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बुध का कुम्भ राशि में गोचर डालेगा आप पर प्रभाव (31 जनवरी, 2020)

बुध ग्रह का कुंभ राशि में गोचर एक महत्वपूर्ण घटना है क्योंकि वैदिक ज्योतिष में बुध ग्रह का काफी महत्वपूर्ण प्रभाव होता है। नव ग्रह मंडल में बुध ग्रह को युवराज की संज्ञा दी गई है, इसलिए बुध ग्रह से प्रभावित जातक नई नई चीजों को सीखने में काफी रुचि लेता है और ज्ञान प्राप्ति में उसकी सहज बुद्धि उसकी मदद करती है। ऐसे लोगों की तीव्र बुद्धि काफी अच्छी होती है और वे मुश्किल से मुश्किल चुनौतियों का दिमागी रूप से सहज और आसान हल निकाल डालते हैं।

 बुध का कुम्भ राशि में गोचर (31 जनवरी, 2020)

बुध ग्रह काल चक्र की दो राशियों मिथुन और कन्या का स्वामी होता है और इसकी उच्च राशि तथा मूल त्रिकोण राशि भी कन्या ही होती है तथा मीन राशि में अपनी नीच अवस्था में माना जाता है। मिथुन और कन्या राशि काल पुरुष की कुंडली में तीसरे और छठे भाव की राशियां होती हैं। बुध को विशेष रूप से कम्युनिकेशन और संवाद का कारक माना जाता है।

बुध के कुम्भ राशि में गोचर काल का समय

नव ग्रहों का राजकुमार और हमारे जीवन को वाणी की सौगात देने वाला बुध ग्रह शुक्रवार 31 जनवरी 2020 को प्रातः 2:44 बजे (30 जनवरी की अर्द्धरात्रि के बाद) अपने मित्र ग्रह शनि के स्वामित्व वाली मकर राशि से निकल कर कुम्भ राशि में प्रवेश करेगा। यह राशि भी शनि के आधिपत्य में आती है और काल पुरुष की कुंडली में एकादश अर्थात लाभ स्थान की राशि है। यह वायु तत्व की राशि भी है, इसलिए इस राशि में बुध का गोचर काफी महत्वपूर्ण होगा।

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बुध का यह गोचर क्यों है ख़ास

बुध का कुंभ राशि में यह गोचर काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि इस बार बुध काफी लंबे समय तक एक राशि में स्थित रहेगा। अर्थात 31 जनवरी को बुध कुंभ राशि में प्रवेश करेगा तो 7 अप्रैल तक इसी राशि में स्थित रहेगा। इसी दौरान 17 फरवरी से 10 मार्च के मध्य की अवधि में बुध वक्री हो जाएगा, जो कि एक अलग ही महत्व पूर्ण घटना मानी जाएगी क्योंकि बुध का वक्री होना अनेक क्षेत्रों में व्यापक प्रभाव रखता है।

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हिंदू पंचांग के अनुसार बुध ग्रह की प्रिय ऋतु शरद मानी जाती है और वायु तत्व की राशि कुंभ में बुध का गोचर ठंड का प्रभाव दे सकता है। यह उत्तर दिशा का स्वामी ग्रह है और हरे रंग की वस्तुएँ जैसे हरे रंग के वस्त्र और चूड़ियां, हरी सब्ज़ियाँ, पन्ना, ओनेक्स रत्न, पीतल धातु, साबुत मूंग की दाल, आदि बुध से संबंधित माने जाते हैं। यदि आपकी कुंडली में बुध अनुकूल अवस्था में विराजमान है और आपके लिए शुभ फल देने वाला है तो इसके प्रभाव से आप एक विद्वान जातक होंगे और अपनी बुद्धि और स्मरण शक्ति से अपने जीवन में तरक्की प्राप्त करेंगे। आपकी त्वचा कोमल होगी और आप तार्किक रूप से काफी प्रतिभावान होंगे क्योंकि आपकी विश्लेषण क्षमता गजब की होगी।

बुध सभी प्रकार की यात्राओं का कारक है और कुंभ राशि वायु तत्व की राशि है। ऐसे में यदि कुंडली में बुध की स्थिति अच्छी है तो आपको हवाई यात्राओं से अच्छा लाभ होगा और आप ट्रैवल एजेंसी के काम में सफलता प्राप्त कर पाएंगे। यदि ग्रह मैत्री की बात की जाए तो शुक्र और शनि को बुध का मित्र माना जाता है और बुध ग्रह चंद्रमा को अपना शत्रु मानता है। यदि आप बुध ग्रह की अनुकूलता प्राप्त करना चाहते हैं तो आपको पन्ना रत्न पहनने की सलाह दी जाती है। इसके विपरीत यदि आपकी कुंडली में बुध अनुकूल स्थिति में नहीं बैठा है लेकिन आप बुध का शुभ परिणाम प्राप्त करना चाहते हैं तो आपको बुध यंत्र को विधिवत रूप से स्थापित करके इसका नियमित पूजन करना चाहिए।

