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केतु गोचर 2018

केतु गोचर 2018

हिन्दू ज्योतिष शास्त्र में केतु को क्रूर ग्रह माना जाता है। हालांकि यह शुभ और अशुभ दोनों तरह के फल देता है। यह तर्क, बुद्धि, ज्ञान, वैराग्य और कल्पना आदि का कारक है। केतु के शुभ प्रभाव से मनुष्य के अंदर आध्यात्मिक गुणों का विकास होता है। केतु का आशीर्वाद जिन जातकों के ऊपर होता है वे जीवन में ऊंचाइयों पर पहुंचते हैं और इनमें अधिकांश आध्यात्मिक ऊंचाई पर होते हैं। वहीं यदि कुंडली में केतु अशुभ स्थिति में हो तो उस व्यक्ति को कष्टकारी परिणाम मिलते हैं। इस अवस्था मे व्यक्ति को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होती है। इसके अलावा दाद, खाज तथा कुष्ठ रोग होते हैं।

साल 2018 में केतु मकर राशि में स्थित रहेगा और 07 मार्च 2019 (गुरुवार) को रात्रि 02 बजकर 48 मिनट तक यह इसी राशि में स्थित रहेगा। केतु के गोचर का प्रभाव सभी 12 राशियों पर अलग-अलग रूप से पड़ेगा। आइए डालते हैं केतु ग्रह के प्रभावों पर एक नज़र।

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मेष

केतु गोचर 2018 के अनुसार इस साल केतु आपकी राशि से दसवें भाव में गोचर करेगा। कुंडली में दसवां भाव कर्म एवं पद-प्रतिष्ठा का भाव होता है। इस भाव में केतु की उपस्थिति आपके अंदर वैराग्य का भाव पैदा करेगी। कार्यस्थल पर आपका मन कम लगेगा और हो सकता है कि सीनियर्स के साथ आपका कोई विवाद हो जाए। इस अवधि में आप अपनी जॉब भी बदल सकते हैं। इस दौरान आपको अपने करियर पर ध्यान देना होगा और इसमें सफलता पाने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी। केतु की बुरी नज़र आपके पारिवारिक जीवन पर असर डाल सकती है। इस दौरान घर में किसी तरह का विवाद संभव है। परिजनों के बीज तालमेल की कमी दिख सकती है। किसी बात को लेकर घर में अशांति का माहौल रह सकता है। इस दौरान आपकी ओर से यह कोशिश रहनी चाहिए कि जो भी विवादित मसला हो वह जल्दी से सुलझ जाए, अन्यथा इसके परिणाम घरेलू जीवन के लिए बुरे साबित हो सकते हैं। किसी विवाद का हिस्सा न बनें और न ही ऐसा काम करें जिससे समाज में आपकी छवि ख़राब हो जाए। सभी के साथ सभ्यता से पेश आएं और अति भावुक होने से बचें। इस वर्ष अपने काम पर ध्यान दें और समय का आनंद लें।

वृषभ

केतु आपकी राशि से नौवें भाव में गोचर करेगा। कुंडली में नौवां भाव भाग्य और धर्म को दर्शाता है। इस भाव में केतु के होने से आपको विविध क्षेत्रों में मिश्रित परिणाम मिलेंगे। इस समय आप किसी तीर्थ यात्रा पर जा सकते हैं। केतु के प्रभाव के कारण आप व्यवहार से रूढ़िवादी हो सकते हैं। इस समय आप अपनी संस्कृति, रीति-रिवाज़ों को ज़्यादा अहमियत देंगे। इसके साथ ही आपके विचारों में अध्यात्म और धर्भ का भाव दिखाई देगा। पूजा-पाठ और धार्मिक कार्यों में आपकी रुचि बढ़ेगी। आपके अंदर विरक्ति का भाव पैदा हो सकता है। भौतिक सुखों के प्रति आप उदासीन हो सकते हैं। हालाँकि कभी भौतिक सुख संसाधनों के प्रति आपका मोह बढ़ता हुआ हुआ नज़र आएगा। केतु के गोचर के प्रभाव से आपके पिताजी की सेहत में कमी आ सकती है या फिर उनके साथ आपके रिश्ते कटु हो सकते हैं। आप दोनों के बीच वैचारिक मतभेद भी हो सकता है। गोचर के दौरान आप किसी लंबी दूरी की यात्रा पर जा सकते है। आर्थिक क्षेत्र में आपको धन हानि हो सकती है इसलिए धन का निवेश अथवा लेन-देन बेहद सोच-समझकर करें।

