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शुक्र का मेष राशि में गोचर लाएगा जीवन में तरक्की (29 फरवरी, 2020)

शुक्र ग्रह भारतीय वैदिक ज्योतिष में अपना एक अलग ही मुकाम रखता है। वैसे इसे दैत्यों का आचार्य होने के कारण शुक्राचार्य भी कहा जाता है, लेकिन वैदिक ज्योतिष में यह शुक्र ग्रह है जो कि जीवन में सभी प्रकार के सुखों को प्रदान करने में सक्षम है और अनुकूल शुक्र होने से व्यक्ति जीवन में लगभग सभी भौतिक सुखों को प्राप्त करता है और उसके जीवन में तरक्की आती है। उसकी पर्सनैलिटी में आकर्षण रहता है और लोग उसकी ओर खिंचे चले जाते हैं। ऐसा व्यक्ति सभी का दिल जीतने में कामयाब रहता है और उसी के आधार पर उसको जीवन में प्रगति मिलती है।


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Read in English: Venus Transit in Aries

शुक्र ग्रह को एक शुभ ग्रह की संज्ञा दी गई है और यह शनि और बुध ग्रह को अपना मित्र मानता है। वहीं सूर्य और चंद्र को शुक्र का शत्रु माना जाता है। आपकी कुंडली में शुक्र की स्थिति मजबूत होनी आवश्यक होती है क्योंकि यही सभी भौतिक सुखों की प्राप्ति कराता है। इसलिए यदि शुक्र कमजोर हो तो आपको कुछ विशेष प्रभावी उपाय बताए जाते हैं, जिसमें आपको शुक्र का रत्न हीरा या फिर उसका उप रत्न ओपल पहनने की सलाह भी दी जाती है। इसके अलावा आप यदि रत्न ना पहनना चाहें तो शुक्र यंत्र को स्थापित कर सकते हैं और उसकी नियमित रूप से पूजा करने से भी शुक्र ग्रह से संबंधित अच्छे परिणामों की प्राप्ति होती है और आप जीवन में सभी सुख प्राप्त कर सकते हैं।

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शुक्र ग्रह उत्तर पूर्व दिशा अर्थात आग्नेय कोण का स्वामी ग्रह होता है और हिंदू पंचांग की बात करें तो ज्येष्ठ मास का स्वामी भी शुक्र ग्रह ही होता है। शुक्र ग्रह द्वारा 2 राशियों वृषभ और तुला पर अधिकार होता है तथा इसके आधिपत्य वाले नक्षत्र भरणी, पूर्वाफाल्गुनी और पूर्वाषाढ़ा होते हैं। यदि आपको शुक्र ग्रह से संबंधित उपाय करना हो तो आपको इन नक्षत्रों के दौरान करना चाहिए, जिससे आपको शुक्र ग्रह के समुचित फल शीघ्र ही प्राप्त हो सकें और आप जीवन में उन्नति का मार्ग प्राप्त कर पाएँ। यदि आपकी कुंडली में शुक्र की स्थिति अत्यंत शुभ है तो आपको सभी प्रकार की ख़ुशियाँ मिलेंगी और यदि शुक्र की स्थिति अधिक खराब है तो आपको सुख की कमी के साथ-साथ दांपत्य जीवन में दुख और अशुभ स्थिति हो तो रोग होने की भी संभावना होती है।

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शुक्र के मेष राशि में गोचर का समय

जीवन में सभी प्रकार के सुख और सुविधाओं का कारक तथा भौतिक सुखों का प्रदाता शुक्र ग्रह 29 फरवरी, शनिवार की सुबह 01:31 बजे मंगल के स्वामित्व वाली मेष राशि में प्रवेश करेगा। वैदिक ज्योतिष के अनुसार शुक्र के गोचर का खास प्रभाव सभी बारह राशियों पर देखने को मिलेगा क्योंकि यह एक अग्नि तत्व राशि है और शुक्र की प्रकृति से भिन्न है। आईये अब जानते हैं कि शुक्र के मेष राशि में गोचर का सभी राशियों के लोगों पर कैसा प्रभाव पड़ने वाला है:

