हैं , इसलिए यह गोचर आपके लिए काफी अच्छा रहेगा। इस समय आपके अंदर साहस और आत्मविश्वास बढ़ेगा।
छोटे भाई-बहनों और पड़ोसियों के साथ संबंध बेहतर होंगे। आपकी कम्युनिकेशन स्किल्स शानदार रहेंगी। अगर आप सेल्स, मार्केटिंग, मीडिया या किसी ऐसी फील्ड में हैं जहाँ बातचीत और नेटवर्किंग जरूरी है, तो यह समय आपके लिए बहुत फायदेमंद रहेगा। हालांकि, ध्यान रखें कि बुध छठे भाव का स्वामी भी है। छठा भाव रोग, शत्रु, कर्ज, विवाद, कोर्ट-कचहरी, दैनिक दिनचर्या और नौकरी से जुड़ा होता है।
इसलिए अगर पहले से पड़ोसियों, भाई-बहनों या करीबी दोस्तों से कोई तनाव चल रहा है, तो वह पहले हल्की बहस या कहासुनी के बाद सुलझ सकता है। कोशिश करें कि बात को बढ़ने न दें और संयम से काम लें।
उपाय: अपने छोटे भाई-बहन या कजिन को कोई उपहार दें। इससे रिश्तों में मधुरता आएगी और बुध का शुभ प्रभाव बढ़ेगा।
वृषभ राशि
वृषभ राशि वालों के लिए बुध महाराज आपके दूसरे और पांचवें भाव के स्वामी हैं। बुध का मिथुन राशि में गोचर आपके दूसरे भाव में होगा। यानी इस दौरान दूसरे भाव के स्वामी अपने ही दूसरे भाव में रहेंगे जो काफी शुभ माना जाता है। दूसरा भाव धन, बैंक बैलेंस, बचत, परिवार, खान-पान और वाणी से जुड़ा होता है। इसलिए आर्थिक दृष्टि से यह गोचर आपके लिए अच्छा रहेगा। अगर आपकी दशा भी साथ दे रही है, तो इस समय आप अच्छी कमाई कर सकते हैं। परिवार की तरफ से भी आर्थिक मदद या लाभ मिल सकता है।
आपकी वाणी प्रभावशाली रहेगी, जिससे काम में फायदा होगा। अब अगर पांचवें भाव की बात करें, तो यह बुद्धि, संतान, प्रेम संबंध और सट्टा (जैसे शेयर बाजार, लॉटरी, जुआ, सोशल मीडिया, एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री) से जुड़ा होता है। जब पांचवें भाव के स्वामी दूसरे भाव में आते हैं, तो इसका मतलब है कि इन क्षेत्रों से धन लाभ हो सकता है। अगर आप शेयर मार्केट, सोशल मीडिया, मनोरंजन या किसी भी तरह के स्पेक्युलेटिव काम में हैं, तो इस समय अच्छी कमाई के योग बन सकते हैं।
संतान की तरफ से भी खुशी मिल सकती है। उनके नाम से या उनके माध्यम से आर्थिक लाभ या उपहार मिल सकते हैं। अगर बच्चे दूर रहते हैं, तो उनके साथ फैमिली गेट-टुगेदर प्लान करने के लिए भी यह अच्छा समय है।
उपाय: रोज़ाना बुध बीज मंत्र “ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः” का जाप करें। इससे बुध का शुभ फल और बढ़ेगा।
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मिथुन राशि
मिथुन राशि के जातकों के लिए बुध आपके लग्न और चौथे भाव के स्वामी हैं और बुध का मिथुन राशि में गोचर आपके पहले भाव में होगा। यानी लग्नेश बुध का अपने ही लग्न में आना बहुत शुभ माना जाता है। पहला भाव आपके व्यक्तित्व, आत्मविश्वास, सेहत, ऊर्जा, आभा और पूरे शारीरिक ढांचे को दर्शाता है। जब लग्नेश लग्न में आता है, तो यह आपके लिए खुद पर काम करने का बेहतरीन समय होता है।
