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बृहस्पति का धनु राशि में गोचर- 5 नवंबर 2019

वैदिक ज्योतिष के अंतर्गत नवग्रहों में बृहस्पति को देवताओं का गुरु कहा गया है और ग्रहों के मंत्रिमंडल में इन्हें मंत्री का पद प्राप्त है। ये नैसर्गिक रूप से सब से शुभ ग्रह माने जाते हैं। यह वृद्धि के कारक हैं इसलिए अच्छी या बुरी जो भी घटना हो उसमें इनका योग वृद्धि कारक होता है। यह हमारे जीवन में हमारे गुरु और गुरु तुल्य लोगों, हमारे परिवार के बड़े बुजुर्गों, संतान, धन तथा ज्ञान का कारक प्राप्त है। जन्म कुंडली में गुरु की स्थिति से जातक के जीवन के बारे में कई महत्वपूर्ण बातें पता चलती हैं।

गुरु बृहस्पति का कुंडली पर प्रभाव

कुंडली में बृहस्पति की अनुकूल स्थिति व्यक्ति को मान सम्मान और ज्ञान प्रदान करती है तथा व्यक्ति को धन की प्राप्ति भी अच्छी मात्रा में होती है। संतान सुख की प्राप्ति के लिए भी बृहस्पति की मजबूत स्थिति को देखा जाता है। वहीं दूसरी ओर गुरु बृहस्पति जब इसके विपरीत अवस्था में होते हैं तो इन सभी कारकों में कमी आने की संभावना बढ़ जाती है। यह धनु और मीन राशि के स्वामी हैं और कर्क राशि में उच्च तथा मकर राशि में नीच अवस्था में माने जाते हैं। कुंडली में चंद्रमा लग्न पर बृहस्पति की दृष्टि अमृत समान मानी जाती है। अगर कुंडली में बृहस्पति की स्थिति अनुकूल नहीं है तो आपको बृहस्पति ग्रह की शांति के उपाय करने चाहिए।

जानें धनु राशि में बृहस्पति ग्रह के गोचर का बारह राशियों पर असर

बृहस्पति ग्रह की शांति के कुछ उपाय

  • ज्योतिष शास्त्र के अनुसार अगर आपकी कुंडली में बृहस्पति अनुकूल अवस्था में नहीं है तो आपको पुखराज रत्न धारण करना चाहिए। चूंकि बृहस्पति धनु और मीन राशियों के स्वामी हैं इसलिए अगर इन दोनों राशियों के जातक पुखराज धारण करें तो उन्हें शुभ फल मिलते हैं।

  • इसके साथ ही बृहस्पति ग्रह के अच्छे फल प्राप्त करने के लिए गुरुवार के दिन या बृहस्पति की होरा में गुरु यंत्र को अपने घर में स्थापित करना चाहिए।

  • आप गुरु ग्रह के शुभ परिणाम प्राप्त करने के लिए पीपल की जड़ को गुरु की होरा या गुरु के नक्षत्रों में भी धारण कर सकते हैं।

बृहस्पति गोचर का समय

बृहस्पति ग्रह 5 नवंबर 2019, मंगलवार 00:03 बजे अपनी राशि धनु में गोचर करेगा और 29 मार्च 2020, रविवार रात्रि 19:08 बजे तक इसी राशि में स्थित रहेगा। गुरु बृहस्पति के इस राशि परिवर्तन का प्रभाव सभी राशियों पर होगा। आईये इस राशिफल के माध्यम से डालते हैं उन प्रभावों पर एक नज़र...

यह भविष्यफल चंद्र राशि पर आधारित है। अपनी चंद्र राशि जानने के लिए क्लिक करें: चंद्र राशि कैलकुलेटर