मिथुन

केतु आपकी राशि से आठवें भाव में प्रवेश करेगा। कुंडली में आठवां भाव आयु का भाव होता है। केतु की आठवें भाव में उपस्थिति आपके स्वभाव में परिवर्तन लाएगी। इस दौरान आपकी रुचि के विषयों में बदलाव देखने को मिलेगा। आपका झुकाव रहस्यमयी विज्ञान, अध्यात्म, ज्योतिष एवं पूजा-पाठ की ओर बढ़ सकता है। इस दौरान वाहन चलाने में पूर्ण सावधानी बरतें, नशे में वाहन न चलाएं अन्यथा आपके साथ किसी प्रकार की दुर्घटना घट सकती है और आप चोटिल हो सकते हैं। आपके प्रति अपने लोगों को व्यवहार बदल जाएगा। लोग आपसे रूखा-सूखा व्यवहार करेंगे जो आपको मानसिक पीड़ा का शिकार बना सकता है। आप तनाव में भी जा सकते हैं। दोस्तों के बीच आपको विरोध का सामना करना पड़ सकता है। गोचर के दौरान केतु की बुरी दृष्टि आपके आपके स्वास्थ्य पर पड़ सकती है। इस दौरान आपकी सेहत बिगड़ सकती है। आप किसी रोग से पीड़ित हो सकते हैं इसलिए आपको अपनी सेहत पर भी ध्यान देने की आवश्यकता है। इस समय अपने खान-पान पर विशेष ध्यान दें। आग और हथियार से दूर रहें और इनका इस्तेमाल सावधानी से करें।


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कर्क

केतु आपकी राशि से सातवें भाव में संचरण करेगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कुंडली में सातवां भाव वैवाहिक जीवन के बारे में बताता है। इस भाव में केतु का होना आपके वैवाहिक जीवन के लिए अनुकूल नहीं है। इस दौरान जीवनसाथी की सेहत में कमी आ सकती है, इसलिए उनके स्वास्थ्य का ख़्याल रखें। सूजन, बुखार अथवा अन्य रोग से उन्हें पीड़ा हो सकती है। उधर, व्यापार में भी इस गोचर का प्रतिकूल प्रभाव दिखाई देगा। बिजनेस पार्टनर के साथ किसी बात को लेकर विवाद हो सकता है जिस कारण उनके साथ आपके मतभेद हो सकते हैं। कार्यक्षेत्र में आपको इस समय बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है। लाइफ़ पार्टनर के व्यवहार में क्रोध नज़र आ सकता है। छोटी-छोटी बातों में उन्हें ग़ुस्सा आ सकता है। इस बीच यदि आप दोनों के बीच किसी तरह की ग़लतफ़हमी हुई तो झगड़ा संभव है। इससे आपके वैवाहिक संबंध कटु हो सकते हैं, जीवनसाथी की भावनाओं की क़द्र करें और उन्हे नाराज़ होने का मौक़ा न दें। करियर के लिए यह समय अनुकूल रहेगा। इस दौरान आपको आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे और उन अवसरों को भुनाने में भी आप सफल रहेंगे।