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मेष राशि

आपके लिए शुक्र दूसरे और सातवें भाव के स्वामी हैं और इस गोचर की अवधि में वे आपके प्रथम भाव में विराजमान होंगे। शुक्र की उपस्थिति इस भाव में होने से आपके व्यक्तित्व में आकर्षण बढ़ेगा, जिसकी वजह से आप काफी प्रसन्न भी रहेंगे और अपने चारों ओर के लोगों के प्रति सहानुभूति और प्रेम की भावना महसूस होगी। इसका सकारात्मक असर आपके दांपत्य जीवन पर पड़ेगा और जीवन साथी से अंतरंग संबंधों में वृद्धि होगी। आपके बीच प्यार पलेगा और दांपत्य जीवन के सुखों का आनंद लेंगे। यह समय व्यापार में सफलता देने वाला साबित होगा और आप अपनी पर्सनैलिटी को इंप्रूव करने के लिए भी काफी अच्छा खासा धन खर्च करेंगे। परिवार के द्वारा आर्थिक तौर पर मदद मिलेगी और आपके हर काम में परिजनों का सहयोग शामिल होगा। इसके अलावा आपका जीवन साथी भी हर मौके पर आपका साथ देगा। कोई नया गैजेट खरीदने की संभावना बनेगी और आप संतुलित और उत्तम भोजन से अपने आप को डाइटिंग पर रख सकते हैं। इस गोचर काल में आप अपने व्यक्तित्व में सुधार लाने की ओर अग्रसर होंगे। खुद पर अधिक समय और धन खर्च करेंगे, जिससे आप स्वयं को बेहतर दिखा सकें। यह गोचर आपके मान सम्मान और आपके आत्मबल को भी बढ़ाएगा। कुछ लोगों के अंदर अहम की भावना का उदय हो सकता है, जो उनके लिए नुकसानदायक साबित होगा।

उपायः आपको प्रतिदिन छोटी कन्याओं के चरण छूकर आशीर्वाद लेना चाहिए और उन्हें सफेद मिठाई शुक्रवार को बाँटनी चाहिए।

वृषभ राशि

शुक्र आपकी कुंडली में छठे भाव के स्वामी होने के साथ-साथ आपकी राशि अर्थात आप के प्रथम भाव के स्वामी भी हैं। राशि स्वामी का गोचर विशेष रूप से फल देने में सक्षम होता है, इसलिए आपके लिए गोचर काफी महत्वपूर्ण रहने वाला है। अपने इस गोचर काल में शुक्र आपके बारहवें भाव में विराजमान होंगे। बारहवाँ भाव विभिन्न प्रकार के खर्चों और हानि का भाव भी होता है, लेकिन शुक्र इस भाव में रहकर आपको विभिन्न प्रकार के सुख एवं सुविधाएँ भी प्रदान करता है, जिन पर आपके खर्चों में बढ़ोतरी भी होती है। दूसरी ओर आपको इतनी आमदनी भी प्रदान करता है कि आप इन खर्चों को आसानी से वहन कर सकें। ऐसी स्थिति में कुछ लोग विदेश जाकर अपनी छुट्टियाँ मनाना पसंद करते हैं और इसमें आपको सुख मिलेगा। इस दौरान कोई नया गैजेट घर में लेकर आ सकते हैं, चाहे वह मोबाइल फोन हो या फिर कोई एप्लायंस। इससे आपके खर्चों में अधिकता होगी। यह समय आपके लिए कोर्ट कचहरी के मामलों के लिए अनुकूल नहीं है, इसलिए इनसे बचना ही बेहतर होगा। आपका स्वास्थ्य इस दौरान कुछ पीड़ित हो सकता है, इसलिए इस पर आपको विशेष रुप से ध्यान देना चाहिए। कोई अनचाही यात्रा आपका खर्चा बढ़ा सकती है। इस दौरान धार्मिक क्रियाकलापों पर भी आप अच्छा खासा धन खर्च करेंगे। प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अधिक मेहनत करने की आवश्यकता होगी लेकिन किसी सुदूर स्थान पर जाकर नौकरी मिलने में सफलता मिलेगी।