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मेष

शुभ ग्रह बृहस्पति आपकी राशि से नवम भाव में गोचर करेंगे। बृहस्पति आपके नवम भाव के स्वामी होने के साथ-साथ आपके द्वादश भाव के भी स्वामी हैं। इस गोचर के दौरान आपको अपने कर्मों का अच्छा फल अवश्य मिलेगा, नौकरी पेशा से जुड़े लोगों को तरक्की मिलने की उम्मीद है वहीं इस राशि के जो लोग अपना कारोबार करते हैं उनकी नई योजनाएं सफल होंगी। बृहस्पति देव की कृपा से आपका पारिवारिक जीवन भी इस दौरान अच्छा रहेगा। कुछ शादीशुदा जातकों के जीवन में नए मेहमान की दस्तक होने की भी इस समय पूरी संभावना है। आर्थिक पक्ष को सुधारने के लिए जो योजनाएं आपने बीते समय में बनाई थीं उनका सकारात्मक प्रभाव अब आपको देखने को मिलेगा। गुरु के इस गोचर के दौरान आपको कई स्रोतों से धन की प्राप्ति हो सकती है। नवम भाव को धर्म भाव भी कहा जाता है और इस भाव में बृहस्पति के गोचर से आप भी धार्मिक कार्यों में रुचि लेंगे। इस राशि के कुछ जातक अपने परिवार के साथ किसी तीर्थस्थल पर जाने का भी विचार बना सकते हैं। यह गोचरीय अवधि आपके पिता के लिए भी सुखद रहेगी, अगर वो नौकरी पेशा से जुड़े हैं तो इस समय उनके पदोन्नति होने के पूरे आसार हैं। कुल मिलाकर देखा जाए तो बृहस्पति का यह गोचर आपके लिए शुभ फलदायी साबित होगा।

उपाय: भगवान शिव का रुद्राभिषेक कराए।

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वृषभ

देव गुरु बृहस्पति का गोचर आपकी राशि से अष्टम भाव में होगा। इस भाव को आयुर भाव भी कहा जाता है। इस भाव से हम जीवन में आने वाले उतार चढ़ावों और अचानक से होने वाली घटनाओं के बारे में विचार करते हैं। अष्टम भाव में बृहस्पति के गोचर से आपको जीवन में कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। इस गोचर काल में आपको अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखना होगा, बाहर के तले-भुने भाेज्य पदार्थों से परहेज करें नहीं तो आपको पेट से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। कोई दुखद समाचार मिलने से आपका मन व्यथित हो सकता है। अनचाही यात्राएं इस दौरान आपको परेशान करेंगी। आर्थिक पक्ष की बात की जाए तो आपको धन संचय करने में इस समय दिक्कतें आ सकती हैं, अगर आपने किसी से उधार लिया है तो इस अवधि में चुकाना पड़ सकता है जिससे आर्थिक स्थिति कमजोर होगी। नौकरी पेशा लोगों के लिए यह समय बहुत अच्छा नहीं रहेगा आपको मनचाहे परिणाम प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ेगी। बृहस्पति ग्रह के प्रभाव से धार्मिक कार्यों में आपकी रुचि बढ़ सकती है। मन की शांति के लिए आप योग का सहारा ले सकते हैं। इस राशि की ग्रहणियां इस दौरान हर मुश्किल परिस्थिति में अपने जीवन साथी का साथ देंगी।

उपाय: गुरुवार को घी का दान करें

सुख-समृद्धि के लिए करें बृहस्पति ग्रह के उपाय : बृहस्पति ग्रह के उपाय

मिथुन

गुरु ग्रह का गोचर आपकी राशि से सप्तम भाव में होगा। गुरु ग्रह आपके सप्तम और दशम भाव के स्वामी हैं। सप्तम भाव को विवाह भाव भी कहा जाता है और इससे जीवन में होने वाली साझेदारियों के बारे में पता चलता है। इस गोचरीय काल में आपका वैवाहिक जीवन अच्छा रहेगा। अपने जीवनसाथी को ख़ुशियाँ देने के लिए आप कई योजनाएं बना सकते हैं। इस अवधि में आप अपने साथी के साथ कहीं घूमने जाने का प्लान भी बना सकते हैं। आपके प्रेम भाव को देखकर आपका जीवनसाथी गदगद हो जाएगा। जिन लोगों के वैवाहिक जीवन में मतभेद थे वो भी इस दौरान दूर हो सकते हैं। गुरु ग्रह के शुभ प्रभावों से आपका आर्थिक पक्ष भी मजबूत होगा। धन का निवेश करने के लिए यह अच्छा समय है हालांकि निवेश करने से पहले अनुभवी लोगों से सलाह मशवरा अवश्य कर लें। प्रेम जीवन में नयापन आएगा, इस समय आपको अपने पार्टनर की वो खुबियां पता लग सकती हैं जिनके बारे में आपको अब तक मालूम नहीं था। स्वादिष्ट पकवानों का इस समय आप आनंद उठाएंगे। आपकी वाणी में मधुरता रहेगी इसलिए सामाजिक जीवन में भी आप अच्छे फल प्राप्त कर पाएंगे। अपनी बुद्धिमत्ता से आप जीवन की कई कठिनाइयों का डटकर इस समय मुकाबला करेंगे। कुल-मिलाकर देखा जाए तो यह गोचर आपके लिए अच्छा रहने वाला है।