सिंह

केतु आपकी राशि से छठे भाव में गोचर करेगा। कुंडली में छठा भाव रोग, भय और क्षति का होता है। केतु के इस भाव में होना आपके लिए शुभ संकेत नहीं है। कार्यस्थल पर आपको सफलता पाने के लिए कड़ा प्रयास करने की आवश्यकता होगी। इस दौरान अपने कार्य पर ही फोकस करें और सीनियर्स के दिशा निर्देशों का पालन करें। केतु आपके वैवाहिक जीवन पर अपनी क्रूर दृष्टि बनाए हुए है इसलिए आपको कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। जीवनसाथी को आंख से संबंधित अथवा अनिद्रा की शिकायत रह सकती है। इस समय उन्हें पर्याप्त नींद लेने की आवश्यकता होगी और आंखों को किसी संक्रमण आदि से बचाए रखना होगा। कार्यक्षेत्र में आप प्रयास तो करेंगे परंतु आपको आशानुरूप परिणाम नहीं मिलेंगे। कार्य करने में किसी तरह की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। इस साल अपनी सेहत का ख़्याल रखें। केतु के प्रभाव से आपकी सेहत में कमी आ सकती है। इस दौरान आपका धन तेज़ी से ख़र्च होगा जिससे धन की बचत मुश्किल से हो पाएगी। किसी से विवाद अथवा झगड़ा होने के भी संकेत मिल रहे। इस परिस्थिति से बचने के लिए मधुर वाणी का प्रयोग करें। इस साल आप किसी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर सकते हैं। इस समय चुनौतियाँ आ सकती है परंतु यदि आप कड़ी मेहनत और लगन व दृढ़ संकल्प के साथ परीक्षा की तैयारी करेंगे तो आपको इसमें सफलता मिलने की प्रबल संभावना है।

कन्या

केतु आपकी राशि से पाँचवे भाव में जाएगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कुंडली में पाँचवां भाव बुद्धि, विद्या एवं संतान को दर्शाता है। केतु के इस भाव में होने से आपके स्वभाव में बदलाव देखने को मिलेगा। इस समय आपके विचारों में विरक्ति का भाव जाग सकता है जिससे प्रेम जीवन और वैवाहिक जीवन में आपको दिक्कत का सामना करना पड़ेगा। लव पार्टनर के साथ किसी बात को लेकर तकरार हो सकता है। किसी ग़लतफ़हमी के कारण प्रेम की डोर कमज़ोर हो सकती है। इस समय आपको आर्थिक क्षेत्र में भी नुकसान उठाना पड़ सकता है। धन का निवेश और लेनदेन काफी सोच-समझकर करें। केतु के प्रभाव से आपकी वैचारिक शक्ति का ह्लास होगा। इस समय निर्णय लेने की क्षमता कमजोर हो जाएगी। शादीशुदा जीवन में लाइफ़ पार्टनर के साथ छोटी-मोटी बात को लेकर विवाद हो सकता है। इस समय तीखी बहस से बचेंगे तो ही बेहतर है। वहीं घर में बच्चों की सेहत को लेकर आपको सावधान रहना पड़ सकता है। गोचर के कारण बच्चों का स्वास्थ्य में कमी आ सकती है। छात्रों को पढ़ाई में कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है। आपकी रुचि तंत्र मंत्र की विद्या को सीखने में बढ़ सकती है।