इस दौरान आपका आत्मविश्वास पहले से ज्यादा बढ़ेगा। आप अपनी पर्सनैलिटी, लुक्स और स्टाइल पर ज्यादा ध्यान देंगे। आप आर्थिक आकर्षक और प्रभावशाली नजर आएंगे। आपकी कम्युनिकेशन स्किल भी बहुत अच्छी रहेगी, जिससे लोग आपसे प्रभावित होंगे। अब बात करें चौथे भाव की तो यह मां, घर, सुख-सुविधाएं, वाहन और घरेलू जीवन से जुड़ा होता है। चौथे भाव का स्वामी जब लग्न में आता है, तो मां का सहयोग मिलेगा।
घर में सुख-शांति बनी रहेगी और आप घरेलू सुखों का आनंद लेंगे। अगर आपकी दशा साथ दे रही है, तो नया वाहन खरीदने का योग भी बन सकता है। अगर आप किसी नेतृत्व की भूमिका में हैं, तो अपने क्षेत्र या अपने लोगों से अच्छा समर्थन मिलेगा। कुल मिलाकर यह गोचर आपके लिए सकारात्मक और लाभकारी रहेगा।
उपाय: रोज़ाना भगवान गणेश की पूजा करें।
कर्क राशि
कर्क राशि वालों की कुंडली में बुध महाराज आपके बारहवें और तीसरे भाव के स्वामी हैं और बुध का मिथुन राशि में गोचर आपके बारहवें भाव में होगा। इस दौरान बारहवें भाव के स्वामी अपने ही बारहवें भाव में रहेंगे। बारहवां भाव विदेश, अध्यात्म, मोक्ष, आश्रम, ध्यान, एकांत स्थान, अस्पताल और पर्दे के पीछे होने वाली चीज़ों से जुड़ा होता है। यह खर्च और नुकसान का भाव भी माना जाता है। लेकिन जब बारहवें भाव के स्वामी बारहवें भाव में आते हैं, तो यह विपरीत राजयोग बनाता है। इसका मतलब है कि अगर आप किसी नुकसान या परेशानी से गुजर रहे हैं, तो अंत में वही चीज आपके लिए लाभ में बदल सकती है।
अगर आपको कोई स्वास्थ्य समस्या है और सर्जरी टाल रहे थे, तो यह समय उस दिशा में कदम बढ़ाने के लिए सही हो सकता है (अगर आपकी दशा भी साथ दे रही हो)। जो लोग अध्यात्म, ध्यान, आश्रम या किसी तीर्थ स्थान पर जाना चाहते थे लेकिन अवसर नहीं मिल रहा था, उन्हें इस दौरान अच्छे मौके मिल सकते हैं। अब तीसरे भाव की बात करें, तो यह छोटे भाई-बहन, पड़ोसी, हिम्मत और कम्युनिकेशन से जुड़ा है।
तीसरे भाव के स्वामी बारहवें में जाने से कभी-कभी इन क्षेत्रों में खर्च या दूरी दिखा सकता है। छोटे भाई-बहनों या पड़ोसियों से हल्की-फुल्की कहासुनी हो सकती है। खासतौर पर अपनी बोलचाल पर ध्यान रखें, क्योंकि अनजाने में कही गई बात किसी को चोट पहुंचा सकती है और बेवजह विवाद हो सकता है। कुल मिलाकर यह गोचर आध्यात्मिक रूप से उन्नति देने वाला है, लेकिन व्यवहार में संयम रखना जरूरी रहेगा।
उपाय: अपने आस-पड़ोस के बच्चों के लिए कुछ दान करें।
सिंह राशि
सिंह राशि के जातकों के लिए बुध महाराज आपके दूसरे और ग्यारहवें भाव के स्वामी हैं। बुध का मिथुन राशि में गोचर आपके ग्यारहवें भाव में होगा। यानी इस दौरान ग्यारहवें भाव के स्वामी ग्यारहवें भाव में ही रहेंगे और साथ ही दूसरे भाव के स्वामी भी ग्यारहवें भाव में आएंगे। ग्यारहवां भाव दोस्तों, मित्र मंडली, प्रोफेशनल नेटवर्क, बड़े संपर्क, इच्छाओं और जीवन की कामनाओं से जुड़ा होता है। इस गोचर के दौरान आपको अपने दोस्तों या नेटवर्क के जरिए अच्छा आर्थिक लाभ मिल सकता है। पिछले एक साल में किए गए निवेश से भी फायदा मिलने के योग बनते हैं।
