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मंगल का कुंभ राशि में गोचर, 11 दिसंबर 2016

ज्योतिष शास्त्र में मंगल को एक शक्तिशाली ग्रह बताया गया है। मंगल ग्रह महत्वाकांक्षा, आत्मविश्वास और अहंकार आदि का प्रतिनिधित्व करता है। मंगल का सीधा प्रभाव मनुष्य के स्वभाव और आत्मविश्वास पर पड़ता है। कुंडली में मंगल की अच्छी दिशा बेहद कामयाब बनाती है लेकिन वहीं मंगल की बुरी दिशा होने से कष्ट और विपत्ति भी आती है। 11 दिसंबर रविवार को मंगल ग्रह मकर राशि से संचरण करते हुए कुंभ राशि में प्रवेश करेगा। मंगल ग्रह कुंभ राशि में 20 जनवरी 2017 शुक्रवार तक स्थित रहेगा। मंगल का यह गोचर हमारे जीवन में बड़े बदलाव लेकर आएगा हालांकि ये बदलाव लाभदायक और हानिकारक दोनों हो सकते हैं। राशि के अनुसार मंगल के इस गोचर का आपके जीवन पर क्या होगा असर, जानने के लिए पढ़ें यह खास लेख।

Mangal grah December 11, 2016 ko kumbh rashi mei jaega.

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सूचना : यह राशिफल आपकी लग्न के आधार पर है। अपना लग्न जानने के लिए यहाँ क्लिक करें: लग्न ज्ञात कीजिए

कौन - कौन सी राशियों पर क्या - क्या होगा प्रभाव आइये देखते हैं:

मेष

मंगल ग्रह आपके 11वें भाव में गोचर कर रहा है, जो महत्वाकांक्षा, सफलता और लंबी यात्रा को दर्शा रहा है। जीवन में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। इस दौरान होने वाली उन्नति और वृद्धि से आप खुद हैरान हो जाएंगे। व्यक्तित्व विकास होने से स्वभाव में परिवर्तन होगा। आय में बढ़ोतरी होने की संभावना है,आकर्षक लाभ भी होगा। परिजनों का ध्यान रखें और किसी भी नतीजे पर पहुंचने से पहले अच्छे से सोचें। संवाद की कमी की वजह से आपके और जीवन साथी के बीच ग़लतफहमी हो सकती है। कुछ वक्त अपने परिजनों के साथ बीताएं। कुल मिलाकर मंगल के गोचर से ज्ञान और बुद्धि में वृद्धि होगी। आपकी राह में आने वाली समस्याएं स्वत: ही दूर हो जाएंगी। आप हर कठिनाई को आसानी से पार कर जाएंगे।

वृषभ

क्रोधी स्वभाव का मंगल ग्रह आपके 10वें भाव में संचरण कर रहा है। यह घर आपके करियर, व्यवसाय, प्रसिद्धि और पहचान का कारक होता है। इस वक्त में अपने आसपास के माहौल को लेकर सजग रहें। आंख मूंदकर किसी भी व्यक्ति पर भरोसा नहीं करें क्योंकि ऐसा संभव है कि कोई आपको हानि पहुंचा सकता है। ऐसे लोगों से दूर रहने की कोशिश करें जो निराशावादी विचारों का वातावरण निर्मित करते हों। परिवार के साथ सैर पर जाने के लिए उत्साहित रहेंगे। पत्नी का व्यवहार सहयोगपूर्ण रहेगा। ऐसे लोगों से सावधान रहें जो आपसे मित्रता करने की कोशिश करे, क्योंकि कुछ लोग आपके भोलेपन का फायदा उठा सकते हैं। परिजनों के प्रति स्नेह का भाव रखें और उनका ख्याल रखें।

