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बुध का मेष राशि में गोचर, जानिये आप पर प्रभाव (25 अप्रैल, 2020)

बुध ग्रह शनिवार, 25 अप्रैल 2020 को प्रातः 2:26 बजे (24 अप्रैल 2020 की रात्रि) मीन राशि से निकल कर मंगल की मेष राशि में प्रवेश करेगा। यह राशि काल पुरुष की कुंडली में प्रथम भाव अर्थात लग्न भाव की राशि मानी जाती है। यह अग्नि तत्व की राशि भी है, इसलिए इस राशि में बुध का गोचर शीघ्रता से अपने परिणाम देगा।

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बुध ग्रह के मेष राशि में गोचर का राशिफल

अब जबकि बुध मेष राशि में गोचर करने वाला है तो आईये जानते हैं कि इस गोचर का आपकी राशि पर क्या प्रभाव पड़ने वाला है:

यह राशिफल चंद्र राशि पर आधारित है। जानें अपनी चंद्र राशि

बुध का मेष राशि में गोचर

मेष राशि

आपका तीसरे और छठे भाव का स्वामी बुध आपके प्रथम भाव अर्थात आप की राशि में गोचर करेगा। तीसरे भाव का स्वामी लग्न में जाने से आपको अपने बाहुबल पर काफी भरोसा होगा और आप काफी अधिक प्रयास करेंगे। अपने आप को सफल बनाने के लिए आप की निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होगी और आप इस दौरान जो निर्णय लेंगे, वे भविष्य में आपके लिए काफी महत्वपूर्ण साबित होंगे। हालांकि आपको अति आत्मविश्वास का शिकार होने से बचना चाहिए और किसी से भी उल्टी-सीधी बात करने से बचना चाहिए। इस गोचर काल में आपको भाई बहनों का सहयोग आपको पूरी तरह प्राप्त होगा और वे आपको हर संभव सहायता देंगे और उनका स्नेह भी बना रहेगा। दूसरी ओर, इस गोचर काल में छठे भाव का स्वामी आपके प्रथम भाव में जाएगा, जिससे आपका स्वास्थ्य पीड़ित हो सकता है। आपको स्वास्थ्य समस्याएं जैसे त्वचा से संबंधित रोग, एलर्जी, नसों से संबंधित समस्याएं परेशान कर सकती हैं। दांपत्य जीवन के लिए यह गोचर अनुकूल रहने वाला है। आपके रिश्ते में प्रेम की बढ़ोतरी होगी और दोनों एक दूसरे से खुलकर आपसी बातचीत करेंगे, जिससे मन में पड़ी गांठे खुलेंगी और रिश्ता निखर कर सामने आएगा। यह गोचर आपके दांपत्य जीवन को अच्छे से स्थापित करेगा। व्यापार के सिलसिले में थोड़ा सावधानी से काम करना होगा अन्यथा यह गलत दिशा में जा सकता है