उपायः आपको शुक्रवार से शुरू करके माता महालक्ष्मी के मंत्र "ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः" का जाप करना चाहिए।

मिथुन राशि

आपकी राशि के लिए शुक्र देव पाँचवें और बारहवें भाव के स्वामी हैं तथा गोचर की इस समय अवधि में वे आपके ग्यारहवें भाव में विराजमान होंगे। शुक्र देव की कृपा से आपको धन की प्राप्ति होगी और सहज रूप से धन आपके लिए उपलब्ध होगा। विदेशी स्रोतों से भी धन प्राप्ति के साधन आप को मिलेंगे तथा ऑफिस में वरिष्ठ अधिकारियों से आपके संबंध बेहतर बनेंगे। केवल इतना ही नहीं, यदि आप विद्यार्थी हैं तो शिक्षा के क्षेत्र में आपको जबरदस्त नतीजे मिलेंगे। क्रिएटिव फील्ड में आप को अच्छा लाभ मिलेगा और कलात्मक कार्यों में आपकी अभिरुचि से आपको धन लाभ भी होगा। शादीशुदा जातकों को संतान से लाभ होगा और संतान का सुख मिलेगा तथा प्रेम जीवन जी रहे लोगों के लिए दिनमान काफी अनुकूल रहेगा। संतान से धन की प्राप्ति हो सकती है या वह किसी प्रकार आप की महत्वाकांक्षाओं को पूरा करेगी, जिससे आपको संतोष मिलेगा। इतना ही नहीं, विदेशी माध्यमों से धन की प्राप्ति भी होगी, जो कि आपके आर्थिक स्तर को मजबूत बनाने में अपना योगदान देगी। आपके कार्यस्थल पर वरिष्ठ अधिकारियों से अच्छे संबंध बनेंगे, जो आपको काफी लाभ देंगे। आपका मन किसी कलात्मक कार्य में लगेगा, जिससे आपको आमदनी भी होगी और आपको मान सम्मान की प्राप्ति भी होगी। इस गोचर काल में आप किसी कला के कार्य में संलग्न संस्था से भी जुड़ सकते हैं।

उपायः आपको शुक्रवार के दिन चावल की खीर बनाकर माता को भोग लगाकर खुद भी खानी चाहिए।

कर्क राशि

आपकी राशि के लिए शुक्र देव चौथे भाव और ग्यारहवें भाव के स्वामी होकर गोचर काल में वे आपके दशम भाव में अपना प्रभाव दिखाएँगे। दशम भाव से प्रोफेशन का पता लगाया जाता है। शुक्र की उपस्थिति इस भाव में होने से आपको कार्यक्षेत्र में उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है। आपका मन काम से हटकर अन्य क्रियाकलापों में लगेगा, जिसकी वजह से आपको कुछ परेशानी उठानी पड़ सकती हैं। अपना व्यवहार उचित बनाए रखें और सभी से अच्छे से बातचीत करें। हालांकि आपके पारिवारिक जीवन में इस गोचर के प्रभाव से ख़ुशियों का समय आएगा। परिवार के लोग एक दूसरे के प्रति सामंजस्य और प्रेम की भावना रखेंगे। परिवार में कोई नया वाहन आ सकता है, जिससे सबको खुशी मिलेगी। आप स्वयं को एक आदर्श व्यक्तित्व के रूप में उभारने का प्रयास करेंगे और आपको सामान्य रूप से धन लाभ होगा। इस दौरान कुछ लोग अपने को व्यवसाय में पूँजी निवेश भी करेंगे तथा कामकाज को लेकर कुछ यात्राएं भी करेंगे, जो उनके लिए दीर्घावधि के लाभ का माध्यम बनेंगी। कार्यस्थल पर महिला सहकर्मियों से अच्छा व्यवहार करना आपके लिए आवश्यक होगा क्योंकि वे आप को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगी। अपने काम में आपका खूब मन लगेगा, जिससे आप का प्रदर्शन काफी हद तक सुधरेगा लेकिन व्यर्थ की बहस बाजी में समय गँवाना आपको नुकसान दे सकता है।

