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बुध वक्री वृषभ राशि में 2015 - मई 19, 2015

बुध ग्रह वृषभ राशि में मई 19, 2015 को वक्री हो रहा है। बुध ग्रह के वृषभ राशि में वक्री होने से सभी जातकों पर अलग-अलग प्रकार के प्रभाव होंगे। आइये ज्योतिष ‘’आचार्य रमन’’ से जानें इसके होने वाले प्रभाव।

बुध वृषभ में वक्री होने का राशिफल जानने के लिए पढ़ें बुध वक्री राशिफल 2015।

बुध 19 मई को वृषभ में वक्री हो जाएगा और 12 जून को पुनः मार्गी होगा। अपनी मित्र राशि में होने के कारण इसका अधिक दुष्प्रभाव नहीं होगा। बुध का जिन चीज़ों और वस्तुओं पर अधिपत्य है उनकी कार्य कुशलता में थोड़ी कमी आएगी। बुद्धि और कुशाग्रता का कारक होने के कारण लोगों की सामान्य विवेक पर इसका बुरा असर पड़ सकता है किन्तु यह सब कोई अधिक समय तक नहीं रहने वाला अतः बचाव से बढ़िया कोई उपाय नहीं है।

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सभी जातकों पर इस गोचर के निम्न प्रभाव हो सकते हैं:

मेष

Ariana Grande

वक्री ग्रह विपरीत प्रभाव दे देते हैं। बुध आपके पराक्रम और रिपु भाव का स्वामी है। आपको चाहिए की आप अपने सामाजिक और घरेलू संबंधों में धैर्य तथा संयम बनाये रखें। इस से आपकी ही प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। दूसरों पर अपनी धारणा को थोपिये नहीं। इस से सभी लोगों को तकलीफ होती है और पीठ पीछे बुराई के पात्र बनते हैं। शत्रुओं अथवा वे लोग जिनको आप जानते हैं की वो आपसे ईर्ष्या रखते हैं , उनसे दूर रहना ही सबसे अच्छा है। आपको इस समय में ग़लतफ़हमियाँ होने की बहुत गुंजाइश है अतः जिस से भी बात करें खुल कर हर बिंदु पर करें। हो सकता है की आपके सेल फ़ोन का नेटवर्क बार बार गड़बड़ हो और उसमें इंटरनेट भी धीमा चलने लगे। इस से क्रोधित होने की आवश्यकता नहीं है। ये स्वयमेव कुछ दिन बाद ठीक हो जाएगा। आप मेहनती और अर्जुन की तरह लक्ष्य पर सदा केंद्रित तो रहते ही हैं। इन सब सावधानियों से आपको और अधिक लाभ होगा।

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वृषभ

Hamsa Nandini

लग्न हमारा पूरा शरीर भी दर्शाता है और मस्तिष्क भी। जब कोई ग्रह लग्न में आके वक्री होता है तो उसका प्रभाव हमारी विचारधारा पर भी पड़ता है। जन्म गत वक्री ग्रह और गोचर के फल अलग होते हैं। आपकी सोच में दूसरों के प्रति थोड़ा अविश्वास आ सकता है। अच्छा होगा की किसी भी तथ्य की पूर्ण जांच स्वयं करें और दूसरों की कहीं बातों पर अधिक ध्यान न दें। आपका मन वैसे तो प्रफुल्लित ही रहेगा किन्तु आपके व्यक्तिगत संबंधों में कुछ कमी आ सकती है। बोलते समय ध्यान रखें, ऐसा न हो की बोलना कुछ हो और मुँह से कुछ और वाक्य निकल जाए। ऐसा होना बहुत संभव है अतः एहतियात भी बहुत आवश्यक है। यदि आपके निजी सम्बन्ध बहुत अधिक हैं तो अपना धैर्य और वाक्य विन्यास नियंत्रण में रखिये। आप जल्दीबाज़ी में किसी अच्छे सौदे को नकार सकते हैं। किसी भी निर्णय को सोचविचार कर ही कार्यान्वित कीजिये।