उपायः आपको बुधवार के दिन व्रत रखना चाहिए।


किसी समस्या से हैं परेशान, समाधान पाने के लिए प्रश्न पूछें

वृषभ राशि

आपकी राशि के दूसरे और पांचवें भाव का स्वामी बुध बारहवें भाव में प्रवेश करेगा। यह गोचर आपके लिए मिले जुले परिणाम लेकर आएगा। इस गोचर के प्रभाव से जहां एक ओर आपके खर्चों में बढ़ोतरी होगी और आपका संचित धन भी कुछ विशेष कार्यों में खर्च होगा, वहीं दूसरी ओर, कुछ लोगों को पढ़ाई के सिलसिले में विदेश जाने की इच्छा पूरी करने के लिये अभी से अपने आप को पक्का करना होगा। यदि आप शादीशुदा हैं और आपकी संतान विदेश जाना चाहती है और इस दिशा में प्रयासरत है तो उन्हें भी सफलता मिले, इसके लिये पढ़ाई को मजबूत बनायें, जिससे कि भविष्य में वे विदेश जाकर किसी अच्छे कॉलेज में पढ़ाई कर पायें। आप अपनी बुद्धि के बल पर बहुत कामों को समझदारी से करेंगे, जिससे आपको काफी अच्छा नाम मिलेगा। आप अपने बिज़नेस में काफी अच्छा इन्वेस्टमेंट करेंगे, जो आने वाले समय में आपके काम आएगा। आपके प्रेम जीवन के लिए यह समय ज्यादा अनुकूल नहीं है, इसलिए थोड़ा सा आपको ध्यान रखना पड़ेगा। किसी काम के कारण आपका प्रियतम आपसे अलग हो सकता है। अलग को इस तरीके से समझिये कि वे मीलों दूर जा सकते हैं। हालांकि आपका संवाद कायम रहेगा और उनसे अधिक से अधिक बात करके अपने रिश्ते को जीवंत बनाए रखने का प्रयास करेंगे। इस गोचर काल में खर्चों पर नियंत्रण रखना आपके लिए अति आवश्यक होगा, नहीं तो आर्थिक स्थिति पर काफी असर पड़ सकता है। वाद विवाद में व्यर्थ ही ना पड़ें अन्यथा लेने के देने भी पड़ सकते हैं। स्वास्थ्य थोड़ा कमजोर हो सकता है।

उपायः आपको बुध ग्रह की अनुकूलता पाने के लिए चार मुखी रुद्राक्ष धारण करना चाहिए अथवा घर में रहकर बुध देव की आराधना करें।

मिथुन राशि

आपके लिए बुध का गोचर बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि बुध आपकी ही राशि का स्वामी है और अपने इस गोचर काल में वह आपके ग्यारहवें भाव में प्रवेश करेगा। ग्यारहवाँ भाव हमारी आमदनी और आय का भाव है। इस गोचर से लाभ भी मिलते हैं, इसलिए इस भाव में बुध का गोचर आपके लिए काफी अनुकूल रहने वाला है। इस गोचर के प्रभाव से आपकी वाणी बहुत मजबूत बनेगी और आप अपनी बुद्धि और मेधा के बल पर अच्छे धन लाभ अर्जित कर पाएंगे। आप के वरिष्ठ अधिकारियों से भी संबंध बेहतर बनेंगे। उनसे संवाद सुधरेगा और उसका लाभ आपको आपके कार्यक्षेत्र में प्राप्त होगा। आपके प्रेम जीवन के लिए भी यह गोचर बहुत अनुकूल साबित होगा। आप अपनी बातों से अपने प्रियतम को इंप्रेस कर पाएंगे और आपके प्रेम जीवन को नई ऊर्जा मिलेगी। इस गोचर काल में आपको अनेक लंबित पड़े कामों को पूर्ण करने में सफलता मिलेगी, जिससे आपका मनोबल भी बढ़ेगा और सामाजिक दायरा भी आपका काफी विस्तृत होगा। इस समय में आपकी कुछ नए लोगों से मित्रता होगी और आपकी मित्र मंडली में इजाफा होगा। आप शादी पार्टियों में खूब शिरकत करेंगे, जिससे आपका सोशल सर्कल काफी बढ़ेगा। समाज में रुतबा प्राप्त होगा और आपकी कोई भी योजना सफल होगी। यह गोचर आपके जीवन को आर्थिक तौर पर समृद्ध बनाएगा।

