April, 2026 का कुम्भ राशिफल - अगले महीने का कुम्भ राशिफल
April, 2026
सामान्य
अप्रैल मासिक राशिफल 2026 के अनुसार इस महीने सूर्य ग्रह का गोचर क्रमशः आपके दूसरे और तीसरे भाव में रहेगा। 14 अप्रैल तक सूर्य आपके दूसरे भाव में रहेंगे इसे अनुकूल नहीं माना जाएगा लेकिन 14 अप्रैल के बाद सूर्य का गोचर आपके तीसरे भाव में उच्च अवस्था में रहेगा। यानी कि सूर्य आपको काफी अच्छे परिणाम देने वाले हैं।
मंगल ग्रह 2 अप्रैल तक आपके पहले भाव में तो वहीं बाद में दूसरे भाव में रहेंगे। मंगल ग्रह के ये दोनों ही गोचर अनुकूल नहीं माने गए हैं। अतः मंगल से इस महीने अनुकूलता की उम्मीद नहीं रखनी चाहिए बल्कि मंगल से संबंधित मामलों में सावधानी पूर्वक निर्वाह करने की जरूरत रहेगी।
बुध ग्रह 11 अप्रैल तक पहले भाव में तो वहीं इसके बाद दूसरे भाव में रहेंगे। प्रथम भाव में राहु की संगति भी बुध ग्रह के साथ रहेगी। अत: 11 अप्रैल से पहले तो बुध ग्रह से अनुकूलता की उम्मीद बिल्कुल नहीं रखनी चाहिए।
वहीं 11 अप्रैल के बाद बुध ग्रह शनि के साथ नीच अवस्था में रहेंगे। इस स्थिति को भी अनुकूल नहीं माना जाएगा। फिर भी 11 अप्रैल के बाद आप कुछ एक मामलों में बुध से अच्छे परिणामों की उम्मीद रख सकते हैं। वैसे सीधे शब्दों में कहा जाए तो इस महीने बुध ग्रह से अनुकूलता की उम्मीद न ही रखी जाए तो ज्यादा अच्छा है।
बृहस्पति पंचम भाव में अपने ही नक्षत्र में रहेंगे। अत: बृहस्पति सामान्य तौर पर आपके पक्ष में परिणाम देना चाहेंगे। शुक्र का गोचर 19 अप्रैल तक तीसरे भाव में रहेगा जिसे अनुकूल नहीं माना जाएगा। 19 अप्रैल के बाद शुक्र आपके चौथे भाव में आएंगे और यहां से आपको सामान्य तौर पर अच्छे परिणाम देने का प्रयास करेंगे। यानी कि 19 अप्रैल के बाद शुक्र आपको अच्छे परिणाम दे सकेंगे।
शनि का गोचर इस महीने भी दूसरे भाव में रहेगा। हालांकि, 22 अप्रैल तक शनि ग्रह अस्त रहेंगे। अतः शनि ग्रह से भी अनुकूलता की उम्मीद नहीं रखनी चाहिए। राहु का गोचर आपके पहले भाव में रहेगा। अतः राहु भी आपको अनुकूल परिणाम नहीं दे पाएंगे। केतु का गोचर सप्तम भाव में होने के कारण केतु से भी अनुकूलता की उम्मीद नहीं रखनी चाहिए। यानी कि सभी ग्रहों की स्थितियों को मिलाकर देखा जाए तो अप्रैल 2026 का महीना आपके लिए आपको मिले जुड़े परिणाम दे सकता है।
कुछ एक मामलों में परिणाम औसत से कमजोर भी रह सकते हैं। इस महीने किस मामले में कैसे परिणाम मिलेंगे आइए विस्तार से जानते हैं और सबसे पहले चर्चा करते हैं कि अप्रैल 2026 का महीना आपके करियर के लिए कैसा रहने वाला है?
