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बुध का कर्क राशि में गोचर (जुलाई 11, 2016) - जानें इसके संभावित परिणाम!

जुलाई 11, 2016 को बुध ग्रह कर्क राशि में प्रवेश करेगा। क्या आप जानना चाहेंगे कि बुध के कर्क राशि में प्रवेश के साथ ही आप जीवन में कैसे बदलावों का अनुभव करेंगे? तो आइये जानें हमारी राशियों पर होने वाले प्रभावों के बारे में “ आचार्य रमन ” जी के साथ।

जानिए बुध का कर्क में गोचर

जुलाई 11, 2016 को बुध ग्रह कर्क राशि में प्रवेश करेगा। बुध ग्रह लगभग 28 दिनों तक एक राशि में रहता है। बुध सूर्य के बहुत समीप रहता है इसीलिए बहुधा यह सूर्य के साथ ही कुंडली में देखने को मिलता है अन्यथा एक घर के फ़र्क पर। बुध जिस घर में भी गोचर करता है उस घर के प्रभावों और जिस राशि में गोचर कर रहा है उसके प्रभावों में बदलाव लाता है किंतु अत्यधिक तीव्र गति के कारण जल्दी ही इसके प्रभाव बदल जाते हैं।

यदि आपकी बुध की प्रत्यंतर दशा चल रही है तो आपको इसके प्रभाव अधिक प्रतीत होंगे।

नोट : यह राशिफल आपकी लग्न राशि पर आधारित है।

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आइये देखते हैं आपकी राशि के ऊपर इसके क्या परिणाम हो सकते हैं :

मेष

आपके चतुर्थ भाव में बुध भ्रमण करेगा, काल पुरुष की कुंडली में यह चन्द्रमा का स्थान है। बुध इसको अपना परम शत्रु मानता है और चंद्रमा किसीको अपना शत्रु नहीं मानता। और बुध को राजकुमार का दर्जा हासिल है और चन्द्रमा को रानी का। तो आपको भी मन में थोड़ा तनाव बना रहेगा, अस्थिरता रहेगी - जैसे कम उम्र के लोगों में होती है, आजकल की युवा पीढ़ी में होती है। बातें बड़ी-बड़ी और काम के नाम पर कुछ नहीं। माँ बाप को ही अपना शत्रु समझना और उनकी ही जेब पर हाथ साफ़ करते रहना बहुत आम हो गया है। थोड़ा पैसा तो मिलेगा मगर खर्च कर देंगे, रोक के नहीं रख पाएंगे। लोग भी आपके लिए मददगार रहेंगे मगर आप ही अपनी उलझन में किसी का कुछ लाभ नहीं ले पाएंगे। सलमान खान को देखिये - मेष लग्न के जातक हैं, बड़े मशहूर भी हैं मगर ये भी थोड़े अस्थिर से हो जाएंगे। जैसे आप मेहनत पसंद लोग होते हैं वैसे ही यह अदाकार भी हैं।

वृषभ

जब खुद का ही मन अच्छा नहीं हो तो दूसरों को कैसे प्रसन्न कर पाएंगे, गाना भी है - सुर न सजे क्या गाऊँ, सबसे मिलजुलकर रहना तो अच्छी बात होती है मगर आपसे थोड़ी कमी रह जायेगी। खुद तो परेशान होंगे ही आप पड़ोस के लोगों को भी परेशान कर देंगे। वैसे तो दोनों ही ग्रह अच्छे हैं, और शुभता ही प्रदान करते हैं मगर जब दो लोगों की आपस में नहीं बनती तो न वे खुद चैन से रहते हैं न दूसरों को रहने देते हैं। खर्च भी अधिक करना पड़ेगा - या तो बातें अच्छी कर लो आज के समय में या जेब ढीली कर लो - तभी काम होते हैं। लोगों के वाद-विवाद करने की तो आदत ही रहती है, लेकिन उसको गंभीर मोड़ तक नहीं आने देना है। बातचीत, लिखाई पढ़ाई मोबाइल कंप्यूटर वगेरह से लाभ लीजिये। अच्छा होगा।