आपको इस समय अच्छी निवेश सलाह, फाइनेंशियल नॉलेज और नए कमाई के मौके मिल सकते हैं। जो लोग अभी कमाना शुरू कर रहे हैं, वे भी निवेश की शुरुआत कर सकते हैं। आपकी कई भौतिक इच्छाएं इस समय पूरी हो सकती है। अब क्योंकि दूसरा भाव (धन, बचत, परिवार) और 11वां भाव (आय, लाभ) दोनों ही ज्योतिष में धन से जुड़े भाव हैं, और इनके स्वामी का 11वें में आना एक तरह का धन योग बनाता है।
इसलिए यह समय आपके लिए धन बढ़ाने वाला साबित हो सकता है। परिवार या रिश्तेदारों के माध्यम से भी आर्थिक लाभ मिल सकता है। आप इस दौरान अच्छे निवेश कर सकते हैं और बचत बढ़ा सकते हैं। कुल मिलाकर यह गोचर आपकी आर्थिक स्थिति के लिए बहुत ही अनुकूल और लाभकारी रहेगा।
उपाय: अपने बटुए में एक इलायची, एक चांदी का सिक्का रखें।
कन्या राशि
कन्या राशि के जातकों के लिए बुध देव आपके दसवें और पहले भाव के स्वामी हैं और बुध का मिथुन राशि में गोचर आपके दसवें भाव में होगा। यानी यानी इस दौरान कर्मेश (दसवें भाव के स्वामी) अपने ही दसवें भाव में रहेंगे, जो बहुत ही शुभ माना जाता है। दसवां भाव करियर, नौकरी, व्यवसाय, सामाजिक प्रतिष्ठा, कार्यक्षेत्र में आपकी पहचान और सफलता को दर्शाता है। इस गोचर के दौरान आपको काम की जगह पर अच्छी पहचान और सम्मान मिल सकता है।
अगर आप नौकरी की तलाश में हैं, तो अच्छी नौकरी मिलने के योग बन सकते हैं। अगर पहले से नौकरी में हैं, तो ऑफिस में सकारात्मक माहौल, सहकर्मियों का सहयोग और तरक्की के संकेत मिलेंगे। अगर आप बिजनेस करते हैं, तो नए क्लाइंट मिल सकते हैं। मुनाफा बढ़ेगा और आय में इजाफा होगा। आपकी सामाजिक छवि और प्रतिष्ठा में भी वृद्धि होगी।
लोग आपको अधिक गंभीरता से लेंगे और आपका प्रभाव बढ़ेगा। इस दौरान आप काम में काफी व्यस्त रहेंगे, चाहे नौकरी हो या व्यवसाय। कुल मिलाकर यह गोचर करियर और प्रतिष्ठा के लिए बहुत अनुकूल रहेगा।
उपाय: 5–6 कैरेट का पन्ना (एमराल्ड) धारण करें। बुधवार के दिन इसे पंचधातु या सोने की अंगूठी में पहनें। अगर यह संभव न हो, तो कम से कम अपने पास हरा रुमाल रखें।
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तुला राशि
तुला राशि वालों के लिए बुध नौवें और बारहवें भाव के स्वामी हैं और बुध का मिथुन राशि में गोचर आपके नौवें भाव में होगा। नौवां भाव भाग्य, किस्मत, धर्म, गुरु, शिक्षक, पिता, मार्गदर्शक और जीवन में मिलने वाले सहयोग से जुड़ा होता है। यह आपके धार्मिक और दार्शनिक विचारों, आस्था, उच्च शिक्षा जैसे एमबीए,एमएस, एमटेक, पीएचडी आदि। तीर्थ यात्रा और लंबी दूरी की यात्राओं को भी दर्शाता है। जब नौवें भाव के स्वामी नौवें भाव में आता है, तो यह बहुत शुभ माना जाता है। इस दौरान आपका भाग्य आपका साथ देगा।