मंगल ग्रह 2 अप्रैल तक आपके पहले भाव में तो वहीं बाद में दूसरे भाव में रहेंगे। मंगल ग्रह के ये दोनों ही गोचर अनुकूल नहीं माने गए हैं। अतः मंगल से इस महीने अनुकूलता की उम्मीद नहीं रखनी चाहिए बल्कि मंगल से संबंधित मामलों में सावधानी पूर्वक निर्वाह करने की जरूरत रहेगी।
बुध ग्रह 11 अप्रैल तक पहले भाव में तो वहीं इसके बाद दूसरे भाव में रहेंगे। प्रथम भाव में राहु की संगति भी बुध ग्रह के साथ रहेगी। अत: 11 अप्रैल से पहले तो बुध ग्रह से अनुकूलता की उम्मीद बिल्कुल नहीं रखनी चाहिए।
वहीं 11 अप्रैल के बाद बुध ग्रह शनि के साथ नीच अवस्था में रहेंगे। इस स्थिति को भी अनुकूल नहीं माना जाएगा। फिर भी 11 अप्रैल के बाद आप कुछ एक मामलों में बुध से अच्छे परिणामों की उम्मीद रख सकते हैं। वैसे सीधे शब्दों में कहा जाए तो इस महीने बुध ग्रह से अनुकूलता की उम्मीद न ही रखी जाए तो ज्यादा अच्छा है।
बृहस्पति पंचम भाव में अपने ही नक्षत्र में रहेंगे। अत: बृहस्पति सामान्य तौर पर आपके पक्ष में परिणाम देना चाहेंगे। शुक्र का गोचर 19 अप्रैल तक तीसरे भाव में रहेगा जिसे अनुकूल नहीं माना जाएगा। 19 अप्रैल के बाद शुक्र आपके चौथे भाव में आएंगे और यहां से आपको सामान्य तौर पर अच्छे परिणाम देने का प्रयास करेंगे। यानी कि 19 अप्रैल के बाद शुक्र आपको अच्छे परिणाम दे सकेंगे।
शनि का गोचर इस महीने भी दूसरे भाव में रहेगा। हालांकि, 22 अप्रैल तक शनि ग्रह अस्त रहेंगे। अतः शनि ग्रह से भी अनुकूलता की उम्मीद नहीं रखनी चाहिए। राहु का गोचर आपके पहले भाव में रहेगा। अतः राहु भी आपको अनुकूल परिणाम नहीं दे पाएंगे। केतु का गोचर सप्तम भाव में होने के कारण केतु से भी अनुकूलता की उम्मीद नहीं रखनी चाहिए। यानी कि सभी ग्रहों की स्थितियों को मिलाकर देखा जाए तो अप्रैल 2026 का महीना आपके लिए आपको मिले जुड़े परिणाम दे सकता है।
कुछ एक मामलों में परिणाम औसत से कमजोर भी रह सकते हैं। इस महीने किस मामले में कैसे परिणाम मिलेंगे आइए विस्तार से जानते हैं और सबसे पहले चर्चा करते हैं कि अप्रैल 2026 का महीना आपके करियर के लिए कैसा रहने वाला है?