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तुला

केतु आपकी राशि से चौथे भाव में संचरण करेगा। कुंडली में चौथा भाव माता, सुख, वृद्धि और बंधु के संबंध को बताता है। इस भाव में केतु का होना आपके लिए कष्टकारी हो सकता है। पारिवारि जीवन में आपको चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। घर में पैतृक संपत्ति को लेकर परिजनों के बीच लड़ाई-झगड़ा हो सकता है। इस दौरान अपनी अपनी मां की सेहत का ख़्याल का रखें। केतु के गोचर की बुरी नज़र आपके घरेलू जीवन पर होने से उनका स्वास्थ्य कमज़ोर पड़ सकता है। घर में प्रतिकूल वातावरण आपको तनाव की ओर धकेल सकता है। इस दौरान आपके मन में निराशा का भाव पैदा हो सकता है। इस समय आप अपने जीवन से संतुष्ट नहीं होंगे। आपके ख़र्चों में वृद्धि की संभावना है। वहीं ख़र्च के मुकाबले आय में बढ़ोत्तरी नहीं दिखाई दे रही है। पिताजी की सेहत में कमी आ सकती है या फिर उनके साथ आपका वैचारिक मतभेद हो सकता है। कार्यक्षेत्र में आपके ऊपर काम का दबाव और बोझ रहेगा। इस कारण आप अपने परिवार को पर्याप्त समय नहीं दे पाएंगे। वैवाहिक जीवन से मानसिक अलगाव हो सकता है। भौतिक संसाधनों से आपका मन ऊब सकता है।

वृश्चिक

केतु आपकी राशि से तीसरे भाव में गोचर करेगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कुंडली में तीसरा भाव पराक्रम के साथ-साथ सहजता का होता है। इस भाव में केतु के होने से आपको मिश्रित परिणाम मिलेंगे। केतु के प्रभाव से आप चुनौतियों से लड़ने के लिए तत्पर रहेंगे। इस दौरान आपका जोश और उत्साह चर्म पर होगा। दूसरी ओर, घर में भाई-बहनों की सेहत में कमी आ सकती है। ख़ासकर आपके भाई किसी रोग से ग्रसित हो सकते हैं। आपके साहस में वृद्धि में होगी और आप बड़े से बड़े कार्य को करने से पीछे नहीं हटेंगे। कार्यक्षेत्र में आपकी कड़ी मेहनत रंग लाएगी। आपकी मेहनत और लगन को देखकर कंपनी आपका प्रमोशन कर सकती है। इस दौरान आप विदेश यात्रा पर जाने की प्लानिंग कर सकते हैं। घर में माता-पिता की सेहत में गिरावट आपके लिए चिंता का कारण बन सकती है। छोटी दूरी की यात्राएं आपके योग में है औ नौकरी में सफलता मिलने की प्रबल संभावना है। केतु के प्रभाव से आपको आर्थिक लाभ होने के सुभ संकेत दिखाई दे रहे हैं। अधिनस्थ कर्मियों से भी पूरा समर्थन मिलेगा। इस साल आपकी संवाद शैली में सकारात्मक बदलवा दिखेगा जो आपके लिए लाभकारी रहेगा।

धनु

केतु आपकी राशि से दूसरे भाव में गोचर करेगा। कुंडली में दूसरा भाव जीवन में धन की विवेचना करता है। इस भाव में केतु के होने से आपको कई प्रकार की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। इस दौरान आपके पारिवारिक जीवन में उथल-पुथल नज़र आ सकती है। घर में अशांति का वातावरण रह सकता है और परिजनों के बीच झगड़ा भी संभव है। अपने निजी जीवन को लेकर आप थोड़े परेशान रहेंगे। इस दौरान आपका मानसिक तनाव बढ़ सकता है और सेहत में भी कमी देखी जा सकती है। अगर ज़्यादा ज़रुरी न हो तो किसी से पैसे उधार न लें और न किसी को पैसे उधार में दें। इससे आपका पैसा फंस सकता है। गोचर के के दौरान आपका स्वभाव थोड़ा अड़ियल हो सकता है। बात-बात आपको ग़ुस्सा आ सकता है। यह आपके लिए उचित नहीं होगा। कोशिश करें कि आप सबके साथ प्रेम से बर्ताव करें। वाहन चलाते समय पूरी सावधानी बरतें। तेज़ गति या फिर शराब पीकर वाहन न चलाएं। आपके ख़र्च में वृद्धि संभव है इसलिए धन का प्रयोग सोच-समझकर करें।