उपायः आपको श्री गणपति अथर्वशीर्ष स्त्रोत का पाठ करना चाहिये।

कर्क राशि

आपकी राशि के बारहवें और तीसरे भाव का स्वामी बुध आपके दसवें भाव में गोचर करेगा। दसवाँ भाव कर्म स्थान अर्थात प्रोफेशन का स्थान भी होता है। बुध के इस गोचर से आपके प्रोफेशन में उतार और चढ़ाव दोनों की स्थिति आएगी। जहां एक ओर आप अपने प्रयासों से अपने काम को बेहतर बनाने में कामयाब होंगे और आपको प्रशंसा हासिल होगी और आपके सभी सहकर्मी आपका सहयोग करेंगे, जिससे आपकी मित्रता मजबूत होगी और काम में मजा आएगा। वहीं दूसरी ओर, अचानक से स्थानांतरण के योग भी बन सकते हैं। ऐसे में आपको थोड़ा ध्यान देना पड़ेगा। इस समय काल में आपके काम में बारीकी से नजर रखने की जरूरत होगी, इसलिए खूब सोच समझकर काम करें। एक बात का ध्यान रखें कि आप पर काम का बोझ अधिक रहेगा और आप काफी उदास महसूस भी करेंगे। ऐसे में हिम्मत हारने की बजाय और शक्ति लगाकर अपने काम को बढ़िया तरीके से करने का प्रयास करें। इस गोचर के प्रभाव से आपके पारिवारिक जीवन में ख़ुशियाँ आएँगी। आपके माता पिता का स्वास्थ्य भी मजबूत बनेगा और आपको अपने परिवार के लोगों का सानिध्य मिलेगा। छोटे भाई बहन आपके काम में बहुत मदद करेंगे। वहीं आपके पिता जी से आपके संबंध बढ़िया बनेंगे। इस गोचर काल में आपके व्यापार में भी उत्तरोत्तर वृद्धि होगी और आप एक सफल बिजनेसमैन बनकर उभरेंगे। इस समय का सदुपयोग अपने कार्य क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए आपको करना चाहिए ।

उपायः आपको बुधवार के दिन हरे पौधों को जल से सिञ्चित करना चाहिए।

सिंह राशि

बुध का गोचर आपकी राशि से नौवें भाव में होगा। नवाँ भाव आपके भाग्य का स्थान होता है और सुदूर यात्राओं के बारे में भी जानकारी देता है। आपके दूसरे और ग्यारहवें भाव का स्वामी बुध के नवम भाव में प्रवेश करने के कारण आपको धन के मामलों में मजबूत बनाएगा और आपकी आर्थिक स्थिति को समृद्ध बनाएगा। इस गोचर के प्रभाव से आपकी रुकी हुई योजनाएं गति पकड़ेंगी और आपके कामों में सफलता मिलेगी। आप जिन कामों को करने से पहले हिचक रहे थे और हिम्मत नहीं जुटा पा रहे थे, अब वे काम भी आपके बनने लगेंगे। इससे आपको अच्छी सफलता मिलेगी। आप पैतृक व्यवसाय को आगे बढ़ाएंगे और जो लोग नौकरी करते हैं उन्हें इस दौरान काफी अच्छे परिणाम मिलेंगे। आप किसी खूबसूरत और मनोरंजन यात्रा पर भी जाने के लिये भविष्य की प्लानिंग कर सकते हैं क्योंकि यह एक लंबी यात्रा होगी। इस गोचर के प्रभाव से आप का संबंध आपके भाई बहनों से भी बढ़िया बनेगा और उनसे आपको अपने मन की बात कहने में संकोच नहीं होगा। आपकी निर्णय लेने और प्रयास करने की शक्ति बढ़ेगी तथा आपकी कम्युनिकेशन भी काफी मजबूत होगी। इस कम्युनिकेशन से आपको काफी लाभ मिलेंगे। समाज में आपका मान-सम्मान भी बढ़ेगा और आपकी तारीफ होगी।