उपायः आपको केले के पेड़ पर चने की दाल और गुड़ अर्पित करना चाहिए।

सिंह राशि

आपकी राशि के लिए शुक्र देव तीसरे और दसवें भाव के स्वामी हैं और मीन राशि में गोचर करते हुए आपके नवें भाव में गोचर करेंगे। नवम भाव भाग्य का स्थान भी होता है और कर्म भाव यानी शुक्र के अपने भाव से द्वादश स्थान होने के कारण शुक्र के इस गोचर काल में आपके नौकरी में स्थानांतरण के प्रबल योग बनेंगे। अच्छी बात यह होगी कि यह स्थानांतरण आपके हित में होगा और आपको इस स्थानांतरण से अच्छा लाभ भी हासिल होगा। खूबसूरत स्थानों पर जाने के योग बनेंगे। परिवार के साथ पिकनिक भी मनाने जा सकते हैं। यात्राओं से आपको लाभ होगा। इसके अतिरिक्त ग्लैमर, मीडिया और एक्टिंग करने वाले लोगों को बहुत लाभ मिलेगा। इस गोचर में आपके प्रयास आपके भाग्य में बढ़ोतरी करेंगे। इतना ही नहीं, आपके साथ काम करने वाले सहकर्मी भी आपके काम में आपको भरपूर सहयोग देंगे, जिससे आपके काम की तारीफ होगी। इस गोचर की अवधि में आप के मान और सम्मान में बढ़ोतरी होगी और आप सामाजिक तौर पर स्थापित होंगे। आपके छोटे भाई बहनों को इस गोचर का अच्छा लाभ मिलेगा और वे भी इस दौरान उन्नति करेंगे। यदि कुंडली में स्थिति बन रही हो तो इस दौरान आपके किसी भाई बहन का विवाह होने के योग भी बन सकते हैं। व्यापार के सिलसिले में इस दौरान आपको सुखद परिणाम प्राप्त होंगे और आप अपने भाई बहनों के लिए भी कुछ करेंगे, जो उन्हें आगे बढ़ाने में सहायक होगा।