कार्यक्षेत्र
अप्रैल मासिक राशिफल 2026 के अनुसार आपके कर्म स्थान के स्वामी ग्रह मंगल की स्थिति इस महीने बहुत अनुकूल नहीं है। इसलिए कार्यक्षेत्र को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही ठीक नहीं रहेगी। किसी भी निर्णय के लिए धैर्य की जरूरत रहेगी। साथ ही साथ कार्यक्षेत्र से संबंधित मामलों पर टिप्पणी करते समय सही शब्दों का चयन भी बहुत जरूरी रहेगा। विशेषकर व्यापार व्यवसाय से संबंधित मामलों की बात की जाए तो बुध ग्रह का गोचर 11 अप्रैल तक पहले भाव में रहेगा।
यद्यपि यहां पर बुध ग्रह के गोचर को बहुत अच्छे परिणाम देने वाला नहीं माना गया है, ऊपर से बुध ग्रह राहु के साथ रहेंगे। अतः व्यापार व्यवसाय के मामले में आपका निर्णय बहुत अच्छे रहे यह जरूरी नहीं है लेकिन बुध ग्रह पर पड़ने वाली बृहस्पति ग्रह की नवम दृष्टि कुछ एक मामले में अनुभवी लोगों से सलाह लेकर काम करने की स्थिति में अच्छे परिणाम भी दिला सकती है।
वहीं नौकरी से संबंधित मामलों में भी परिणाम अधिक अनुकूल नहीं रहेंगे लेकिन छठे भाव पर किसी भी नकारात्मक ग्रह का प्रभाव लंबे समय तक नहीं है। अतः नौकरी में कोई बड़ी परेशानी नहीं आएगी।
अलबत्ता आपको कुछ ऐसे काम दिए जा सकते हैं जो शायद आपको पसंद न हों या आप जिन जिम्मेदारियां को नहीं निभाना चाह रहे हैं वैसी जिम्मेदारियां भी आपको दी जा सकती हैं। सहकर्मियों से बात करते समय उचित शब्दों का चयन जरूरी रहेगा। मंगल की स्थिति इस बात का संकेत कर रही है कि किसी वरिष्ठ व्यक्ति से भी कुछ कहासुनी संभावित है।
ऐसे में इन सभी स्थितियों को ध्यान में रखते हुए इस महीने स्वयं को शांत रखना जरूरी रहेगा। यहां न सही कहीं और भी करनी तो जॉब ही है और जॉब करने की स्थिति में व्यक्ति को संयमित रहना पड़ता है। शांति के साथ निर्वाह करना पड़ता है। तो क्यों न इसी जगह पर ही मर्यादित शब्दों का प्रयोग करते हुए और व्यर्थ की वार्तालाप से बचते हुए अपनी जॉब को सुरक्षित रखा जाए।
यद्यपि यहां पर बुध ग्रह के गोचर को बहुत अच्छे परिणाम देने वाला नहीं माना गया है, ऊपर से बुध ग्रह राहु के साथ रहेंगे। अतः व्यापार व्यवसाय के मामले में आपका निर्णय बहुत अच्छे रहे यह जरूरी नहीं है लेकिन बुध ग्रह पर पड़ने वाली बृहस्पति ग्रह की नवम दृष्टि कुछ एक मामले में अनुभवी लोगों से सलाह लेकर काम करने की स्थिति में अच्छे परिणाम भी दिला सकती है।
वहीं नौकरी से संबंधित मामलों में भी परिणाम अधिक अनुकूल नहीं रहेंगे लेकिन छठे भाव पर किसी भी नकारात्मक ग्रह का प्रभाव लंबे समय तक नहीं है। अतः नौकरी में कोई बड़ी परेशानी नहीं आएगी।
अलबत्ता आपको कुछ ऐसे काम दिए जा सकते हैं जो शायद आपको पसंद न हों या आप जिन जिम्मेदारियां को नहीं निभाना चाह रहे हैं वैसी जिम्मेदारियां भी आपको दी जा सकती हैं। सहकर्मियों से बात करते समय उचित शब्दों का चयन जरूरी रहेगा। मंगल की स्थिति इस बात का संकेत कर रही है कि किसी वरिष्ठ व्यक्ति से भी कुछ कहासुनी संभावित है।