उपाय: अपने घर में कपूर का दीपक जलाएं।

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कर्क

बृहस्पति देव का गोचर आपकी राशि से षष्ठम भाव में होगा। काल पुरुष की कुंडली में यह स्थान कन्या राशि का होता है और इससे रोग आदि के बारे में विचार किया जाता है। षष्ठम भाव में गुरु के उपस्थित होने से आपको स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां हो सकती हैं। आपको इस समय अपने मानसिक स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखना होगा और इसके लिए आप प्राणायाम का सहारा ले सकते हैं। नौकरी पेशा लोगों की बात की जाए तो इस अवधि में आपके कुछ सहकर्मी आपके खिलाफ साजिशें कर सकते हैं इसलिए आपको अपने कार्यक्षेत्र में बहुत सतर्कता से चलना होगा। साझेदारी में कारोबार करने वाले लोगों को धन संबंधी मामलों में अपने साझेदार पर नज़र बनाए रखनी होगी। पारिवारिक मोर्चे पर आप अच्छा प्रदर्शन करने की कोशिश करते नजर आएँगे लेकिन बावजूद इसके आपको बहुत अच्छे फल नहीं मिलेंगे। पैतृक संपत्ति को लेकर आप अपने भाई-बहनों से उलझ सकते हैं। वैवाहिक जीवन को सुचारु रुप से चलाना चाहते हैं तो अपने पार्टनर पर बेवजह शक न करें। आर्थिक स्थिति में सुधार करने के लिए इस राशि के कुछ जातक इस दौरान बैंक से लोन ले सकते हैं। छात्रों के लिए यह गोचर अच्छा रहेगा प्रतियोगी परीक्षाओं में आप अच्छा प्रदर्शन कर पाएंगे।

उपाय: हर गुरुवार को केले के वृक्ष का पूजन करें

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सिंह

बृहस्पति देव का गोचर आपकी राशि से पंचम भाव में होगा। पंचम भाव को संतान भाव भी कहा जाता है और इससे आपके विद्या और ज्ञान के बारे में भी विचार किया जाता है। गुरु का यह गोचर आपके लिए लाभदायक साबित होगा। सामाजिक स्तर पर आपके अच्छे संपर्क बनेंगे जो आपके व्यावसायिक और निजी जीवन को सरल बनाने में काम आएँगे। आपके मन में दूसरों के प्रति इस समय दया का भाव रहेगा और आप परोपकारी कामों में बढ़ चढ़कर हिस्सा ले सकते हैं। आपके माता-पिता इस दौरान आपके व्यवहार से खुश रहेंगे। इस गोचर के दौरान आपको अहसास हो सकता है कि पैसा जीवन की जरुरत है और जीवन की असली खुशी लोगों की मदद करने और उन्हें खुश देखने में है। आर्थिक पक्ष पर इस दौरान आप ज्यादा ध्यान नहीं देंगे और जितना आपके पास है उसी में संतुष्ट रहेंगे। इस राशि के विवाहित लोगों की जिंदगी में इस समय किसी नए मेहमान की दस्तक हो सकती है। गुरु ग्रह ज्ञान का कारक होता है इसलिए इस गोचर काल में आपके ज्ञान में भी वृद्धि देखी जा सकती है। इस राशि के वो छात्र जो दर्शन शास्त्र या ज्योतिष की पढ़ाई कर रहे हैं उन्हें मनोनुकूल परिणाम मिलेंगे। इस समय आप नया वाहन या प्रोपर्टी खरीदने का भी मन बना सकते हैं। कुल-मिलाकर गुरु का यह गोचर आपके लिए अच्छा रहेगा।

उपाय: इस बृहस्पति बीज मंत्र का जाप करें- “ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं स: गुरवे नम:”