उपायः आपको स्फटिक की माला से "ॐ महालक्ष्म्यै नमः" मंत्र का जाप करना चाहिए।

कन्या राशि

कन्या राशि के लोगों के लिए शुक्र दूसरे और नौवें भाव के स्वामी हैं। इस गोचर की अवधि में वे आप के आठवें भाव में गोचर करेंगे। अष्टम भाव को अनिश्चितता और अचानक से होने वाले घटनाक्रम से संबंधित माना जाता है। शुक्र के इस भाव में गोचर करने के कारण आपके खर्चों में अचानक से बढ़ोतरी होगी और आप गुप्त तरीकों से भी धन खर्च करना पसंद करेंगे। गोचर की यह अवधि आपके गुरु और गुरु तुल्य लोगों के स्वास्थ्य के लिए खराब होगी। यदि आपके पिता वृद्ध हैं , तो उनकी सेहत भी बिगड़ सकती है। भाग्य में इस दौरान कुछ कमज़ोरी देखने को मिलेगी जिसकी वजह से आपके कामों में कुछ रुकावट आ सकती है। हालांकि आपको सुख मिलते रहेंगे। कुछ अवांछित तरीकों से आपको धन की प्राप्ति हो सकती है, जो आपको आर्थिक तौर पर मजबूत तो बनाएगी लेकिन मानसिक तौर पर आप की मानसिक शांति को छीन सकती है। इस दौरान ससुराल पक्ष से आप कुछ लाभ मिलने की उम्मीद आप कर सकते हैं। वहीं कुछ लोगों के ससुराल में कोई फंक्शन हो सकता है, जिसमें आपकी भागीदारी भी सुनिश्चित होगी। अच्छे भोजन से आपको लाभ होगा, लेकिन अति भोग की प्रवृत्ति आपको बीमार भी बना सकती है। जो लोग किसी प्रकार की तंत्र साधना में रत हैं, उन्हें अच्छे नतीजे मिलेंगे और आप गुप्त रूप से कुछ ऐसे कार्यों पर खर्च करेंगे, जो आपको शारीरिक संतुष्टि देंगे।

उपायः आपको शुक्र ग्रह के अनुकूल परिणाम प्राप्त करने के लिए छोटी कन्याओं के चरण छूकर उनका आशीर्वाद लेना चाहिए।

तुला राशि

आपके लिए शुक्र देव की भूमिका काफी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि वह आपके अष्टम भाव के स्वामी होने के साथ-साथ ही आपकी राशि के स्वामी भी हैं। अर्थात आप के प्रथम भाव के स्वामी भी हैं, इसलिए गोचर का यह समय आपके लिए विशेष रूप से प्रभावशाली रहेगा। शुक्र के मेष राशि में गोचर की अवधि में वे आपके सप्तम भाव में विराजमान होंगे जो कि दीर्घकालीन साझेदारियों का भाव है। इस गोचर के प्रभाव से आपके दांपत्य जीवन में प्रेम की गंगा बहेगी आप और आपके जीवनसाथी के बीच अंतरंग संबंधों की वृद्धि होगी और आप एक दूसरे के और निकट आएँगे। एक दूसरे के प्रति आकर्षण का भाव आपके दांपत्य जीवन के सुख को बढ़ा देगा लेकिन कुछ लोगों को विवाहेत्तर संबंधों की ओर बढ़ते हुए भी देखा जा सकता है लेकिन एक बात का ध्यान रखें, अपने जीवनसाथी के प्रति ईमानदार रहें क्योंकि यदि आप किसी अन्य व्यक्ति में रुचि लेते हैं तो इस दौरान दांपत्य जीवन में तनाव बढ़ सकता है। आपके अंदर अधिक कामेच्छा उत्पन्न हो सकती है, जो आपको परेशानियों में डाल सकती है, इसलिए थोड़ा सतर्क रहें। इस दौरान व्यापार के सिलसिले में आपको इस जबरदस्त लाभ होने के योग बनेंगे और आप स्वास्थ्य समस्याओं से भी छुटकारा पा लेंगे। कोई पुरानी चली आ रही बीमारी से भी मुक्ति मिलेगी। आपके अपने व्यावसायिक साझेदार से संबंध बेहतर बनेंगे। इसका लाभ आपको व्यापार में मिलेगा।