ऐसे में इन सभी स्थितियों को ध्यान में रखते हुए इस महीने स्वयं को शांत रखना जरूरी रहेगा। यहां न सही कहीं और भी करनी तो जॉब ही है और जॉब करने की स्थिति में व्यक्ति को संयमित रहना पड़ता है। शांति के साथ निर्वाह करना पड़ता है। तो क्यों न इसी जगह पर ही मर्यादित शब्दों का प्रयोग करते हुए और व्यर्थ की वार्तालाप से बचते हुए अपनी जॉब को सुरक्षित रखा जाए।
आर्थिक
लाभ भाव के स्वामी ग्रह बृहस्पति की स्थिति इस महीने काफी अच्छी है। अतः आप अपनी मेहनत के अनुरूप अच्छा लाभ प्राप्त कर सकेंगे। अप्रैल मासिक राशिफल 2026 के अनुसार आमदनी के स्रोतों में इज़ाफा भी हो सकता है। रुके हुए पैसे मिल सकते हैं। अर्थात आमदनी के दृष्टिकोण से महीना सामान्य तौर पर अनुकूल परिणाम देना चाह रहा है।
धन भाव के स्वामी ग्रह होने के कारण बृहस्पति संचय के मामले में भी आपके लिए मददगार बनेंगे लेकिन दूसरे भाव पर पड़ने वाला शनि मंगल और सूर्य का प्रभाव, कमजोरी माना जाएगा। तो इस तरह से हम कह सकते हैं कि आमदनी के दृष्टिकोण से महीना काफी अच्छा रहेगा। वहीं बचत के दृष्टिकोण से महीना मिले-जुले परिणाम दे सकता है। क्योंकि बृहस्पति आपके मामले में लाभ भाव के स्वामी हैं, धन भाव के स्वामी हैं, साथ ही साथ धन के कारक तो होते ही हैं। अतः सारा दारोमदार बृहस्पति के ऊपर ही रहेगा और बृहस्पति इस महीने अनुकूल स्थिति में रहेंगे। अतः हम आर्थिक मामले में इस महीने औसत से बेहतर परिणामों की उम्मीद कर सकते हैं।
धन भाव के स्वामी ग्रह होने के कारण बृहस्पति संचय के मामले में भी आपके लिए मददगार बनेंगे लेकिन दूसरे भाव पर पड़ने वाला शनि मंगल और सूर्य का प्रभाव, कमजोरी माना जाएगा। तो इस तरह से हम कह सकते हैं कि आमदनी के दृष्टिकोण से महीना काफी अच्छा रहेगा। वहीं बचत के दृष्टिकोण से महीना मिले-जुले परिणाम दे सकता है। क्योंकि बृहस्पति आपके मामले में लाभ भाव के स्वामी हैं, धन भाव के स्वामी हैं, साथ ही साथ धन के कारक तो होते ही हैं। अतः सारा दारोमदार बृहस्पति के ऊपर ही रहेगा और बृहस्पति इस महीने अनुकूल स्थिति में रहेंगे। अतः हम आर्थिक मामले में इस महीने औसत से बेहतर परिणामों की उम्मीद कर सकते हैं।
स्वास्थ्य
आपकी लग्न या राशि के स्वामी ग्रह शनि की स्थिति इस महीने अधिक अनुकूल नहीं है। दूसरे भाव में शनि का गोचर अच्छा तो नहीं ही होता। साथ ही साथ 22 अप्रैल तक शनि ग्रह अस्त भी रहेंगे और आपके प्रथम भाव पर राहु केतु का प्रभाव भी बना हुआ है। ये सभी कारण स्वास्थ्य में कमजोरी दे सकते हैं।
महीने के पहले हिस्से में बुध का गोचर भी पहले भाव में अनुकूलता में कमी करवाने का काम कर सकता है। इस महीने आपका खान-पान बिगड़ा हुआ रह सकता है। विशेषकर 14 अप्रैल तक दूसरे भाव में सूर्य शनि की युति के चलते आपका खान-पान असंयमित रह सकता है। ऊपर से 2 अप्रैल के बाद से लेकर 14 अप्रैल तक दूसरे भाव में शनि सूर्य और मंगल की युति अधिक तीखा चरपरा खाने की ओर आपका आकर्षण बढ़ा सकती है।