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कन्या

दर्शन, धर्म और ज्ञान के कारक ग्रह बृहस्पति का गोचर आपकी राशि से चतुर्थ भाव में होगा। आपके चतुर्थ भाव के साथ-साथ बृहस्पति आपके सप्तम भाव के भी स्वामी हैं। चौथे भाव को सुख भाव भी कहा जाता है और इससे आपके मातृ पक्ष पर भी विचार किया जाता है। चतुर्थ भाव में गुरु के गोचर से आपको जीवन में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। पारिवारिक जीवन में माता-पिता के साथ आपके मतभेद होंगे जिसकी वजह से आपके वैवाहिक जीवन पर भी फर्क पड़ेगा। परिस्थितियों को अपने अनुकूल करने के लिए आपको धीरज से काम लेना होगा। बुरी स्थितियों से भागकर आप उनसे बच नहीं सकते अगर आप सच में चाहते हैं कि सब ठीक हो जाए तो उन लोगों के साथ बैठकर बात कीजिए जिनसे आपके मतभेद हैं। इस दौरान आध्यात्म के प्रति आपका झुकाव बढ़ेगा और अपनी मानसिक परेशानियों को दूर करने के लिए आप किसी आध्यात्मिक गुरु की शरण में जा सकते हैं। स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए आपको प्रयास करने होंगे। आपकी बहुत सी परेशानियों का कारण आपकी निष्क्रियता है। सरकारी नौकरी में कार्यरत इस राशि के जातक अपने काम के जरिये लोगों को चौंका सकते हैं। छात्रों के लिए यह समय सामान्य रहेगा, अगर आपको शिक्षा के क्षेत्र में परेशानियां आ रही हैं तो अपने गुरुजनों का परामर्श लेने से न चूकें।

उपाय: ब्राह्मण को शक्कर दान करें और गाय को रोटी खिलाएं।

तुला

देव गुरु बृहस्पति का गोचर आपकी राशि से तृतीय भाव में होने जा रहा है। आपके तृतीय भाव के साथ-साथ बृहस्पति आपके षष्ठम भाव के भी स्वामी है। तीसरे भाव में गुरु ग्रह की उपस्थिति आपके लिए लाभदायक नहीं कही जा सकती। इस दौरान आपके अंदर आलस्य की अधिकता रहेगी और आप हर काम को कल पर टालने की कोशिश करेंगे। इस राशि के कुछ जातकों को अपने निवास स्थान में परिवर्तन करना पड़ सकता है। इस अवधि में आपको अनचाही यात्राएं भी करनी पड़ सकती हैं। बिज़नेस और नौकरी करने वाले इस राशि के जातकों को इस समय अपने काम की गति बढ़ाने की जरुरत है। अगर आप ऐसा नहीं करते तो कई चुनौतियाँ आपके सामने आ सकती हैं। आपको यह समझने की जरुरत है कि आपके साथ अच्छा-बुरा जो भी होता है उसकी सबसे बड़ी वजह आप ही होते हैं। अच्छी स्थिति में खुद को श्रेय देना और बुरी स्थिति में लोगों को दोषी ठहराना गलत है। इसलिए जितना हो सके खुद के व्यक्तित्व को निखारने की कोशिश करें। गुरु ग्रह के प्रभाव से इस अवधि में आप धार्मिक कार्यों में हिस्सा ले सकते हैं। स्वास्थ्य में सकारात्मक बदलाव लाना चाहते हैं तो सुबह जल्दी उठकर व्यायाम करें।