उपायः बुधवार के दिन साबुत मूँग की दाल बनवा कर खायें।

कन्या राशि

आपकी राशि का स्वामी बुध ही है, इसलिए आपके लिए बुध का कोई भी गोचर बहुत ही मायने रखता है। यह आपके दसवें भाव यानी कर्म भाव का स्वामी भी है और गोचर काल में आप के आठवें भाव में प्रवेश करेगा। आठवें भाव को आमतौर पर अच्छा भाव नहीं माना जाता लेकिन बुध ग्रह के लिए आठवां भाव भी अनुकूल भाव माना गया है। ऐसी स्थिति में इस गोचर के आपको मिश्रित परिणाम मिलेंगे। इससे कार्य क्षेत्र में उतार-चढ़ाव की स्थिति बनेगी और आपको ऐसा महसूस हो सकता है कि आपके प्रयास पूर्ण रूप से सफल नहीं हो रहे हैं और आपका कार्य क्षेत्र से मन भटक सकता है। इस गोचर काल में राशि के स्वामी का अष्टम भाव में जाना आपको स्वास्थ्य संबंधित परेशानियां उत्पन्न कर सकता है और आपका स्वास्थ्य पीड़ित हो सकता है लेकिन यही बुध आपकी आमदनी में बढ़ोतरी का मार्ग सुझाएगा और अप्रत्याशित रूप से आपको धन लाभ हो सकता है। कुछ लोगों को इस समय में अपनी बुद्धि के प्रयोग से गुप्त तरीकों से भी धन की प्राप्ति हो सकती है। इसके विपरीत, जिनकी कुंडली में बुध की स्थिति अनुकूल है, उन्हें इस गोचर में कार्य क्षेत्र में अच्छे परिणाम भी मिलेंगे और अचानक से कोई निवेश करने का मौका मिलेगा। इस समय काल में आपको अपने पिताजी के स्वास्थ्य का ध्यान रखना चाहिए।

उपायः आपको बुध ग्रह के बीज मंत्र ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः का नियमित जाप करना चाहिए।

तुला राशि

आपकी राशि के स्वामी शुक्र का परम मित्र है बुध ग्रह और यह आपकी कुंडली में नवें और बारहवें भाव का स्वामी है। मेष राशि में गोचर के कारण यह आप के सातवें भाव में प्रवेश करेगा और आपके लिए विभिन्न प्रकार के परिणाम लेकर आएगा। यह गोचर आपके लिए सामान्य तौर पर अनुकूल कहा जा सकता है क्योंकि गोचर काल में आपको व्यापार में उन्नति होगी और आपका कारोबार आगे बढ़ेगा। यदि आप इस समय में कोई नया काम भी करना चाहते हैं तो वह फलीभूत होगा और आपको उस काम में सफलता मिलेगी। भाग्य का आपको पूरा साथ मिलेगा, जिससे आपको उन क्षेत्रों से भी सफलता मिलेगी, जिनसे आपको उम्मीद नहीं थी। विदेशी स्रोतों से भी इस संबंध में आपके संपर्क स्थापित होंगे और आपको अच्छा लाभ मिलेगा। आपका यदि विवाह नहीं हुआ है तो इस समय काल में आपको विवाह के योग बन सकते हैं। इसके अतिरिक्त आपकी वाणी में मिठास बढ़ेगी। आपके व्यक्तित्व में आकर्षण बढ़ेगा और लोग आपसे प्रभावित होंगे। आपकी निर्णय लेने की क्षमता और बुद्धि से प्रभावित होकर भी कुछ लोग अपने कुछ बड़े और महत्वपूर्ण कार्यों में आपसे मदद भी लेंगे। इस समय में समाज में आपकी लोकप्रियता में इजाफा होगा और आप उन्नति के पथ पर आगे बढ़ेंगे।

उपायः बुधवार के दिन विधारा की जड़ को जल में भिगोकर स्नान करने से अनुकूल परिणाम मिलेंगे और यदि ऐसा संभव न हो तो बुध मंत्र "ॐ बुं बुधाय नमः" का प्रतिदिन जाप करें।