फलस्वरूप आपको मुख और पेट से संबंधित कुछ परेशानियां रह सकती हैं। अप्रैल मासिक राशिफल 2026 के अनुसार राहु केतु का गोचर भी वायु तत्व को बढ़ा सकता है। अर्थात आपके पेट में गैस इत्यादि बढ़ सकती है। विशेषकर ऐसे लोग जिन्हें पहले से ही गैस से संबंधित परेशानियां हैं, उन्हें इस महीने सावधानी पूर्वक निर्वाह करने की आवश्यकता रहेगी। विशेषकर महीने के पहले हिस्से में बहुत ही उचित खान-पान जरूरी रहेगा।
अर्थात जो खान-पान आपकी प्रकृति के विरुद्ध है उसे पूरी तरह से त्यागना ही हितकारी रहेगा। यदि आप संयमित दिनचर्या अपनाते हैं तो बृहस्पति ग्रह की प्रथम भाव पर पड़ने वाली दृष्टि, आपकी रक्षा सुरक्षा करने में मददगार बनेगी। छठे भाव की स्थिति इस बात का संकेत कर रही है कि कोई गंभीर स्वास्थ्य समस्या आपको नहीं आएगी।
यदि आप पहले से स्वस्थ हैं और इस महीने सावधानी पूर्वक आहार विहार करते हैं तो आप अपने स्वास्थ्य को मेंटेन रख सकेंगे। लापरवाही की स्थिति में स्वास्थ्य कमजोर होने का खतरा भी बना हुआ है। विशेषकर महीने के पहले हिस्से में आरोग्यता के कारक ग्रह सूर्य की कमजोरी को ध्यान में रखते हुए 14 अप्रैल से पहले स्वास्थ्य के मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही उचित नहीं रहेगी।
महीने के पहले हिस्से में बुध का गोचर भी पहले भाव में अनुकूलता में कमी करवाने का काम कर सकता है। इस महीने आपका खान-पान बिगड़ा हुआ रह सकता है। विशेषकर 14 अप्रैल तक दूसरे भाव में सूर्य शनि की युति के चलते आपका खान-पान असंयमित रह सकता है। ऊपर से 2 अप्रैल के बाद से लेकर 14 अप्रैल तक दूसरे भाव में शनि सूर्य और मंगल की युति अधिक तीखा चरपरा खाने की ओर आपका आकर्षण बढ़ा सकती है।
फलस्वरूप आपको मुख और पेट से संबंधित कुछ परेशानियां रह सकती हैं। अप्रैल मासिक राशिफल 2026 के अनुसार राहु केतु का गोचर भी वायु तत्व को बढ़ा सकता है। अर्थात आपके पेट में गैस इत्यादि बढ़ सकती है। विशेषकर ऐसे लोग जिन्हें पहले से ही गैस से संबंधित परेशानियां हैं, उन्हें इस महीने सावधानी पूर्वक निर्वाह करने की आवश्यकता रहेगी। विशेषकर महीने के पहले हिस्से में बहुत ही उचित खान-पान जरूरी रहेगा।
अर्थात जो खान-पान आपकी प्रकृति के विरुद्ध है उसे पूरी तरह से त्यागना ही हितकारी रहेगा। यदि आप संयमित दिनचर्या अपनाते हैं तो बृहस्पति ग्रह की प्रथम भाव पर पड़ने वाली दृष्टि, आपकी रक्षा सुरक्षा करने में मददगार बनेगी। छठे भाव की स्थिति इस बात का संकेत कर रही है कि कोई गंभीर स्वास्थ्य समस्या आपको नहीं आएगी।
यदि आप पहले से स्वस्थ हैं और इस महीने सावधानी पूर्वक आहार विहार करते हैं तो आप अपने स्वास्थ्य को मेंटेन रख सकेंगे। लापरवाही की स्थिति में स्वास्थ्य कमजोर होने का खतरा भी बना हुआ है। विशेषकर महीने के पहले हिस्से में आरोग्यता के कारक ग्रह सूर्य की कमजोरी को ध्यान में रखते हुए 14 अप्रैल से पहले स्वास्थ्य के मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही उचित नहीं रहेगी।