उपाय: गुरुवार के दिन हल्दी व चना दाल का दान करें और गाय को रोटी खिलाएं।

बिजनेस में तरक्की के लिए पढ़ें: व्यापर वृद्धि के उपाय

वृश्चिक

बृहस्पति ग्रह का गोचर आपकी राशि से द्वितीय भाव में होगा। इस भाव को धन भाव भी कहा जाता है। गुरु ग्रह की आपके द्वितीय भाव में स्थिति आपको अच्छे फल दिलाएगी। इस गोचरीय काल में आपका आर्थिक पक्ष मजबूत होगा। यदि आपने किसी को धन उधार दिया था तो इस समय वो आपको वापस मिल सकता है। परिवार के लोगों के बीच आप इस समय खुलकर अपनी बातें रखेंगे जिसकी वजह से कई परेशानियां दूर हो जाएंगी। आप घर वालों की मन की बात जानने के लिए उनसे भी बातें कर सकते हैं। संक्षिप्त में कहा जाए तो आप परिवार को एकजुट करने की कोशिश करते नजर आएँगे। आपके प्रयासों को देखकर आपके जीवनसाथी को भी खुशी होगी जिससे वैवाहिक जीवन में संगतता बनी रहेगी। गुरु के गोचर के दौरान घर में किसी मांगलिक कार्य के होने की भी संभावना है। नौकरी पेशा और कारोबारी लोगों के साहस में इस समय वृद्धि देखी जा सकती है। आपके विरोधी इस गोचर के दौरान आपके सामने टिक नहीं पाएंगे। नया ज्ञान प्राप्त करने की इच्छा इस राशि के छात्रों के मन में उठेगी। आप अपनी पुस्तकों से ज्यादा अच्छे लेखकों के उपन्यास या प्रेरणादायी पुस्तकें इस अवधि में पढ़ सकते हैं, यह पुस्तकें आपके ज्ञान को नया आयाम देंगी।

उपाय: बृहस्पति बीज मंत्र “ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं स: गुरवे नम:” का जाप करें।

पढ़ें भरंगी की जड़ी के चमत्कारिक उपयोग: भरंगी जड़ी

धनु

बृहस्पति देव आपकी राशि यानि आपके लग्न भाव में गोचर करने वाले हैं। आपके लग्न भाव के साथ-साथ देव गुरु आपके चतुर्थ भाव के भी स्वामी हैं। आपके प्रथम भाव में गुरु का गोचर आपके लिए शुभ रहेगा। जीवन के हर क्षेत्र में इस समय भाग्य आपका साथ देगा। आर्थिक मामलों को लेकर यदि आप परेशान थे तो इस गोचरकाल में आपकी यह परेशानियां दूर हो जाएंगी। इस समय आप धन का संचय करने में तो सक्षम होंगे लेकिन आपकी किसी लापरवाही की वजह से आपको धन हानि होने की भी संभावना है। धन से जुड़े लेन-देन के मामलों में भी इस समय संभलकर रहें। वैवाहिक जीवन की बात की जाए तो जीवनसाथी की बातें आपके लिए इस दौरान मरहम की तरह काम कर सकती हैं। आप दोनों के बीच नज़दीकी बढ़ेगी और रोमांस में भी वृद्धि होगी। सामाजिक स्तर पर आपको अपने गुस्से पर नियंत्रण रखना होगा नहीं तो किसी बेवजह के विवाद में आप पड़ सकते हैं। स्वास्थ्य इस समय अच्छा रहेगा और मानसिक तौर पर आप खुद को आज़ाद पाएंगे जिसके चलते आप रचनात्मक कार्यों में अच्छा प्रदर्शन करेंगे। इस समय आप उस लक्ष्य को भी प्राप्त कर सकते हैं जिसके लिए काफी समय से मेहनत कर रहे थे। गुरु का यह गोचर आपके लिए कई मायनों में अच्छा रहेगा।

उपाय: गुरुवार के दिन पुखराज रत्न को सोने की अंगूठी में जड़वाकर तर्जनी अंगुली में धारण करें।

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मकर

गुरु ग्रह का गोचर आपकी राशि से द्वादश भाव में होगा। आपके द्वादश भाव के साथ-साथ बृहस्पति आपके तृतीय भाव के भी स्वामी हैं। द्वादश भाव में गुरु के गोचर से आपको लंबी दूरी की यात्राओं पर जाना पड़ सकता है। यह यात्राएं काम के सिलसिले में या फिर निजी कारणों से भी हो सकती हैं। द्वादश भाव को हानि भाव भी कहा जाता है इसलिए इस गोचर के दौरान आपको धन संबंधी मामलों में सोच-समझकर चलना होगा। किसी को भी उधार देने से पहले उसकी विश्वसनीयता को अवश्य जान लें। इस दौरान आपमें धर्म के प्रति रुचि बढ़ेगी और आप धार्मिक पुस्तकों का इस समय अध्ययन कर सकते हैं। यह ऐसा समय है जब आप भौतिक सुखों से दूरी बनाकर चलेंगे और एकांत में समय बिताना पसंद करेंगे। आपका कोई मित्र इस दौरान आपकी मुलाकात किसी आध्यात्मिक गुरु या आध्यात्म के जानकार किसी शख्स से करा सकता है। इस राशि के जो लोग विदेशों में रहते हैं वो इस दौरान वहीं रहने का प्लान बना सकते हैं। छात्रों के लिए यह समय अच्छा है और इस अवधि में आपका मन लक्ष्य पर केंद्रित होगा। अगर आप घर के मुखिया हैं तो आपको अपने परिवार को एकजुट करने के लिए इस समय प्रयास करने चाहिए।