मिथुन

मंगल आपके 9वें भाव में गोचर कर रहा है। यह घर आपके भाग्य, शिक्षा, गुरू और धर्म से जुड़ा है। इस वक्त में इच्छा और लालसा पर आपका नियंत्रण रहेगा। किसी खास अभियान पर जाने या समुद्री और हवाई यात्रा के योग हैं। बच्चे आपका स्नेह पाने के लिए इच्छुक रहेंगे हालांकि व्यस्त होने की वजह से आप परिजनों और बच्चों को वक्त नहीं दे पाएंगे। प्रियतम का भरपूर सहयोग मिलेगा। सभी से अच्छे संबंध रखें और उन्हें निभाकर चलें। मन में आशावादी भाव रखें और सोचें कि आने वाला कल बेहतर होगा। स्वयं की सुरक्षा का खास ख्याल रखें।

कर्क

हठधर्मी स्वभाव का मंगल ग्रह आपके 8वें भाव में गोचर कर रहा है। यह भाव आपकी आयु, जीवन, बड़े बदलाव और क्रांतिकारी परिवर्तन को दर्शाता है। इस दौरान ज्यादा नहीं सोचें और तनाव बिल्कुल नहीं लें। क्योंकि दिमाग पर ज्यादा भार बढ़ने से आप ठीक तरह से काम नहीं कर पाएंगे। इस वजह से एकाग्रता की कमी होगी। नियमित रूप से योग और ध्यान करें ताकि मानसिक शांति मिले। बेवजह के विचार दिमाग में नहीं लाएं, कुशलता के साथ काम करें। अचानक कोई लाभ हो सकता है। प्रेमिका के साथ अच्छा वक्त बीताएंगे। नई ऊर्जा का संचार होगा।

सिंह

मंगल ग्रह आपके 7वें भाव में संचरण कर रहा है। यह भाव जीवन साथी, व्यवसाय, साझेदारी और विदेशी संबंधों से संबंधित है। रिश्तों में तनाव होने से हताशा और परेशानी बढ़ेगी। इस दौरान जल्दबाजी में फैसला लेने से बचें। सड़क दुर्घटना की आशंका है इसलिए तेज गति से वाहन नहीं चलाएं। शांति और सद्भाव के साथ रहें। लोगों को सुनें और उनकी बातों और आचरण का आकलन कर उन्हें जवाब दें। हालांकि आपका स्वभाव उग्र और झगड़ालूु प्रवृत्ति का है, लेकिन अच्छी सोच की मदद से आप इससे छुटकारा पा सकते हैं।

कन्या

मंगल ग्रह आपके छठवें भाव में गोचर कर रहा है। यह घर स्वास्थ, व्यवसाय और कठिन परिश्रम से संबंधित है। यह समय आपकी आजीविका और व्यवसाय के लिए बेहद अच्छा है क्योंकि आपको हर मोर्चे पर सफलता मिलेगी। जिस काम में आप हाथ डालेंगे, अच्छा करेंगे और उस पर आपको गर्व महसूस होगा। अपार सफलता की वजह से आप आसमान की बुलंदियों पर होंगे। हालांकि इस दौरान आप अहंकारी हो जाएंगे। सभी तरह के मुद्दों पर परिचर्चा में सफलता मिलेगी और कामयाबी आपके कदम चूमेगी।

तुला

मंगल आपके पांचवें भाव में प्रवेश कर रहा है। यह घर बुद्धि, विद्या और प्रेम संबंध आदि को दर्शाता है। इस गोचर के फलस्वरूप आपके अंदर आलस्य का भाव आएगा। इस दौरान कई अच्छे मौके मिलने की संभावना है लेकिन आलस्य की वजह से आप इन अवसरों से चूक जाएंगे। भौतिक सुख सुविधाओं को पाने की तीव्र इच्छा होगी। आमदनी बढ़ने के योग भी हैं। जो छात्र उच्च शिक्षा के लिए विदेश जाने की योजना बना रहे हैं, वे अपनी योजना को कुछ वक्त के लिए टाल दें। मन में अचानक से घर की साज-सज्जा करने का विचार आएगा। कड़ी मेहनत के बाद भी अगर थोड़ा ही फल मिले तो निराश नहीं होयें, छोटी-छोटी सफलता में ही खुशी ढूंढने का प्रयास करें। जीवन में कुछ बड़ा करने की सोचिये। एक बात समझ लें कि, खुशियां बाहर मत ढूंढिये आपके घर में ही खुशियों का संसार बसा है।