वृश्चिक राशि

आपकी राशि से छठे भाव में बुध का यह गोचर होगा। आपके लिए बुध आठवें और ग्यारहवें भाव का स्वामी है, इसलिए छठे भाव में बुध का गोचर अधिक अनुकूल नहीं होगा और इस गोचर काल में आपको स्वास्थ्य संबंधित अनेक परेशानियां हो सकती हैं। आपकी त्वचा का रंग बिगड़ सकता है। इसके प्रति आपको सतर्क रहना चाहिए। इसके अलावा अपने लोगों से वाद विवाद के कारण आपको परेशानी उठानी पड़ सकती है और आपके खर्चे भी काफी बढ़ सकते हैं। यह खर्च यदि आपने नियंत्रण में नहीं किए तो आपको परेशानी उठानी पड़ सकती है। इस समय काल में आपकी आमदनी में गिरावट देखने को मिल सकती है और आपको कुछ आर्थिक परेशानियां आ सकती हैं। किन्हीं कारणवश आपको अपने बैंक से लोन अथवा कर्जा लेना पड़ सकता है और इसके लिए आप काफी प्रयासरत रहेंगे और उसमें आपको सफलता मिलेगी, जिससे आपके रुके हुए काम हो जाएंगे लेकिन यह कर्ज चुकाने के लिए आपको प्रयासरत रहना चाहिए। बुध के इस गोचर काल में आप के वरिष्ठ अधिकारियों से आपके संबंधों पर भी असर पड़ेगा और उनमें खटास आ सकती है, इसलिए विशेष रूप से इस बात का ध्यान रखें अन्यथा कार्यक्षेत्र में समस्या आ सकती है।

उपायः बुधवार के दिन "श्री विष्णु सहस्त्रनाम स्तोत्र" का पाठ करें।

धनु राशि

धनु राशि के लोगों के लिए बुध सातवें और दसवें भाव का स्वामी होता है, इसलिए यह आपके प्रोफेशन और आपके जीवन साथी तथा व्यापार के भावों का स्वामी भी है। बुध का यह गोचर आपके लिए काफी महत्वपूर्ण रहेगा। आपकी राशि से पांचवें भाव में बुध का गोचर आपकी आमदनी में निरंतर वृद्धि करने वाला साबित होगा और आपकी योजनाएं आगे बढ़ेंगी। केवल इतना ही नहीं, व्यापार में भी आपको अच्छे लाभ की उम्मीद करनी चाहिए। मार्केट में कंपटीशन को परास्त करते हुए आप आगे बढ़ेंगे और आपके काम की तारीफ होगी। आप यदि किसी बड़े ब्रांड का काम करते हैं तो उसका नाम बढ़ेगा, जिससे मार्केटिंग में आपको लाभ मिलेगा। अपनी मार्केटिंग स्ट्रेटजी को आप और भी बेहतर तरीके से बना पाएंगे। इस काल में आपके बड़े बड़े व्यापारियों से अच्छे संबंध बनेंगे। यदि आप जॉब करते हैं तो थोड़ा सावधानी बरतनी चाहिए क्योंकि इस समय काल में आपकी नौकरी जा सकती है। हालांकि आने वाले समय में शीघ्र ही नौकरी के योग भी बनेंगे। आपके जीवन साथी को भी इस गोचर काल में अच्छा लाभ मिलेगा और यदि कहीं कार्यरत हैं तो उनको नौकरी में प्रमोशन मिल सकता है अथवा किसी अन्य कारणवश उन्हें इस दौरान अच्छे लाभ की स्थिति बन सकती है। यदि आप विद्यार्थी हैं तो आपका पढ़ाई में खूब मन लगेगा और नई-नई चीजें सीखेंगे तथा यदि आप शादीशुदा हैं तो संतान को भी अच्छे फल मिलेंगे।