केतु से संबंधित समस्याओं के निवारण के लिए स्थापित करें: केतु यंत्र

मकर

केतु आपकी राशि में प्रवेश करेगा और यह आपके लग्न भाव में स्थित होगा। ज्योतिष के अनुसार लग्न भाव हमारे जन्म का भाव होता है। आपके इस भाव में केतु के होने से विभिन्न प्रकार के परिवर्तन देखने को मिलेंगे। आध्यात्म में आपको मानसिक शांति की अनुभूति होगी। पूजा-पाठ, धार्मिक किताबों का अध्ययन और दान-पुण्य करने में आपका मन लगेगा। आपके स्वभाव को आसानी से नहीं समझ पाएंगे। भौतिक संसार से आप दूर अलगाव महसूस कर सकते हैं। वहीं सेहत की द़ष्टि से आपका स्वास्थ्य कमज़ोर पड़ सकता है इसलिए समय-समय पर चिकित्सक के द्वारा अपनी हैल्थ चेकअप कराएं। इसके अलावा इस समय कोई पुरानी बीमारी फिर से आपको परेशान कर सकती है। वैवाहिक जीवन से आपका मोह कम हो सकता है। इस कारण जीवनसाथी के साथ आपका विवाद भी संभव है।

कुंभ

केतु आपकी राशि से बारहवें भाव में संचरण करेगा। कुंडली में यह भाव व्यय का होता है। इस भाव में केतु के होने से आपके ख़र्चों में वृद्धि होगी। किसी गुप्त चीज़ पर आपका पैसा ख़र्च हो सकता है। आध्यात्म की ओर आपकी रुचि बढ़ेगी। विदेश यात्रा के भी योग बन रहे हैं। बच्चों की सेहत बिगड़ सकती है इसलिए उनकी सेहत का अच्छी तरह से ख़्याल रखें। यह समय आपके लिए प्रतिकूल रहेगा लिहाज़ा ऐसा कोई भी अनैतिक कार्य न करें जिससे आपकी छवि धूमिल हो। किसी भी ग़ैर क़ानूनी काम से दूर रहें अन्यथा आपको जेल की हवा खानी पड़ सकती है। आपके अपने कार्य में बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है। इन सभी प्रकार की बाधाओं को लेकर आपका मानसिक तनाव बढ़ सकता है और इसका असर आपकी सेहत पर पड़ेगा। अनिद्रा, बुखार, सिरदर्द अथवा सूजन जैसे रोग आपको हो सकते हैं। प्रेम जीवन में आपको विपरीत परिणाम मिलेंगे। पार्टनर के साथ अलगाव की भी स्थिति आ सकती है। सावधानी से वाहन चलाएं।

मीन

केतु आपकी राशि से ग्यारहवें भाव में जाएगा। कुंडली में यह भाव इनकम और लाभ का भाव होता है। इस भाव में केतु की उपस्थिति आपके लिए अनुकूल रहेगी। विभिन्न भाषाओं को सीखने में आप रुचि दिखाएंगे। इसके अलावा गूढ़ विज्ञान एवं रहस्य और आध्यात्म की ओर आपका झुकाव होगा। विभिन्न स्रोतों से आपको लाभ मिलने के योग हैं। बच्चों को लेकर आपको परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। वहीं छात्रों का ध्यान पढ़ाई-लिखाई से भटक सकता है। दोस्तों के साथ जमकर मौज-मस्ती होगी। सामाजिक दायरे में भी विस्तार होगा। सीनियर्स की नज़र में एक अच्छे कर्मचारी बने रहें। प्रेम जीवन में आपको चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। लव पार्टनर से किसी बात को लेकर तू-तू मैं-मैं हो सकती है। करियर में आपको कई अवसर मिलेंगे जिनके द्वारा आप अपना भविष्य सुनहरा बना सकते हैं।


केतु के बुरे प्रभावों से मिलेगी मुक्ति, धारण करें: लहसुनिया रत्न

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