वृश्चिक

मंगल आपके चौथे भाव में गोचर कर रहा है। यह घर आपके प्रयास, कौशल और भाई-बहनों से संबंधित है। गोचर के दौरान आपके स्वभाव में उग्रता बढ़ेगी क्योंकि मंगल एक हठधर्मी स्वभाव का ग्रह है जिसका असर आपके व्यवहार पर पड़ेगा। हताशा बढ़ने से अचानक क्रोधित हो जाएंगे, इसलिए घर और ऑफिस में शांति और संयम के साथ काम लें। उग्र स्वभाव की वजह से परिवार में विवाद की स्थिति बन सकती है। हालांकि इस दौरान जीवन साथी आपकी भावनाओं को समझने की कोशिश करेगा। आय बढ़ेगी और आकर्षक लाभ होगा। जमीन और प्रॉपर्टी में निवेश करने की इच्छा होगी। शेयर बाजार से भी जबर्दस्त मुनाफे का योग है।

धनु

मंगल आपके तीसरे भाव में गोचर कर रहा है। यह घर छोटे भाई-बहन, पराक्रम और धैर्य से संबंधित है। इस समय में जो भी परिस्थितियां बनेंगी आप खुद को उनमें ढाल लेंगे। गुण और कौशल में बढ़ोतरी होगी इसकी छाप आपके काम में देखने को मिलेगी। राह में कई चुनौतियां आएंगी लेकिन सभी बाधाओं को पार कर जीत आपकी ही होगी। छोटे भाई-बहन आपके जीवन में कई खुशियां लेकर आएंगे। कभी वे आपके मजबूत कंधे बनेंगे तो कभी अच्छे दोस्त। ऐसा कोई मामला जिसकी वजह से आप लंबे समय से संघर्ष करते आ रहे हैं उसका समाधान हो जाएगा। कोर्ट-कचहरी से जुड़े मामलों में जीत के योग हैं। वे लोग जो काफी समय से यात्रा का मन बना रहे हैं उनकी ये कामना पूरी होगी।

मकर

मंगल आपके दूसरे भाव में संचरण कर रहा है। यह घर भाषा, संचार, परिवार और आर्थिक पक्ष को दर्शाता है। मंगल के गोचर के दौरान कहासुनी और झगड़े हो सकते हैं। किसी खास व्यक्ति से विवाद होने की वजह से रिश्तों पर बुरा असर पड़ेगा। इस दौरान क्रोध पर नियंत्रण रखें। वाहन चलाते समय सावधानी बरतें। लोगों को बेवजह चिड़ाने और परेशान करने की कोशिश नहीं करें। जिस सोसायटी में आप रह रहे हैं वहां लोगों के प्रति विनम्रता का भाव रखें।

कुंभ

मंगल आपकी राशि में गोचर कर रहा है। यह समय आपके लिए थोड़ा मुश्किल होगा। इस दौरान स्वभाव उग्र रहेगा और क्रोध के चलते वाणी पर संयम नहीं रहेगा। मंगल के प्रभाव की वजह से आपका व्यवहार हठधर्मी रहेगा। आपके स्वभाव और कर्म के परिणाम स्वरूप आप दुखी हो सकते हैं। इसलिए परिस्थितियों को समझें और जल्दबाजी में कोई निर्णय नहीं लें। किसी भी कीमत पर जोखिम उठाने का साहस नहीं दिखाएं, नहीं तो परेशानी हो सकती है। मंगल के प्रभाव से रचनात्मक और विनाशकारी दोनों तरह की ऊर्जा मिलेगी लेकिन यह आप पर निर्भर करता है कि इसका सही इस्तेमाल कैसे करा जाए। आत्मविश्वास में बढ़ोतरी होगी लेकिन मंगल के प्रभाव के चलते अपनी राह से भटक या पीछे हट सकते हैं। कुल मिलाकर उग्र स्वभाव रहने की वजह से परेशानी उठानी पड़ेगी, हालांकि समझदारी और हालात को देखकर निर्णय लेने से आप इन परेशानियों से बच सकते हैं।