उपायः आपको प्रतिदिन चंद्र देव की आराधना करनी चाहिए।

मकर राशि

आपके भाग्य भाव का स्वामी बुध, जो कि आपके छठे भाव का स्वामी भी है, अपने इस गोचर काल में आपके सुख भाव अर्थात चतुर्थ भाव में प्रवेश करेगा। बुध के इस गोचर के प्रभाव से आपको अनेक प्रकार की सुख सुविधाओं की प्राप्ति होगी और आप कोई नया वाहन भी खरीद सकते हैं। हालांकि लाॅकडाउन के चलते ऑफिस सब काम को अपने घर पर रहकर ही निपटा लेंगे और बुकिंग कर सकते हैं। यह वाहन आने वाले समय में आपके परिवार और आपकी प्रगति का माध्यम बनेगा। इस समय में आपके परिवार में ख़ुशियाँ बढ़ेंगी और आपके माता-पिता का स्वास्थ्य भी मजबूत होगा। आपको अपने रिश्तेदारों से बात करके प्रसन्नता होगी, जिससे घर परिवार में माहौल बढ़िया रहेगा। वहीं दूसरी ओर, अपने वाहन को स्टार्ट करके एक बार उसका इंजन गर्म कर ले ताकि वह खराब ना हो जाए। प्रॉपर्टी संबंधित किसी भी विवाद विवाद से आपको बच कर रहना होगा क्योंकि इसका असर आपके पारिवारिक जीवन पर नकारात्मक रूप से पड़ सकता है। इस गोचर के प्रभाव से कार्य क्षेत्र में भी आप की स्थिति बेहतर बनेगी और आप अपने काम में महारत हासिल करेंगे। यदि कोई कोर्ट केस चल रहा है तो उसमें नतीजे आपके पक्ष में आ सकते हैं और आपको सुख मिलेगा। किसी विशेष आइडिया के लिए आपको अपने आसपास के लोगों से तारीफ मिलेगी।

उपायः बुध देव की विशेष कृपा प्राप्ति के लिए आपको भगवान महा गणेश की आराधना करनी चाहिए और उन्हें दुर्वांकुर अर्पित करना चाहिए।

कुंभ राशि

बुध का गोचर आपकी राशि से तीसरे भाव में होगा जो कि काल पुरुष की कुंडली में बुध की राशि का ही भाव है, इसलिए बुध यहाँ मजबूत होगा और आपको कम्युनिकेशन स्किल से अच्छे लाभ देगा। यह आपकी कुंडली में पांचवें और आठवें भाव का स्वामी होकर तीसरे भाव में जाएगा, इसलिए शिक्षा के क्षेत्र में जबरदस्त परिणाम प्राप्त होंगे। आपको अचानक से आने वाली यात्राओं से बचना चाहिए क्योंकि इससे आपको आर्थिक और शारीरिक दोनों समस्याएं हो सकती हैं इसलिए यात्राओं का त्याग करें। एक ओर आपके भाई बहनों के लिए यह समय अधिक अनुकूल नहीं होगा और इस समय में उन्हें कुछ परेशानी हो सकती है लेकिन यही समय आपके लिए काफी फ़ायदेमंद हो सकता है क्योंकि आपकी आमदनी में भी बढ़ोतरी होगी। यदि आप शादीशुदा हैं तो आपकी संतान को इस गोचर का बहुत अच्छा लाभ मिलेगा और वे जिस भी क्षेत्र में हैं, उन्हें उत्तरोत्तर वृद्धि प्राप्त होगी। आपको सोशल मीडिया और कम्युनिकेशन के साधनों से कोई अच्छी खबर मिल सकती है, जो आपको खुशी से सराबोर कर देगी। इस समय में आपके अंदर कुछ लिखने की प्रवृत्ति जाग सकती है और आप अपनी किसी हॉबी को भी आगे बढ़ाएंगे। इस समय काल में आपको दोस्तों से बात करने के बहुत मौके मिलेंगे और आपकी दोस्ती मजबूत होगी। सोशल मीडिया के द्वारा कुछ नए दोस्त भी बन सकते हैं और कुछ पुराने दोस्तों से मुलाकात भी सोशल मीडिया पर ही हो सकती है। यही नहीं, आपके पड़ोसियों और आपके रिश्तेदारों से भी आपके संबंध बढ़िया बनेंगे। आपके साथ काम करने वाले सहकर्मी भी आपके साथ मित्रवत व्यवहार करेंगे और यह आपके प्रोफेशन में बहुत काम आएगा।