प्रेम व वैवाहिक
अप्रैल मासिक राशिफल 2026 कहता है कि आपके पंचम भाव के स्वामी ग्रह बुध की स्थिति इस महीने अनुकूल नहीं है लेकिन पंचम भाव में स्थित बृहस्पति आपको अच्छी अनुकूलता देना चाह रहे हैं। तो ऐसे में हम कह सकते हैं की प्रेम संबंधों के मामले में सब कुछ अनुकूल नहीं है लेकिन काफी कुछ अनुकूल रह सकता है।
विशेषकर 19 अप्रैल के बाद प्रेम संबंधों में अच्छी खासी अनुकूलता देखने को मिल सकती है। 19 अप्रैल से पहले का समय उन लोगों के लिए खराब रह सकता है जो फ्लर्ट करने वाला नेचर रखते हैं लेकिन सीरियस प्रेम करने वाले लोग काफी हद तक अनुकूल परिणाम प्राप्त कर सकते हैं। दूसरों को प्रभावित करने के लिए अपने प्रेम प्रसंग का शो ऑफ करने वाले लोग सुर्खियों का केंद्र बिंदु बन सकते हैं। क्योंकि प्रेम संबंधों के कारक ग्रह शुक्र का गोचर 19 अप्रैल के बाद अपनी राशि में रहेगा अतः हम 19 अप्रैल के बाद वाले समय को लव लाइफ के लिए काफी अच्छा कह सकते हैं।
सगाई या फिर विवाह से संबंधित बातों को आगे बढ़ाने के लिए यह महीना सामान्य तौर पर अनुकूल परिणाम देता हुआ प्रतीत हो रहा है। विशेषकर 19 अप्रैल के बाद वाला समय इन मामलों में और भी अच्छे परिणाम दे सकता है। वैवाहिक जीवन की बात की जाए तो इस मामले में यह महीना मिले-जुले परिणाम देता हुआ प्रतीत हो रहा है। क्योंकि सप्तम भाव पर राहु केतु का प्रभाव लगातार बना हुआ है, अतः वैवाहिक जीवन में सावधानी की आवश्यकता तो रहेगी। अर्थात संबंधों को प्रेम पूर्वक सहेजने की आवश्यकता लगातार बनी हुई है लेकिन 14 अप्रैल तक सप्तम भाव के स्वामी सूर्य शनि की संगति में रहने के कारण कमजोर रहेंगे।
अतः इस अवधि में अर्थात महीने की शुरुआत से लेकर 14 अप्रैल तक दांपत्य जीवन का विशेष ख्याल रखने की आवश्यकता रहेगी। 14 अप्रैल के बाद सूर्य की स्थिति मजबूत हो जाएगी। फलस्वरूप दांपत्य जीवन में आ रही परेशानियों को आप शांत कर सकेंगे। कहने का तात्पर्य है कि प्रेम संबंधों में महीना औसत से बेहतर परिणाम दे सकता है। तो वहीं दांपत्य जीवन में महीने का दूसरा हिस्सा ज्यादा अच्छे परिणाम देना चाहेगा।
विशेषकर 19 अप्रैल के बाद प्रेम संबंधों में अच्छी खासी अनुकूलता देखने को मिल सकती है। 19 अप्रैल से पहले का समय उन लोगों के लिए खराब रह सकता है जो फ्लर्ट करने वाला नेचर रखते हैं लेकिन सीरियस प्रेम करने वाले लोग काफी हद तक अनुकूल परिणाम प्राप्त कर सकते हैं। दूसरों को प्रभावित करने के लिए अपने प्रेम प्रसंग का शो ऑफ करने वाले लोग सुर्खियों का केंद्र बिंदु बन सकते हैं। क्योंकि प्रेम संबंधों के कारक ग्रह शुक्र का गोचर 19 अप्रैल के बाद अपनी राशि में रहेगा अतः हम 19 अप्रैल के बाद वाले समय को लव लाइफ के लिए काफी अच्छा कह सकते हैं।
