लाल किताब के अनुसार चन्द्र का दूसरे भाव में फल
Prediction for Moon in Second house in Hindi according to Lal Kitab
दूसरे भाव चंद्रमा स्थित होने पर वह भाव बृहस्पति, शुक्र और चंद्रमा के प्रभाव में होगा। क्योंकि दूसरा घर बृहस्पति का पक्का घर होता है और दूसरी राशि बृषभ का स्वामी शुक्र होता है। यहां स्थित चंद्रमा बहुत अच्छे परिणाम देता है। चंद्रमा इस घर में बहुत मजबूत हो जाता है क्योंकि उसे शुक्र के खिलाफ बृहस्पति का अनुकूल समर्थन मिल जाता है इस कारण यहां का चंद्रमा अच्छे परिणाम देता है। ऐसे में जातक के बहनें नहीं होतीं लेकिन निश्चित रूप से भाइयों की प्राप्ति होती है। लेकिन यदि ऐसा नहीं होता तो जातक की पत्नी के भाई अवश्य होते हैं। जातक को पैतृक सम्पत्ति में हिस्सा जरूर मिलता है। ग्रहों की स्थिति जो भी हो लेकिन यहां स्थित चंद्रमा जातक के वंश को जरूर बढाता है। जातक अच्छी शिक्षा प्राप्त करता है जिससे उसके भाग्योदय में सहयोग मिलता है। चंद्रमा की चीजों से जुड़े व्यवसाय लाभप्रद साबित होंगे। जातक एक प्रतिष्ठित शिक्षक भी हो सकता है। बारहवें भाव में स्थित केतू यहं के चंद्रमा को ग्रहण लगाने वाला रहेगा जो जातक को अच्छी शिक्षा या पुत्र से वंचित कर सकता है।
उपाय:
(1) घर के भीतर मंदिर का होना जातक की पुत्र प्राप्ति में बाधक हो सकता है।
(2) चंद्रमा से सम्बंधित चीजें जैसे चांदी, चावल, घर की कच्ची फर्श, माँ और बुजुर्ग महिलाएं तथा उनका आशीर्वाद जातक के लिए बहुत भाग्यशाली रहेंगे।
(3) लगातार 43 दिनों तक कन्याओं (छोटी लड़कियों) को हरा कपडा बांटें।
(4) चंद्रमा से सम्बंधित चीजें जैसे चांदी का एक चौकोर टुकड़ा अपने घर की नीव में दबाएं।
Astrological services for accurate answers and better feature
Astrological remedies to get rid of your problems