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मिथुन

Kulraj Randhawa

बुध आपका लग्नेश है। द्वादश भाव में जाने से यह होगा की आपको सामान्य से अधिक प्रयास करने होंगे, वह वक्री भी है अतः आपको अचानक सफलता भी दे सकता है। यह समय यात्राओं के लिए बिलकुल उचित नहीं है क्योंकि इस से आपको धन का व्यय ही अधिक होना है और लाभ कम। यह भी संभव है की जिस उद्देश्य से आप यात्रा पर जाएँ वह महत्वहीन हो जाए या अंतिम समय पर फ़ोन अथवा मेल पर ही समाधान निकल आये। लोगों से हमेशा यह अपेक्षा रखना की वे हमारा साथ देंगे यह उचित नहीं है। आज का समय में बड़ा मुश्किल हो जाता है ऐसी धारणा के साथ जीवन यापन करना। आपको भी मित्रों से इस समय में अधिक आशा नहीं करनी चाहिए। इस समय में किसी से धन लेना भी उचित नहीं है न किसी को धन देना।

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कर्क

Ashwini Kalsekar

आपके लग्नेश के लिए बुध प्रबल शत्रुता का भाव रखता है। सबसे अच्छा जीवन वह नहीं होता जिसमें धन का महत्त्व सर्वाधिक हो बल्कि वह होता है जिसमें शांति और संयम की अधिकता हो। ख़र्चे करने ही हैं तो किसी उचित ध्येय पर करना समझ में आता है किन्तु सिर्फ दिखावे और बनावटी जीवन शैली को प्रोत्साहन देने के लिए किये गए व्यय व्यर्थ के ही होते हैं। इनसे आपको बच के रहना चाहिए। अपने साथियों को आप दीजिये भी उतना जितना आप उनसे लेते हैं चाहे वह वक़्त हो या धन या श्रम। तभी कोई भी सम्बन्ध दूर तक चलता है। आप दूसरों के सामने सिर्फ स्वार्थी सिद्ध हो सकते हैं और लोग आपके लिए अपनी ततपरता में कमी कर सकते हैं।

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सिंह

Divyanka Tripathi

बहुत बार ऐसा होता है की हम सोचते कुछ हैं और हो कुछ और जाता है। बड़े बड़े खिलाड़ी नए लोगों से हार जाते हैं। चालाक लोग भी गलती कर बैठते हैं।धन और लाभ का स्वामी वक्री हो जाए तो ऐसा बहुत संभव हो जाता है। आपको चाहिए धन और भविष्य की योजनाओं को लेकर पूर्ण सजग रहें और स्वयं का प्रयास अधिक रखें बजाय दूसरों पर भरोसा करने के। कार्यस्थल पर सभी से वैसे भी मिलजुलकर रहना चाहिए और इस समय में ऐसा करना अधिक प्रभावी रहेगा। आधुनिक कार्यशैली में कोई भी छोटा या बड़ा नहीं होता, सब अपना नियत कार्य करते हैं और वेतन पाते हैं। अहंकार को यथासम्भव दूर रखिये और आयु में अधिक लोगों के प्रति सम्मान का भाव बनाये रखिये भले ही उनका पद आपसे नीचे हो।

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कन्या

Divyanka Tripathi

ईश्वर का ध्यान सदा ही करते रहना चाहिए, ये नहीं की सिर्फ मुश्किल वक़्त में ही उनको परेशान करा जाए। तीर्थ आदि जब संभव हो तब हो आना चाहिए। तीर्थों में जाकर अपनी तामसिकता को पूर्ण तिलांजलि दे देनी चाहिए। इस समय में आपको किसी तीर्थ पे हो आना चाहिए। इसमें घूमना फिरना, परिवार के साथ समय व्यतीत करना तो होगा ही, धन का अपव्यय भी बच जायेगा। दान में दिया धन तो किसी न किसी रूप में लौट के आता ही है। इसे हम खर्च नहीं कह सकते। और लाभ यह भी रहेगा की कोई अनिष्ट जो की बहुत संभव दीखता है इस समय में - उस से आपका बचाव हो जाएगा। जब आप अपने कर्म क्षेत्र में ही नहीं रहेंगे तो कैसा नुक्सान हो सकता है।