सगाई या फिर विवाह से संबंधित बातों को आगे बढ़ाने के लिए यह महीना सामान्य तौर पर अनुकूल परिणाम देता हुआ प्रतीत हो रहा है। विशेषकर 19 अप्रैल के बाद वाला समय इन मामलों में और भी अच्छे परिणाम दे सकता है। वैवाहिक जीवन की बात की जाए तो इस मामले में यह महीना मिले-जुले परिणाम देता हुआ प्रतीत हो रहा है। क्योंकि सप्तम भाव पर राहु केतु का प्रभाव लगातार बना हुआ है, अतः वैवाहिक जीवन में सावधानी की आवश्यकता तो रहेगी। अर्थात संबंधों को प्रेम पूर्वक सहेजने की आवश्यकता लगातार बनी हुई है लेकिन 14 अप्रैल तक सप्तम भाव के स्वामी सूर्य शनि की संगति में रहने के कारण कमजोर रहेंगे।
अतः इस अवधि में अर्थात महीने की शुरुआत से लेकर 14 अप्रैल तक दांपत्य जीवन का विशेष ख्याल रखने की आवश्यकता रहेगी। 14 अप्रैल के बाद सूर्य की स्थिति मजबूत हो जाएगी। फलस्वरूप दांपत्य जीवन में आ रही परेशानियों को आप शांत कर सकेंगे। कहने का तात्पर्य है कि प्रेम संबंधों में महीना औसत से बेहतर परिणाम दे सकता है। तो वहीं दांपत्य जीवन में महीने का दूसरा हिस्सा ज्यादा अच्छे परिणाम देना चाहेगा।
पारिवारिक
आपके दूसरे भाव के स्वामी ग्रह बृहस्पति की स्थिति काफी अच्छी रहने वाली है, जो पारिवारिक मामलों में आपको अच्छा सहयोग करेंगे लेकिन 14 अप्रैल तक दूसरे भाव में शनि सूर्य की युति अनुकूल परिणाम देने में बाधा डाल सकती है। वहीं 2 अप्रैल के बाद से लेकर बाकी के समय में शनि मंगल की युति भी पारिवारिक मामलों के लिए ठीक नहीं कही जाएगी।
शनि मंगल की युति विवाद करवाने का काम कर सकती है। इसके अलावा 11 अप्रैल से नीच के बुध ग्रह की उपस्थिति भी पारिवारिक मामलों के लिए ठीक नहीं है। ऐसे में वो लोग जिनके घर में बड़े बुजुर्गों की अधिक नहीं सुनी जाती अर्थात जो लोग बड़े बुजुर्गों की सुनने की बजाए मनमानी करते रहते हैं, उनके हालात खराब रह सकते हैं। छोटी-छोटी बातें बड़ी बन सकती हैं।
डिस्कशन करते-करते बातें डिबेट में कन्वर्ट होगी और डिबेट बड़े विवाद का रूप ले सकता है। अतः ऐसी स्थिति बनने पर स्वयं को शांत रखना जरूरी रहेगा। यदि आप समझदारी से कम लेंगे तो बृहस्पति ग्रह की अनुकूलता आपकी मदद करेगी। क्योंकि हम घर के बड़े बुजुर्गों और गुरुजनों को बृहस्पति के रूप में मानते हैं तो ऐसी स्थिति में जिन घरों में बड़े बुजुर्गों की सुनी जाती है, शिक्षक या गुरुजनों की सुनी जाती है, ऐसे लोगों के घर का विवाद जल्दी ही शांत हो जाएगा। वहीं जो लोग ऐसा करने में यकीन नहीं रखते हैं उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