उपायः आपको शुक्र के यंत्र अथवा रत्न को धारण करना चाहिए।

वृश्चिक राशि

आपकी राशि के लिए शुक्र देव सातवें और बारहवें भाव के स्वामी हैं तथा गोचर की इस अवधि में आप के छठे भाव में प्रवेश करेंगे। शुक्र का गोचर छठे भाव में आपके लिए अधिक अनुकूल नहीं होगा, इसलिए आपको इस दौरान थोड़ा सावधानी बरतनी होगी। इस गोचर के प्रभाव से जहां एक ओर आपके खर्चों में अप्रत्याशित रूप से वृद्धि होगी तो वहीं आपके विरोधी भी सर उठाने लगेंगे और आपके मान सम्मान को हानि पहुंचाने का प्रयास करेंगे। उनके प्रति आपको सावधान रहना चाहिए। महिलाओं से अच्छा व्यवहार करना आवश्यक होगा नहीं तो उनकी वजह से कोई दिक्कत आ सकती है। इस दौरान आपके जीवनसाथी का स्वास्थ्य पीड़ित हो सकता है। यदि वे कहीं काम करते हैं, तो काम के सिलसिले में उन्हें कहीं दूर यात्रा पर जाना पड़ सकता है। स्वास्थ्य कमजोर रहने से शारीरिक ऊर्जा में कमी का अनुभव होगा। हालांकि नौकरी के सिलसिले में यह गोचर आपके लिए काफी फ़ायदेमंद साबित होगा और आपके प्रयासों को गति मिलेगी। कुछ लोग इस दौरान कर्ज लेकर अपना पिछला कर्ज चुकाने का प्रयास करेंगे। कोर्ट कचहरी के मामलों के लिए यह समय अनुकूल नहीं है। इस दौरान आपको नौकरी में अच्छे नतीजे मिलेंगे और अचानक से आगे बढ़ने का मौका मिल सकता है, जिसकी अपने उम्मीद भी नहीं की होगी।

उपायः आपको इस गोचर के दौरान शुक्रवार के दिन चीनी का दान करना चाहिए।

धनु राशि

धनु राशि के जातकों के लिए शुक्र ग्रह छठे भाव के साथ ही ग्यारहवें भाव के स्वामी भी हैं। गोचर की इस अवधि में वे आपके पांचवें भाव में विराजमान होंगे। पाँचवाँ भाव बुद्धि, प्रेम और संतान का भाव भी कहा जाता है, इसलिए शुक्र के इस भाव में गोचर करने के कारण आपको अपनी लव लाइफ में काफी अच्छे परिणाम मिलेंगे। आपकी ओर आपके प्रियतम के बीच की बॉन्डिंग अच्छी बनेगी। आप के अंतरंग संबंधों में बढ़ोतरी होगी। एक दूसरे के प्रति आकर्षण की बढ़ोतरी होने से आपका यह रिश्ता मजबूत होगा। इसके अलावा आपको शिक्षा में भी अच्छे नतीजे मिलेंगे और आपकी मेहनत कामयाब होगी। शादीशुदा लोगों को अपनी संतान का सुख मिलेगा। जो लोग कर्ज के दलदल में डूबे हुए हैं, उन्हें इस गोचर में लाभ मिल सकता है और कर्ज को चुकाने में आंशिक तौर पर सफलता भी मिलने वाली है। इस गोचर के दौरान आपकी आमदनी में बढ़ोतरी होगी और आपका आर्थिक स्तर मजबूत होगा। हालांकि जो लोग नौकरी कर रहे हैं, उन्हें कुछ समस्याएँ भी आ सकती हैं और वे अपनी नौकरी बदलने का विचार भी कर सकते हैं। व्यापार के सिलसिले में आपको अच्छे परिणाम प्राप्त होंगे। हालांकि इस दौरान आपको अपने कुछ अनियमित खर्चों पर रोक लगानी होगी क्योंकि ख़र्चीला व्यवहार आपको आर्थिक दबाव भी दे सकता है। किसी प्रकार के लोन को चुकाने में आपको सफलता मिलेगी।