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तुला

Deeksha seth

बुध आपका भाग्येश और द्वादशेश है। वक्री ग्रह बहुत बार उलट परिणाम दे देते हैं। अभी तक जो काम आपको लग रहे थे की किसी कारण से नहीं हो पा रहे हैं , वो किसी की सहायता से संभव हो सकते हैं। किसी का पैसा लेके उसको समय पे नहीं देना अच्छी बात नहीं है। इस से सामाजिक प्रतिष्ठा को बहुत आघात पहुँचता है। आपका यदि कोई इस प्रकार का मसला उलझ गया है तो अच्छा होगा की आमने सामने बात कर लें समय सीमा पुनः निर्धारित कर लें और इस और प्रयास करें। इस से आपको यश भी मिलेगा और आपको अपने अंदर शांति का एहसास भी होगा। मन की शांति ही सबसे बड़ी होती है , इस भाग दौड़ भरी जीवन शैली में। पुराने कुछ कर्म आपके अभी आपको सुफल दे सकते हैं। आपको ये ध्यान रखना चाहिए की इस वक़्त कौन आपके लिए सबसे मददगार साबित हो सकता है।

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वृश्चिक

Irfaan Khan

जीवन साथी ही हमारे सबसे करीब होता है और वही किसी भी बुरे समय में हमारे काम भी आता है। थोड़ा बहुत विवाद तो सबके साथ लगा ही रहता है, उसका यह मतलब नहीं होता की आपसी प्यार में कमी आ गयी है। फ़ुरसत के क्षणों में दोनों साथ बैठ कर अपनी सारी परेशानियाँ एक दुसरे को बता सकते हैं और अपने शिकवे शिकायत दूर कर सकते हैं। यही इस समय का मूल मन्त्र है। क्रोध से कभी किसी का भला नहीं हुआ और ना कभी होगा। अधिक सोचने दुविधापूर्ण स्थति में बने रहना कोई समाधान नहीं है। जिन दोस्तों को आप सोचते थे की वो किसी काम के नहीं वही हो सकता है की आपके सबसे हितेषी सिद्ध हो जाएँ।

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धनु

Harman Baweja

सप्तम भाव का स्वामी छठे में जाए तो पत्नी के साथ कुछ गंभीर विवाद उत्पन्न कर देता है और यहाँ आपके लिए खुश होने की बात यह है की आप अपने विवाद स्वयं ही सुलझा भी लेंगे।उग्र व्यवहार का कोई साथी नहीं होता और शांति और हंसमुख लोगों के साथ सभी खड़े रहते हैं। बस इसी पर नियंत्रण करते हुए आगे बढ़ते रहिये, सफलता आपके लिए प्रतीक्षा रत है। हम जहां भी हों वहां हमारे बारे में कोई बुराई न हो ये मुमकिन नहीं है क्योंकि सीढ़ी सी बात है की एक आदमी सभी को सामान रूप से खुश नहीं रख सकता। लेकिन दफ्तर हो या व्यवसाय, जहां तक हो सके सभी से सम्बन्ध अच्छे रखने चाहिए और किसी की भी पीठ पीछे बुराई न तो करनी चाहिए और न सुननी चाहिए। अपने को लक्ष्य केंद्रित रखते हुए आगे बढ़िए।

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मकर

Hina Khan

जीवन में हास परिहास, हंसना बोलना सदैव चलते रहना चाहिए। ऐसा नहीं की अपने मन में ही बातों को सोचते हुए घुलते रहे और किसी को पता भी न चले। इस से आपके स्वास्थ और कामकाज दोनों पर ही बुरा प्रभाव पड़ेगा और आपको अंत में सिर्फ आपको ही इसका ख़ामियाज़ा भुगतना पड़ेगा। हाँ यह ज़रूर है की किसी भी बात की अधिकता न होने पाये अन्यथा जीवन के दूसरे आयामों में कमी आएगी। प्रेमिका को मना लीजिये, कहीं घूम फिर आइये और आपकी परेशानी भी बता दीजिये जिस से कोई दुविधा न बनी रहे। थोड़ा ध्यान प्राणायम भी करते रहना चाहिए। 10 - 15 मिनिट दिन के आपके लिए बहुत लम्बे समय तक काम आएंगे।