उपाय: अपनी पेंट या शर्ट की जेब में पीला रुमाल रखें और मस्तक पर केसर का तिलक लगाएँ।


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कुंभ

बृहस्पति देव का गोचर आपकी राशि से एकादश भाव में होगा। इस भाव को लाभ भाव भी कहा जाता है। गुरु का आपके एकादश भाव में होना आपको कई क्षेत्रों में अच्छे फल दिवाएगा। सबसे पहले बात करें स्वास्थ्य की तो आप इस दौरान स्वस्थ रहेंगे, यदि आप लंबे समय से किसी बीमारी से जूझ रहे थे तो इस समय उसमें सुधार आएगा। भाग्य का पूरा साथ इस दौरान आपको मिलेगा जिसके चलते आप सफलता की नई सीढ़ियां चढ़ेंगे। अगर आपके मन में किसी कीमती चीज को पाने की ख़्वाहिश थी तो इस समय वह ख़्वाहिश पूरी हो सकती है। कार्यक्षेत्र में आप अपने काम से बॉस को प्रभावित कर सकते हैं, हालांकि आपके कुछ विरोधियों को यह बात चुभेगी और वो आपके खिलाफ साज़िश कर सकते हैं। अतीत में किये गये किसी निवेश से इस दौरान आपको फायदा हो सकता है। जीवनसाथी के साथ आनंद भरे पल गुजार पाएंगे। यदि आप अपने जीवनसाथी से दूर रहते हैं तो इस दौरान उनसे मिलने जा सकते हैं या उन्हें अपने पास बुला सकते हैं। अपने फ़ैसलों को ज़बरदस्ती अपने जीवनसाथी पर थोपने की कोशिश न करें नहीं तो समीकरण बदल सकते हैं। प्रेम में पड़े इस राशि के जातकों का जीवन जैसा चल रहा था वैसा ही चलता रहेगा।

उपाय: गुरुवार को सुबह के समय पीपल के वृक्ष पर जल चढ़ाए। लेकिन इस दौरान पीपल के वृक्ष का स्पर्श नहीं करें।

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मीन

बृहस्पति देव आपकी राशि और आपके दशम भाव के स्वामी हैं। बृहस्पति देव का गोचर आपकी राशि से दशम भाव में होगा। दशम भाव को वैदिक ज्योतिष में कर्म भाव भी कहा जाता है। यह समय आपके लिए अच्छा रहेगा। नौकरी पेशा से जुड़े लोगों को इस समय नई जिम्मदारियां मिल सकती हैं। कुछ जातकों का तबादला होने के भी आसार हैं। स्थान परिवर्तन करने की वजह से आपको कुछ परेशानियां आएँगी लेकिन थोड़े समय के बाद आपको अहसास होगा कि यह परिवर्तन आपके लिए अच्छा था। पारिवारिक जीवन में भी आपको अच्छे फल मिलेंगे, आपकी माताजी की तबियत यदि खराब चल रही थी तो इस गोचर के असर से उसमें सुधार हो सकता है। अपनी सेहत में अच्छे बदलाव करने के लिए आपको अपने लिए भी समय निकालना होगा। सुबह की सैर आपके स्वास्थ्य में कई सकारात्मक परिवर्तन लेकर आ सकती है। आर्थिक मामलों के लिए यह गोचर शुभ है इस दौरान आपको कई स्रोतों से धन प्राप्ति हो सकती है। वहीं उधारी के जाल में फंसे इस राशि के जातक इस समय कर्ज से मुक्ति पा सकते हैं। छात्रों के लिए भी यह गोचर अच्छा रहने वाला है, आपकी मेहनत इस समय रंग लाएगी। जो छात्र उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं और अपने घर से दूर हैं उन्हें गलत संगति में पड़ने से बचना चाहिए।

उपाय: घर में गुरु बृहस्पति यंत्र की स्थापना करें और रोजाना इसकी पूजा करें


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