मीन

मंगल आपके 12वें भाव में गोचर कर रहा है। यह घर आपकी शैया सुख, अनिंद्रा, विदेश मामले और यात्रा से संबंधित है। आय में अचानक वृद्धि होगी और आप बेहिसाब तरीके से खर्च करेंगे। शक्ति और सामर्थ्य से आत्मविश्वास बढ़ेगा। इस दौरान मिलने वाले हर अवसर में सफलता प्राप्त करेंगे। विदेश यात्रा पर जाने के योग भी बन रहे हैं। सामाजिक जीवन में सुधार होगा,लोगों से मेल मिलाप बढ़ेगा। जीवन में आगे बढ़ने के लिए दोस्तों और अन्य लोगों से भरपूर सहयोग लें। किसी के मनोबल को ठेस पहुंचाने के बजाय उसका आत्मविश्वास बढ़ाएं। वे विरोधी जिन्होंने आपको नुकसान पहुंचाया था, उनको अपनी गलती का अहसास होगा। तनाव से बचने के लिए ज्यादा नहीं सोचें, बस काम पर अपना ध्यान दें।

2017 गोचर

मंगल का मकर में गोचर मंगल वृश्चिक में वक्री मंगल का वृश्चिक में गोचर मंगल का तुला राशि में गोचर मंगल का कन्या में गोचर मंगल का सिंह राशि में गोचर मंगल अस्त मेष राशि में मंगल का मेष में गोचर मंगल का मीन में गोचर मंगल का मिथुन में गोचर मंगल का वृषभ में गोचर मंगल का वृषभ में गोचर मंगल का गोचर कुम्भ राशि में शनि वृश्चिक में अस्त शनि वक्री वृश्चिक में वृश्चिक राशि में शनि उदय सूर्य का तुला राशि में गोचर सूर्य का मीन में गोचर सूर्य का कुम्भ में गोचर सूर्य का मकर में गोचर सूर्य का धनु राशि में गोचर सूर्य का वृश्चिक राशि में गोचर सूर्य का कन्या राशि में गोचर सूर्य का सिंह राशि में गोचर सूर्य का कर्क में गोचर सूर्य का मिथुन में गोचर सूर्य का वृषभ में गोचर सूर्य का मेष में गोचर सूर्य का वृषभ में गोचर सूर्य का मिथुन में गोचर
धनु राशि में शुक्र का गोचर शुक्र का वृश्चिक में गोचर शुक्र का कन्या में गोचर शुक्र कर्क में मार्गी शुक्र का मीन में गोचर शुक्र का कुम्भ में गोचर शुक्र का मकर में गोचर शुक्र मेष में अस्त शुक्र का वृश्चिक में गोचर शुक्र का तुला में गोचर मंगल का कर्क में गोचर अस्त शुक्र का कर्क में गोचर शुक्र सिंह राशि में वक्री शुक्र का वृषभ में गोचर शुक्र का मेष में गोचर शुक्र का सिंह में गोचर शुक्र का मिथुन में गोचर शुक्र का कर्क में गोचर शुक्र का मिथुन में गोचर शुक्र का वृषभ में गोचर शुक्र का वृश्चिक में गोचर वृश्चिक राशि में शुक्र उदय गुरु कन्या राशि में वक्री गुरु का सिंह में गोचर गुरु सिंह राशि में अस्त गुरु कर्क राशि में मार्गी कर्क राशि में बृहस्पति वक्री गुरु कर्क राशि में मार्गी शनि धनु राशि में वक्री

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