अप्रैल मासिक राशिफल 2026 के अनुसार चतुर्थ भाव की स्थिति औसत से बेहतर स्तर की नज़र आ रही है। 19 अप्रैल तक चतुर्थ भाव के स्वामी कमजोर स्थिति में रहेंगे लेकिन 19 अप्रैल के बाद शुक्र ग्रह की अनुकूलता गृहस्थ जीवन को बेहतर करने का काम करेगी। हालांकि, शनि ग्रह की तीसरी दृष्टि लगातार चौथे भाव पर बनी हुई है जो बीच-बीच में परेशानियां देने का काम करेगी। तो ऐसे में हम कह सकते हैं कि 19 अप्रैल के बाद गृहस्थ जीवन में सामान्य तौर पर अच्छी अनुकूलता देखने को मिल सकती है। फिर भी सावधानी की जरूरत रहेगी। अर्थात सावधानी पूर्वक निर्वाह तो करना ही होगा लेकिन 19 अप्रैल से पहले बहुत ही अधिक सावधानी पूर्वक निर्वाह करने की आवश्यकता रहेगी। 19 अप्रैल के बाद आप राहत का अनुभव कर सकेंगे। यानी कि पारिवारिक मामलों के लिए यह महीना आपको औसत से कमजोर परिणाम दे सकता है। वहीं गृहस्थ मामले में यह महीना आपको मिले-जुले या औसत से बेहतर परिणाम भी दे सकता है।
शनि मंगल की युति विवाद करवाने का काम कर सकती है। इसके अलावा 11 अप्रैल से नीच के बुध ग्रह की उपस्थिति भी पारिवारिक मामलों के लिए ठीक नहीं है। ऐसे में वो लोग जिनके घर में बड़े बुजुर्गों की अधिक नहीं सुनी जाती अर्थात जो लोग बड़े बुजुर्गों की सुनने की बजाए मनमानी करते रहते हैं, उनके हालात खराब रह सकते हैं। छोटी-छोटी बातें बड़ी बन सकती हैं।
डिस्कशन करते-करते बातें डिबेट में कन्वर्ट होगी और डिबेट बड़े विवाद का रूप ले सकता है। अतः ऐसी स्थिति बनने पर स्वयं को शांत रखना जरूरी रहेगा। यदि आप समझदारी से कम लेंगे तो बृहस्पति ग्रह की अनुकूलता आपकी मदद करेगी। क्योंकि हम घर के बड़े बुजुर्गों और गुरुजनों को बृहस्पति के रूप में मानते हैं तो ऐसी स्थिति में जिन घरों में बड़े बुजुर्गों की सुनी जाती है, शिक्षक या गुरुजनों की सुनी जाती है, ऐसे लोगों के घर का विवाद जल्दी ही शांत हो जाएगा। वहीं जो लोग ऐसा करने में यकीन नहीं रखते हैं उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
अप्रैल मासिक राशिफल 2026 के अनुसार चतुर्थ भाव की स्थिति औसत से बेहतर स्तर की नज़र आ रही है। 19 अप्रैल तक चतुर्थ भाव के स्वामी कमजोर स्थिति में रहेंगे लेकिन 19 अप्रैल के बाद शुक्र ग्रह की अनुकूलता गृहस्थ जीवन को बेहतर करने का काम करेगी। हालांकि, शनि ग्रह की तीसरी दृष्टि लगातार चौथे भाव पर बनी हुई है जो बीच-बीच में परेशानियां देने का काम करेगी। तो ऐसे में हम कह सकते हैं कि 19 अप्रैल के बाद गृहस्थ जीवन में सामान्य तौर पर अच्छी अनुकूलता देखने को मिल सकती है। फिर भी सावधानी की जरूरत रहेगी। अर्थात सावधानी पूर्वक निर्वाह तो करना ही होगा लेकिन 19 अप्रैल से पहले बहुत ही अधिक सावधानी पूर्वक निर्वाह करने की आवश्यकता रहेगी। 19 अप्रैल के बाद आप राहत का अनुभव कर सकेंगे। यानी कि पारिवारिक मामलों के लिए यह महीना आपको औसत से कमजोर परिणाम दे सकता है। वहीं गृहस्थ मामले में यह महीना आपको मिले-जुले या औसत से बेहतर परिणाम भी दे सकता है।
उपाय
किसी रविवार को मंदिर में सूखा हुआ जटा वाला नारियल चढ़ाएं।
नियमित रूप से हनुमान चालीसा का पाठ करें।
मांस, मदिरा व अंडे इत्यादि से परहेज़ करें।
नियमित रूप से हनुमान चालीसा का पाठ करें।
मांस, मदिरा व अंडे इत्यादि से परहेज़ करें।
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