मिथुन

आपका द्वितीय भाव प्रभावित होगा, अच्छी बात यह रहती है कि बुध अधिक दिन तक एक राशि में रहता ही नहीं है। मगर ऐसी बात बहुत बार बुरी भी लगती है; जैसे हमारे यहाँ कोई हमारे बहुत पसंदीदा अतिथि आएँ और जल्दी ही 5-10 दिन में ही जाने के लिए लिए बोलने लगें तो हमें कितना बुरा लगता है। इस भाव में तो बुध अच्छे फल भी देता है - धन संभालने के बारे में आपको विचार आ सकते हैं। प्रेमिका के साथ खरीदारी करने का मौका आएगा - खर्च आपका ही होगा जैसे सैफ अली खान करीना कपूर के साथ बाजार जाएंगे तो जेब उनकी ही हलकी होगी, सैफ अली खान मिथुन लग्न के हैं और ज़रूर कुछ न कुछ महंगा सामान भी खरीद सकते हैं। कोई नयी फिल्म भी मिल सकती है।

कर्क

जैसे एक लट्टू को लगतार देखने से मन अस्थिर हो जाता है और हम अपनी आँखें हटा लेते हैं वैसे ही बुध एक चक्कर घिन्नी जैसा जल्दबाज़ ग्रह है जो आपके लग्न में आने वाला है। तो आपको भी बार-बार एक ही बात पर सोच-सोच कर अपना सर दुखा लेने की प्रवृत्ति हो सकती है, और बुध तो आपके लिए द्वादशेश है तो खर्चे तो करने ही हैं। जल्दबाज़ी इतनी तो नहीं करते हैं आप आमतौर पर मगर इस अवधि में थोड़ा सा संभल कर रहियेगा। कहीं दूर जाने का प्रोग्राम भी बन सकता है तो जाना भी चाहिए - आपको तो घूमने फिरना जितना हो सके उतना करना चाहिए। रमता जोगी बहता पानी। श्रीदेवी जी कर्क लग्न की अदाकारा हैं - कितने भिन्न-भिन्न जगहों पर उन्होंने शूटिंग करी है। संभव है वे भी कहीं घूम-फ़िर आएँ बहुत दूर विदेश के किसी धार्मिक शहर में या तड़क भड़क वाली नगरी में। पैसे खर्च होने का तो कोई गम उनको होना नहीं है - ये आप और हम जानते ही हैं।

सिंह

बुध को घूमना है कर्क राशि में और नक्षत्र एक उसमें बुध का भी आता है। भले ही राशि स्वामी से ना बनती हो मगर एक खुद का नक्षत्र होना ही बहुत होता है - जैसे हम किसी नयी जगह चले जाएँ और वहाँ के लोग हमको अधिक पसंद नहीं करते हों, और वहाँ पर कोई अपना मिल जाए तो कितना बड़ा सहारा हो जाता है। बस वैसा ही कुछ समझ लीजिये। शुरू में तो अजीब सा लगता है - तो आपको भी ऐसा ही महसूस हो सकता है, पुरानी बातें याद आ सकती हैं। वह बीते हुए अच्छे दिन याद आ सकते हैं और काम काज में थोड़ा ढीलापन भी आ सकता है मगर ठीक है - हमेशा काम में ही लगे रहना भी कौन सी अच्छी बात है। प्यार मोहब्बत के अंतरंग पल भी तो गुज़ारने चाहिए इंसान को। मैडोना को देखो - सिंह लग्न की कितनी मशहूर गायिका अदाकारा हैं, इनके प्यार के किस्से तो किसी से छुपे नहीं हैं, हो सकता है कोई नया भी इस समय में शुरू हो जाए। वैसे रजनीकांत भी सिंह लग्न के हैं और इनसे अधिक ख्याति तो आज शाहरुख़ खान की भी नहीं है। धन भी आना है इनके पास भी और आपके पास भी।

कन्या

आपके तो लग्न का स्वामी है बुध, कर्क आपके लाभ स्थान में है। फिर भी बहुत अच्छा नहीं रहेगा, कुछ काम तो होंगे निश्चित ही तौर पर, मगर कुछ एकदम से अटक भी जाएंगे। बात वही है न, आपकी किसी से बनती है किसी से नहीं तो कोई काम कर देगा कोई रोड़े अटका देगा जिससे आपका काम देरी से हो या आपको मानसिक क्लेश अधिक हो और अच्छे फल कम मिलें। मगर चिंता की कोई बात नहीं है सब हो जाता है, ज़िन्दगी चलती रहती है। अच्छी बातें तो होनी ही हैं, दोस्तों के साथ मौज-मस्ती तो होनी ही है और प्रेमिका को भी प्रसन्न करके चलेंगे तो फिर चिंता क्यों करते हैं - ये समय भी निकल जाएगा।