उपायः बुधवार के दिन हरी साबुत मूंग को अंकुरित करके खाएं।

मीन राशि

आपकी राशि के लिए बुध आपके चौथे और सातवें भाव का स्वामी है तथा गोचर काल में आपके दूसरे भाव में प्रवेश करेगा। इस गोचर के प्रभाव से आपकी वाणी में आकर्षण बढ़ेगा लेकिन आप तीव्र प्रतिक्रिया देने वाले बनेंगे। यानि कि कोई भी कुछ कहेगा, आप एकदम से बोल पड़ेंगे, जिससे बाद में आपको पछताना भी पड़ सकता है, इसलिए थोड़ा ध्यान से रहें क्योंकि इससे बनते हुए काम भी बिगड़ सकते हैं। व्यापार के मामले में यह गोचर आपके लिए काफी फ़ायदेमंद साबित होगा और आपकी दूरदर्शिता और नई-नई स्ट्रेटजी आपके बिज़नेस को नई रफ्तार पर लेकर जाएंगे। दांपत्य जीवन में इस गोचर का प्रभाव यह होगा कि आपका जीवन साथी आपके परिवार के प्रति और भी ज्यादा समर्पित रहकर काम करेगा, जिससे आपको खुशी होगी लेकिन उनका स्वास्थ्य कुछ कमजोर हो सकता है। आपके परिवार की आमदनी में बढ़ोतरी होगी और प्रॉपर्टी संबंधित मामलों से भी लाभ होगा। यदि आप कोई ट्रांसपोर्ट का काम करते हैं तो इस समय में उसके आगे बढ़ने के लिए आप कोई बड़ी योजना बनायेंगे और भविष्य में इसका आपको अच्छा लाभ मिलेगा। इस समय में आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। कुटुंब के लोगों में सहयोग की भावना जागेगी और वे साथ मिलकर परिवार की बेहतरी के लिए काम करेंगे।

उपायः आपको बुधवार के दिन राधा जी का श्रृँगार करने के उपरांत उनकी पूजा अर्चना करनी चाहिए।

2020 गोचर

मंगल का तुला राशि में गोचर मंगल का कन्या में गोचर मंगल का सिंह राशि में गोचर मंगल अस्त मेष राशि में मंगल का मेष में गोचर मंगल का मीन में गोचर मंगल का मिथुन में गोचर मंगल का वृषभ में गोचर मंगल का गोचर कुम्भ राशि में शनि वृश्चिक में अस्त शनि वक्री वृश्चिक में वृश्चिक राशि में शनि उदय सूर्य का तुला राशि में गोचर सूर्य का मीन में गोचर सूर्य का कुम्भ में गोचर सूर्य का मकर में गोचर सूर्य का धनु राशि में गोचर सूर्य का वृश्चिक राशि में गोचर सूर्य का कन्या राशि में गोचर सूर्य का सिंह राशि में गोचर सूर्य का कर्क में गोचर सूर्य का मिथुन में गोचर सूर्य का वृषभ में गोचर सूर्य का मेष में गोचर
धनु राशि में शुक्र का गोचर शुक्र का वृश्चिक में गोचर शुक्र का कन्या में गोचर शुक्र कर्क में मार्गी शुक्र का मीन में गोचर शुक्र का कुम्भ में गोचर शुक्र का मकर में गोचर शुक्र मेष में अस्त शुक्र का तुला में गोचर मंगल का कर्क में गोचर अस्त शुक्र का कर्क में गोचर शुक्र सिंह राशि में वक्री शुक्र का वृषभ में गोचर शुक्र का मेष में गोचर शुक्र का सिंह में गोचर शुक्र का मिथुन में गोचर शुक्र का कर्क में गोचर वृश्चिक राशि में शुक्र उदय गुरु कन्या राशि में वक्री गुरु का सिंह में गोचर गुरु सिंह राशि में अस्त गुरु कर्क राशि में मार्गी कर्क राशि में बृहस्पति वक्री गुरु कर्क राशि में मार्गी शनि धनु राशि में वक्री

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