पिता, गुरु और शिक्षकों के साथ संबंध अच्छे रहेंगे और उनका सहयोग मिलेगा। अगर आप किसी तीर्थ यात्रा, पवित्र नदी या धार्मिक स्थान पर जाने की सोच रहे हैं, तो यह समय अनुकूल है। अगर आप विदेश यात्रा करना चाहते हैं या विदेश में उच्च शिक्षा शुरू करना चाहते हैं, तो यह गोचर आपके लिए फायदेमंद रहेगा।
बारहवें भाव के स्वामी नौवें में आने से विदेश से जुड़े कामों में सफलता मिल सकती है। हालांकि एक सावधानी जरूरी है, इस दौरान अपने पिता की सेहत का खास ध्यान रखें और उनका नियमित हेल्थ चेकअप जरूर करवाएं।
उपाय: बुधवार के दिन गणेश मंदिर जाएं और भगवान गणेश को बूंदी के लड्डू का प्रसाद चढ़ाएं।
वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि वालों के लिए बुध देव आपके ग्यारहवें और आठवें भाव के स्वामी हैं और बुध का मिथुन राशि में गोचर आपके आठवें भाव में होगा, इसलिए इस समय आठवें भाव और ग्यारहवें भाव के स्वामी आठवें भाव में रहेंगे। आठवां भाव छुपी हुई चीज़ों, गुप्त बातों, अचानक मिलने वाले धन, विरासत, ससुराल पक्ष, आयु और योग-ध्यान जैसी गुप्त साधनाओं का भाव माना जाता है।
इस गोचर से अगर आप मानसिक तनाव, डर या मन से जुड़ी किसी परेशानी से गुजर रहे हैं तो उससे बाहर निकलने में मदद मिलेगी। ससुराल पक्ष से चल रही दिक्कतें सुलझ सकती हैं और पैतृक संपत्ति या विरासत से जुड़ा मामला आपके पक्ष में जा सकता है। अचानक धन मिलने के योग भी बन सकते हैं। हालांकि ग्यारहवें भाव का स्वामी भी आठवें भाव में जा रहा है, इसलिए मुनाफे और लाभ में थोड़ी कमी आ सकती है या निवेश से उम्मीद से कम फायदा मिल सकता है, इसलिए इस समय पैसों के मामले में सोच-समझकर कदम उठाएं।
उपाय: ट्रांसजेंडर का सम्मान करें, उनका आशीर्वाद लें और अपनी क्षमता अनुसार उन्हें कोई उपहार दें, इससे शुभ फल मिलेंगे।
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धनु राशि
धनु राशि वालों की कुंडली में बुध देव आपके सातवें भाव के स्वामी हैं और दसवें भाव के स्वामी हैं और बुध का मिथुन राशि में गोचर आपके सातवें भाव में होगा। इसलिए सातवें और दसवें भाव के स्वामी सातवें भाव में आ रहा है। सातवां भाव शादी, जीवनसाथी, प्रेम संबंध, बिजनेस पार्टनर और साझेदारी का भाव होता है। यह गोचर नए रिश्ते शुरू करने के लिए अच्छा है। अगर आप नई रिलेशनशिप में आना चाहते हैं, तो मौके अनुकूल रहेंगे। अगर आप अपना खुद का बिजनेस शुरू करना चाहते हैं तो समय साथ देगा।
जिनका पहले से व्यापार है, वे उसे बढ़ा सकते हैं। शादीशुदा लोगों के लिए भी यह समय अच्छा है, जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा और आपसी तालमेल मजबूत होगा। अब अगर दसवें भाव के स्वामी के सातवां भाव में आने की बात करें, तो यह भी फायदेमंद है। दसवां भाव करियर, काम, सामाजिक छवि और प्रतिष्ठा को दर्शाता है। इसलिए बिज़नेस शुरू करने या आगे बढ़ाने के लिए यह समय अच्छा है। शादी या किसी खास रिश्ते के जरिए आपकी समाज में इज्जत और स्टेटस भी बढ़ सकता है।
उपाय: अपने बेडरूम में इनडोर पौधे रखें, इससे सकारात्मक ऊर्जा बनी रहेगी।
मकर राशि