उपायः आपको शुक्रवार के दिन शिवलिंग पर अक्षत अर्पित करने चाहियें।

मकर राशि

आपकी राशि के लिए शुक्र देव पांचवें और दसवें भाव के स्वामी हैं और गोचर की इस अवधि में वे आपके चौथे भाव में प्रवेश करेंगे। शुक्र आप आपके लिए एक योगकारक ग्रह की भूमिका भी निभाते हैं, इसलिए शुक्र का गोचर आपके लिए काफी महत्वपूर्ण परिणाम लेकर आएगा। इस गोचर के प्रभाव से विशेष रूप से आपके परिवार में शांति की स्थापना होगी और आपको अपने परिवार का वातावरण काफी शांति प्रदान करेगा। परिवार में तालमेल देखने को मिलेगा और लोग एक दूसरे के प्रति स्नेह की भावना रखेंगे। इस दौरान कोई गैजेट या कोई वाहन खरीदने की संभावना भी बन रही है और कुछ लोग अपने घर की साज-सज्जा पर विशेष ध्यान देंगे। घरेलू खर्चे भी खूब होंगे, जो आपको परिवार में और भी सम्मान दिलवाएंगे। इस गोचर काल में आपको अपने कार्यस्थल पर सम्मान की प्राप्ति हो सकती है और आप का प्रदर्शन पहले के मुकाबले और भी अधिक सुधरेगा। संतान से सुख मिलेगा और शिक्षा आप के काम आएगी। क्रिएटिव फील्ड के लोगों को जबरदस्त लाभ मिलेगा। आपको अपने घर का सुख मिलेगा और काम के बीच में आपको आराम भी मिलेगा। इस दौरान आप अपने व्यक्तित्व में सुधार लाने का भी प्रयास करेंगे और खुद को आकर्षक दिखाना पसंद करेंगे। इस दौरान आपकी माताजी काफी आनंद पूर्वक रहेंगी और उनसे आपको सुख की प्राप्ति होगी।

उपायः आपको भगवान श्री महा गणेश जी की प्रतिदिन उपासना करनी चाहिए और उन्हें दुर्वांकुर अर्पित करने चाहियें।

कुंभ राशि

कुंभ राशि के लोगों के लिए शुक्र ग्रह एक योगकारक ग्रह है क्योंकि वह आपके केंद्र भाव (चौथे) और त्रिकोण भाव (नवें) के स्वामी हैं, इसलिए आपके लिए भी यह गोचर काफी महत्वपूर्ण रहेगा। अपने इस गोचर काल में शुक्र देव आपके तीसरे भाव में प्रवेश करेंगे, जिसकी वजह से आपका अधिकाँश समय यात्राओं में बीतेगा। यात्रा सुखद रहेंगी और आनंददायक होंगी। आप के मान सम्मान में बढ़ोतरी होगी। भाग्य में अभिवृद्धि होगी, जिसकी वजह से आपके काम बनने लगेंगे। जो काम काफी लंबे समय से अटके हुए थे, वे भी अब पूरे होने लगेंगे, जिससे आपको मानसिक तौर पर मजबूती मिलेगी। तनाव से मुक्ति मिलेगी और अच्छा धन लाभ भी होगा। शुक्र के मेष राशि के गोचर में आपको अपने मित्रों से अच्छा सहयोग मिलेगा और वे आपको आपके कामों में सहायता देंगे। आपका सोशल सर्किल इंप्रूव होगा और आप सोशल मीडिया पर भी काफी एक्टिव रहेंगे। आपके प्रेम जीवन में ख़ुशियाँ आएँगी और यदि आप अभी तक सिंगल हैं, तो आपको किसी का साथ मिलेगा। इसके अलावा यदि आप किसी को प्रपोज करना चाहते हैं तो उसके लिए भी यह गोचर काफी अनुकूल रहेगा। इस दौरान आपके पिता को भी लाभ होगा और उनके कार्यक्षेत्र में उन्हें तरक्की मिलेगी। आपके संबंध अपने सहकर्मियों से बेहतर बनेंगे, जिससे वे हर काम में आपकी मदद करेंगे। परिवार में ख़ुशियाँ लाने के लिए आपको अधिक प्रयास करने पड़ेंगे।