तुला

दशम भाव तो कर्म का सबसे प्रधान भाव है और यहाँ आने वाला हर ग्रह अपना कुछ न कुछ प्रभाव तो देके जाता है। आपके लिए तो बुध भाग्य-स्थान का स्वामी होकर दशम में है, ये अच्छा तो है लेकिन इसमें कुछ नुक्सान भी हैं। जल्दबाज़ी के कारण आपके कार्र्यों की गुणवत्ता पर प्रभाव पड़ सकता है, सोच विचार की उतनी आवश्यकता उतनी नहीं है जितना आप समझते हैं, बल्कि जीवन में हमेशा ध्यान रखिये - अधिक सोचने से होती हुई चीज़ें भी रुक जाती हैं। जैसे नमक अधिक हो गया तो स्वाद खराब हमेशा के लिए। आपको भी नमक उतना ही रखना है जिस से देरी न हो और बात भी बन जाए। माधुरी दीक्षित को देखिये तुला लग्न हैं - कितना संतुलित जीवन दिखता है, इस समय में हो सकता है जल्दबाज़ी में गलत निर्णय ले लें और धन हानि कर बैठें।

वृश्चिक

धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष, यही चार पुरुषार्थ हमारे ग्रंथों में बताये गए हैं, आपके लिए बड़ा ही शुभ समय है धर्म को प्राप्त करने का, धर्म स्थान में बुध के आने से बड़ा अच्छा रहेगा। भगवान विष्णु की आराधना के लिए उत्तम समय है। और सिर्फ ईश्वर की नहीं - जो साक्षात ईश्वर हमारे माता पिता और बड़े हैं, उनको भी अधिक सम्मान देना चाहिए नहीं तो किसी भगवान का कोई मतलब नहीं है - मतलब के लिए कुछ करा भी जाए तो वो बेमतलब ही रहता है। स्वार्थ सिद्धि के लिए करे गए पुण्य निष्फल होते हैं। संजय दत्त जो वृश्चिक लग्न के जातक हैं - उनको भी मन में धर्म आदि के विचार आने की बहुत सम्भावना हैं

धनु

अच्छे लोगों की ख़ासियत होती है कि वह जहाँ भी जाते हैं वहीं पर लोग जो बोलते हैं करते हैं वे किसी की बातों में नहीं आते और अपने सदुद्देश्य में लगे रहते हैं। माना भी जाता है कि सूर्य और चन्द्रमा को अष्टमाधिपति होने का कोई दोष नहीं होता। अष्टम भाव वैसे तो बहुत बुरा माना गया है मगर ऐसा सत्य नहीं है। रेखा को देखिये, धनु लग्न की जातिका हैं - आज सफलता के हर सोपान को पार चुकी हैं - इनकी जीवन के कुछ अनछुए पहलु जो सब सोचते हैं कि जानते हैं, ऐसा ज़रूरी नहीं - अष्टम भाव की खासियत है। इनके अष्टम भाव से बुध का जाना कोई पुराने लोगों से किसी मोड़ पर मिलने की सूरत पैदा करवा सकता है। और हम किसकी बात कर रहे हैं ये कोई रहस्य नहीं। आपके साथ भी ऐसा हो सकता है - ख़याल रखियेगा।

मकर

हर समय काम में लगे रहना और घर, परिवार, पत्नी आदि के लिए समय नहीं देना भी बहुत भारी पड़ता है। इस समय आपको यह सब खूब करना चाहिए और हो सके तो कहीं लम्बी यात्रा भी कर आनी चाहिए। आपको सोचना चाहिए कि जो लोग आपके लिए अपना सब कुछ लगाते हैं उनको आप बदले में क्या देते हैं। दोस्त हो गए, साझेदार हो गए, पति-पत्नी जो भी हों आप, रिश्तों की कीमत करने से ही उसके अच्छे परिणाम हमको मिलते हैं अन्यथा तो किसी बात का कोई मतलब नहीं है। दूसरी बात यह भी है कि ज़रूरी नहीं है आपकी बात ही सही हो, आप मन में कुछ सोच कर बैठे हैं और लोग आपसे कुछ और कहना चाह रहे हैं। तो बातें तभी सुलझती हैं जब सबके साथ प्रेम से खुलकर बात करी जाए। वैसे तो आप लोग होते भी बहुत धीर-गंभीर हैं और साथ ही कभी-कभी मज़ाकिया भी हो जाते हैं। अब दिलीप कुमार और संजीव कुमार दोनों को देख लीजिये - दोनों आपकी ही तरह मकर लग्न के जातक हैं और उनके अभिनय के रंगधनुष में कोई रंग बाकी नहीं रहा। सुचित्रा सेन भी मकर लग्न की बहुत बढ़िया अदाकारा हैं। तो मिलबैठ जाइए और चीज़ों को सही कीजिये।