मकर राशिवालों के लिए बुध ग्रह आपके भाग्य भाव अर्थात नौवें भाव और छठे भाव के स्वामी हैं। बुध का मिथुन राशि में गोचर आपके छठे भाव में होगा। यानी छठे और नौवें भाव के स्वामी छठे भाव में आ रहे हैं। छठा भाव कर्ज, बीमारी, दुश्मन, कोर्ट-कचहरी के मामले, झगड़े और छिपे हुए शत्रुओं का होता है। साथ ही यह नौकरी, सेवा क्षेत्र, हेल्थकेयर और आपकी रोजमर्रा की दिनचर्या को भी दर्शाता है। जब छठे भाव के स्वामी छठे भाव में आता है, तो यह अच्छा माना जाता है। इसका मतलब है कि आपकी परेशानियां और संघर्ष धीरे-धीरे कम होंगे।
आप अपने दुश्मनों और विरोधियों का सामना खुद करने में सक्षम रहेंगे। झगड़ें और विवाद सुलझाने की ताकत मिलेगी। अगर कोई कर्ज या लोन चल रहा है तो उसे चुकाने में भी सफलता मिल सकती है। नौकरी या सर्विस से जुड़े लोगों के लिए भी यह समय मेहनत के अच्छे परिणाम देने वाला रहेगा।
लेकिन यानी 6वें और 9वें भाव का स्वामी 6वें भाव में आ रहा है। छठा भाव कर्ज, बीमारी, दुश्मन, कोर्ट-कचहरी के मामले, झगड़े और छिपे हुए शत्रुओं का होता है। साथ ही यह नौकरी, सेवा क्षेत्र, हेल्थकेयर और आपकी रोज़मर्रा की दिनचर्या को भी दर्शाता है।
जब 6वें भाव का स्वामी 6वें भाव में आता है तो यह अच्छा माना जाता है। इसका मतलब है कि आपकी परेशानियां और संघर्ष धीरे-धीरे कम होंगे। आप अपने दुश्मनों और विरोधियों का सामना खुद करने में सक्षम रहेंगे। झगड़े और विवाद सुलझाने की ताकत मिलेगी। अगर कोई कर्ज या लोन चल रहा है तो उसे चुकाने में भी सफलता मिल सकती है। नौकरी या सर्विस से जुड़े लोगों के लिए भी यह समय मेहनत के अच्छे परिणाम देने वाला रहेगा।
लेकिन नौवें भाव के स्वामी भी छठें भाव में जा रहा है, जो थोड़ा कम अनुकूल है। इससे पिता के साथ मतभेद हो सकते हैं या उनका सहयोग कम मिल सकता है। इसलिए सलाह है कि नियमित रूप से उनका आशीर्वाद लेते रहें, ताकि भाग्य का साथ बना रहे। साथ ही उनके स्वास्थ्य का खास ध्यान रखें।
उपाय: किसी अंधी लड़कियों के स्कूल में स्टेशनरी (कॉपी, पेन, पेंसिल आदि) दान करें, इससे शुभ फल मिलेंगे।
कुंभ राशि
कुंभ राशि वालों के लिए 29 मई से 22 जून 2026 तक बुध ग्रह मिथुन राशि में आपके पांचवें भाव में गोचर करेंगे। आपके लिए बुध पांचवें भाव के स्वामी हैं और आठवें भाव के स्वामी भी हैं। इस दौरान पंचमेश बुध पांचवें भाव में ही रहेगा और अष्टमेश भी पांचवें भाव में आ जाएगा। पांचवां भाव आपके दिमाग, बुद्धि, पढ़ाई-लिखाई, बच्चों, प्रेम संबंध, शौक और इच्छाओं को दर्शाता है। यह भाव शेयर मार्केट, सट्टा, लॉटरी, जुआ, सोशल मीडिया और एंटरटेनमेंट जैसे अनुमान आधारित कामों से भी जुड़ा होता है।
इस समय अगर आपके बच्चे हैं तो उनके साथ आपका तालमेल अच्छा रहेगा और आप उनके साथ अच्छा समय बिता पाएंगे। अगर आप किसी रिलेशनशिप में हैं तो पार्टनर के साथ समझ और प्यार बढ़ेगा। जो लोग शेयर मार्केट, सोशल मीडिया, एंटरटेनमेंट या किसी भी तरह के स्पेकुलेटिव काम से जुड़े हैं, उनके लिए यह समय तरक्की देने वाला हो सकता है। विद्यार्थियों के लिए भी यह समय खासतौर पर अच्छा रहेगा, खासकर जो मैथ्स, अकाउंटेंसी या किसी भाषा से जुड़े कोर्स कर रहे हैं, उनकी समझ और फोकस मजबूत होगा।