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कुम्भ

Aditi Sharma

आप कभी तो बहुत ही वाचाल हो जाते हैं और कभी अपने आप में ही डूबे रहते हैं। इस से आपको सही तरह से समझ पाना सभी के लिए आसान नहीं होता। खुल कर बोलना चाहिए और अपनी बात पूरी की पूरी, यह नहीं की आधी बात बोल दी और सोच लिए की बाकी लो अपने आप समझ लेंगे, बोलिए और किसी को कोई संशय हो तो उसे भी दूर कीजिये। इस समय में आपको इस बात पर विशेष ध्यान रखना है। ज़िद्दी स्वभाव से कुछ मिलता नहीं है, उलटे जो लोग आपके लिए अच्छा सोचते हैं वह भी आपसे दूर होने लगते हैं। किसी से बात करें ईमेल करें तो ध्यान रखें की आपका संदेश सामने वाले को वही समझ में आये जो आपके मन में है। कोई बड़े निर्णय कभी जल्दी में नहीं चाहिए, बड़े बुज़र्गों ने यही सिखाया है - इसपर अमल कीजिये।

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मीन

anita hassanandani

बुध मूलतः सम्प्रेषण संवाद बातचीत का ग्रह है। वैसे तो एक ग्रह से बहुत सी बातें देखी जाती हैं मगर आधुनिक परिप्रेक्ष्य में इसका सबसे ज़्यादा अधिकार इन्हीं बातों में रहता है। कोई घूमने फिरने की योजना बनाने से पहले उस जगह के बारे में वरतमान स्थिति ज़रूर मालूम कर लीजिये, ऐसा न हो की जहाँ आप जाना चाह रहे हैं वहां पहुँच कर आपको निराशा ही हाथ लगे। पत्नी के साथ ज़रूर कहीं तफरी करके आइये, जब दो लोग एकदम अकेले रहते हैं तो बहुत सारी बातें अपने आप ही खत्म हो जाती हैं। आखिर जीवन भर साथ रहना है तो मनमुटाव को बीच में आने ही क्यों दिया जाए। परिवार के लोग आपको अन्यथा न समझने लगें इसलिए सबकी कामना को पूरा करते रहना चाहिए। बस बड़े समझौते को फिलहाल प्रणाम कह दीजिये।

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आचार्य रमन

2017 गोचर

मंगल का मकर में गोचर मंगल वृश्चिक में वक्री मंगल का वृश्चिक में गोचर मंगल का तुला राशि में गोचर मंगल का कन्या में गोचर मंगल का सिंह राशि में गोचर मंगल अस्त मेष राशि में मंगल का मेष में गोचर मंगल का मीन में गोचर मंगल का मिथुन में गोचर मंगल का वृषभ में गोचर मंगल का वृषभ में गोचर मंगल का गोचर कुम्भ राशि में शनि वृश्चिक में अस्त शनि वक्री वृश्चिक में वृश्चिक राशि में शनि उदय सूर्य का तुला राशि में गोचर सूर्य का मीन में गोचर सूर्य का कुम्भ में गोचर सूर्य का मकर में गोचर सूर्य का धनु राशि में गोचर सूर्य का वृश्चिक राशि में गोचर सूर्य का कन्या राशि में गोचर सूर्य का सिंह राशि में गोचर सूर्य का कर्क में गोचर सूर्य का मिथुन में गोचर सूर्य का वृषभ में गोचर सूर्य का मेष में गोचर सूर्य का वृषभ में गोचर सूर्य का मिथुन में गोचर
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