कुम्भ

अमिताभ बच्चन, आमिर खान को कौन नहीं जानता और आप ये भी जान जाइए की दोनों ही कुम्भ लग्न के जातक हैं। कभी किसी को मुकम्मल जहाँ नहीं मिलता - इन दोनों के ही ऊपर बहुत सही भी है और बहुत गलत भी - सदी के महानायक तो हो गए मगर जो खुद होना चाहते थे वह नहीं हो पाये। कुम्भ लग्न का थोड़ा ऐसा ही जीवन रहता है। ऊपर के साथ साथ अंदर भी एक जीवन चलता रहता है। तो बुध आपके छठे घर में आएगा तो अच्छा ही है काम काज के लिए, बस प्यार मोहब्बत की बातें बंद करनी पड़ सकती हैं - मगर वह तो बाद में भी शुरू हो जाएंगी - घबराना कैसा? बुध ने तो जल्दी आगे चले जाना है। आप ही हैं जो अतीत में ही थम के रह जाते हैं। थोड़ा लोगों से साथ के काम करने वालों से अच्छा व्यवहार रखिये, फिर देखिएगा कि कैसे आपको दूसरों से पहले वरीयता मिल जाती है।

मीन

वैसे तो इस भाव में बुध प्रसन्न रहता है लेकिन क्योंकि चन्द्रमा की राशि में है तो शुरू में परेशान ही करेगा, लेकिन आपको परेशान नहीं होना है - कुछ ही दिन में सब वापस पहले जैसा ही हो जाएगा। आपको तो आनंद लेना चाहिए। दुनिया में जो भी मनोरंजन, कला, संगीत, फिल्म, इश्क़ मोहब्बत के अफ़साने आदि जो भी है सभी का। पूरे मन से। खुश रहना चाहिए और दूसरों के साथ बढ़िया हंसी मज़ाक, हास-परिहास करते रहना चाहिए। थोड़ा ऐसा हो सकता है कि आपके कुछ काम एकदम से रुक जाएँ तो घबराना नहीं है, थोड़े दिन की ही बात रहेगी। आपको जीवन-साथी को भी हर तरह से खुश रखना है और यदि विवाहित नहीं हैं तो प्रेमिका को। हतोत्साहित नहीं होना है।

2017 गोचर

मंगल का मकर में गोचर मंगल वृश्चिक में वक्री मंगल का वृश्चिक में गोचर मंगल का तुला राशि में गोचर मंगल का कन्या में गोचर मंगल का सिंह राशि में गोचर मंगल अस्त मेष राशि में मंगल का मेष में गोचर मंगल का मीन में गोचर मंगल का मिथुन में गोचर मंगल का वृषभ में गोचर मंगल का वृषभ में गोचर मंगल का गोचर कुम्भ राशि में शनि वृश्चिक में अस्त शनि वक्री वृश्चिक में वृश्चिक राशि में शनि उदय सूर्य का तुला राशि में गोचर सूर्य का मीन में गोचर सूर्य का कुम्भ में गोचर सूर्य का मकर में गोचर सूर्य का धनु राशि में गोचर सूर्य का वृश्चिक राशि में गोचर सूर्य का कन्या राशि में गोचर सूर्य का सिंह राशि में गोचर सूर्य का कर्क में गोचर सूर्य का मिथुन में गोचर सूर्य का वृषभ में गोचर सूर्य का मेष में गोचर सूर्य का वृषभ में गोचर सूर्य का मिथुन में गोचर
धनु राशि में शुक्र का गोचर शुक्र का वृश्चिक में गोचर शुक्र का कन्या में गोचर शुक्र कर्क में मार्गी शुक्र का मीन में गोचर शुक्र का कुम्भ में गोचर शुक्र का मकर में गोचर शुक्र मेष में अस्त शुक्र का वृश्चिक में गोचर शुक्र का तुला में गोचर मंगल का कर्क में गोचर अस्त शुक्र का कर्क में गोचर शुक्र सिंह राशि में वक्री शुक्र का वृषभ में गोचर शुक्र का मेष में गोचर शुक्र का सिंह में गोचर शुक्र का मिथुन में गोचर शुक्र का कर्क में गोचर शुक्र का मिथुन में गोचर शुक्र का वृषभ में गोचर शुक्र का वृश्चिक में गोचर वृश्चिक राशि में शुक्र उदय गुरु कन्या राशि में वक्री गुरु का सिंह में गोचर गुरु सिंह राशि में अस्त गुरु कर्क राशि में मार्गी कर्क राशि में बृहस्पति वक्री गुरु कर्क राशि में मार्गी शनि धनु राशि में वक्री

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