हालांकि अष्टम भाव का स्वामी भी पंचम भाव में आ रहा है, इसलिए जहां एक तरफ शेयर मार्केट जैसे कामों में अच्छा योग बनेगा, वहीं दूसरी तरफ बच्चों की तरफ से थोड़ी चिंता या परेशानी भी मिल सकती है। इसलिए बच्चों की सेहत और व्यवहार पर ध्यान देना जरूरी रहेगा।
उपाय: किसी अंधी लड़कियों के स्कूल में कॉपी, पेन, पेंसिल जैसी स्टेशनरी का सामान दान करें। इससे बुध ग्रह की शुभता बढ़ेगी और अच्छे परिणाम मिलेंगे।
मीन राशि
मीन लग्न वालों के लिए बुध ग्रह मिथुन राशि में आपकी चौथे भाव में गोचर करेगा। आपके लिए बुध चौथे भाव का स्वामी है (मिथुन राशि के कारण) और साथ ही सातवें भाव का स्वामी भी है (कन्या राशि के कारण)। यानी इस समय चतुर्थेश बुध अपने ही चौथे भाव में गोचर करेगा, जो एक मजबूत और शुभ स्थिति मानी जाती है। चौथा भाव आपकी माता, जन्मभूमि, घर-परिवार, वाहन और जीवन में मिलने वाले सुख-सुविधाओं को दर्शाता है।
यह भाव आपके घर की शांति, घरेलू माहौल और मानसिक सुकून से भी जुड़ा होता है। इस गोचर के दौरान यदि आप नया वाहन खरीदना चाहते हैं तो समय अनुकूल रहेगा। नया घर, प्रॉपर्टी या फ्लैट लेने के लिए भी यह बहुत अच्छा समय है। इस दौरान आप अपने परिवार के साथ, खासकर अपनी माता के साथ अच्छा और क्वालिटी समय बिता पाएंगे। घर में सुख-सुविधाएं बढ़ेंगी और आप घरेलू आराम का पूरा आनंद लेंगे।
माता का पूरा सहयोग और आशीर्वाद भी मिलेगा। जो लोग घर से कोई बिज़नेस शुरू करना चाहते हैं, उनके लिए यह गोचर बहुत शुभ है। रियल एस्टेट से जुड़े लोगों का काम भी तेजी से आगे बढ़ सकता है। कुल मिलाकर मीन लग्न वालों के लिए यह गोचर काफी अच्छा और लाभदायक रहने वाला है।
उपाय: अपने घर में तुलसी का पौधा लगाएं और रोज़ उसके सामने दीपक जलाएं। इससे बुध ग्रह के शुभ फल और बढ़ेंगे।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. बुध का मिथुन राशि में गोचर कब हो रहा है?
बुध ग्रह 29 मई 2026 को सुबह 11 बजे मिथुन राशि में गोचर करेंगे और 22 जून 2026 तक इसी राशि में रहेंगे।
2. बुध के मिथुन राशि में गोचर का सबसे ज्यादा प्रभाव किन क्षेत्रों पर पड़ेगा?
इस गोचर का प्रभाव बुद्धि, संवाद क्षमता, शिक्षा, व्यापार, शेयर मार्केट, रिश्तों, परिवार और आर्थिक स्थिति पर प्रमुख रूप से पड़ेगा। क्योंकि मिथुन राशि स्वयं बुध की राशि है, इसलिए इसका असर अधिक स्पष्ट दिखाई देगा।
3. क्या यह गोचर सभी राशियों के लिए शुभ रहेगा?
अधिकांश राशियों के लिए यह गोचर सकारात्मक परिणाम देने वाला है, खासकर जिनकी कुंडली में बुध मजबूत है। हालांकि कुछ राशियों को बोलचाल, विवाद या पारिवारिक मामलों में सावधानी बरतनी होगी।
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