उपायः आपको शुक्रवार के दिन गौ माता को आटे की लोई बना कर खिलाना चाहिए।

मीन राशि

आपकी राशि के लिए शुक्र ग्रह तीसरे और आठवें भाव के स्वामी हैं। अपने इस गोचर की अवधि में वे आप के दूसरे भाव में प्रवेश करेंगे। दूसरा भाव धन भाव भी कहलाता है, इसलिए शुक्र के इस भाव में गोचर का प्रभाव आपको धन के मामले में अच्छे परिणाम प्रदान करेगा। यानि कि आप धन लाभ प्राप्त करेंगे और आपका धन संचित भी होगा जिसके फलस्वरूप आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत बनेगी। इस दौरान आप सुंदर व्यंजनों का आनंद लेंगे और नई-नई चीजें पसंद करेंगे, जो आपके भोजन में शामिल होंगी। परिवार में कोई सुखद घटना हो सकती है, जिससे परिवार में कोई फंक्शन, आदि की संभावना बढ़ेगी या किसी का विवाह हो सकता है। इससे अतिथियों का आना जाना लगा रहेगा। परिवार में हर्षोल्लास का वातावरण रहेगा। कुटुंब के लोगों में एक दूसरे के प्रति प्रेम और सौहार्द की भावना रहेगी, जिससे आपके परिवार की छवि भी काफी अच्छी होगी और लोग आपके घर वालों की तारीफ करेंगे। अचानक से धन प्राप्ति के योग बनेंगे और इस दौरान आपके छोटे भाई बहन भी आपको आर्थिक तौर पर मदद देंगे। कुछ लोगों को इस दौरान पैतृक संपत्ति भी प्राप्त हो सकती है। प्रॉपर्टी के माध्यम से किसी प्रकार का लाभ होने का रास्ता भी खुलेगा और परिवार की कुल संपत्ति में इजाफा होगा।

उपायः आपको शुक्रवार के दिन छोटी कन्याओं को सफेद मिठाई खिलानी चाहिए।


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2020 गोचर

मंगल का तुला राशि में गोचर मंगल का कन्या में गोचर मंगल का सिंह राशि में गोचर मंगल अस्त मेष राशि में मंगल का मेष में गोचर मंगल का मीन में गोचर मंगल का मिथुन में गोचर मंगल का वृषभ में गोचर मंगल का गोचर कुम्भ राशि में शनि वृश्चिक में अस्त शनि वक्री वृश्चिक में वृश्चिक राशि में शनि उदय सूर्य का तुला राशि में गोचर सूर्य का मीन में गोचर सूर्य का कुम्भ में गोचर सूर्य का मकर में गोचर सूर्य का धनु राशि में गोचर सूर्य का वृश्चिक राशि में गोचर सूर्य का कन्या राशि में गोचर सूर्य का सिंह राशि में गोचर सूर्य का कर्क में गोचर सूर्य का मिथुन में गोचर सूर्य का वृषभ में गोचर सूर्य का मेष में गोचर
धनु राशि में शुक्र का गोचर शुक्र का वृश्चिक में गोचर शुक्र का कन्या में गोचर शुक्र कर्क में मार्गी शुक्र का मीन में गोचर शुक्र का कुम्भ में गोचर शुक्र का मकर में गोचर शुक्र मेष में अस्त शुक्र का तुला में गोचर मंगल का कर्क में गोचर अस्त शुक्र का कर्क में गोचर शुक्र सिंह राशि में वक्री शुक्र का वृषभ में गोचर शुक्र का मेष में गोचर शुक्र का सिंह में गोचर शुक्र का मिथुन में गोचर शुक्र का कर्क में गोचर वृश्चिक राशि में शुक्र उदय गुरु कन्या राशि में वक्री गुरु का सिंह में गोचर गुरु सिंह राशि में अस्त गुरु कर्क राशि में मार्गी कर्क राशि में बृहस्पति वक्री गुरु कर्क राशि में मार्गी शनि धनु राशि में वक्री

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