बुध ग्रह का फल

वैदिक ज्योतिष के अनुसार बुध ग्रह अपनी दशा अथवा अंतर्दशा की संपूर्ण समय अवधि में अपना फल प्रदान करता है, इसलिए कुंडली में उत्तम बुध की स्थिति आपके लिए काफी आवश्यक होती है। यदि बुध कमजोर होगा तो आपको मानसिक परेशानियां भी हो सकती हैं और बुद्धि से संबंधित कार्यों में निराशा हो सकती है। ऐसा भी संभव है कि आप अपनी बात को दूसरे के सामने ध्यान ना रख पाएँ, जिससे आपको हीन भावना का शिकार होना पड़े।

यदि आप बुध से प्रभावित हैं तो आप अत्यधिक व्यवहारिक होते हैं और हास्य विनोद प्रिय होते हैं, जिससे किसी भी महफिल में आपको अच्छी प्रशंसा हासिल होती है और आप अपनी वाक चातुर्य क्षमता के बलबूते अपने अनेक काम बनवाने में सक्षम होते हैं। उत्तम बुध आपको आयु से कम दिखाता है, इसलिए आप अधिक उम्र में भी देखने में कम उम्र के नजर आते हैं।

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बुध ग्रह की विशेषतायें

वैदिक ज्योतिष के अंतर्गत बुध ग्रह के नक्षत्र अश्लेषा, ज्येष्ठा और रेवती हैं, जो गंड मूल संज्ञक नक्षत्र कहलाते हैं और यदि किसी का जन्म इन नक्षत्रों में होता है, तो व्यक्ति को गंड मूल की शांति कराना आवश्यक होता है, अन्यथा व्यक्ति और उसके परिवार वाले अपने जीवन में कठिन संघर्षों का सामना करते हैं। हालाँकि ये जीवन में कोई बड़ा मुकाम भी हासिल करते हैं। इसलिए अपने जीवन में बुध ग्रह को मजबूत बनाए रखना चाहिए और उसके लिए आपको बुध ग्रह से संबंधित उपाय करने की सलाह दी जाती है। इन उपायों के द्वारा आप भी बुध ग्रह के बेहतर नतीजे प्राप्त कर सकते हैं।

बुध ग्रह के कुम्भ राशि में गोचर का राशिफल

अब जबकि बुध कुंभ राशि में गोचर करने वाला है तो आईये अब जानते हैं कि बुध के कुम्भ राशि में गोचर का सभी राशि के जातकों पर क्या सकारात्मक और नकारात्मक प्रभाव पड़ने वाला है:

Read in English: Mercury Transit in Capricorn

यह राशिफल चंद्र राशि पर आधारित है। जानें अपनी चंद्र राशि

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए बुध तीसरे और छठे भाव के स्वामी बनते हैं, जो कि काल पुरुष की कुंडली के भाव भी हैं और अपने कुंभ राशि में प्रवास के दौरान यह आपके एकादश अर्थात् लाभ स्थान में गोचर करेंगे। इस स्थान से आपके लाभ, महत्वाकांक्षाओं की पूर्ति और विभिन्न प्रकार की उपलब्धियों का पता लगाया जाता है। बुध के इस गोचर से आपकी क्षमताओं में बढ़ोतरी होगी और आपकी कार्य कुशलता बढ़ेगी। आप अपने प्रयासों से अपनी इनकम को बढ़ाएंगे और आमदनी के मामले में यह गोचर आपके लिए काफी अनुकूल साबित होगा। विभिन्न प्रकार के वाद-विवाद से भी आपको लाभ लाभ मिलेगा। इस दौरान प्रेम संबंधों में भी आपको सफलता प्राप्त होगी और आप अपने मन की बातों को भली प्रकार से साझा करेंगे, जिससे आपका प्रियतम आपकी बातों से इंप्रेस होगा और आपको प्यार दर्शायेगा। शिक्षा के मामले में आपको अनुकूल परिणाम मिलेंगे और आप नई चीजें सीख पाएंगे। बुध वक्री की स्थिति में आपको अपने प्रयासों को और बढ़ाना होगा क्योंकि आपकी आर्थिक स्थिति थोड़ी सी कमजोर पड़ सकती है, लेकिन यह अल्प समय के लिए होगा और 10 मार्च के बाद स्थिति फिर से आपके पक्ष में आ जाएगी और यदि आपने कहीं लोन के लिए आवेदन किया है, तो उसमें आपको सफलता मिलेगी, जिससे आपके रुके हुए काम भी बनने लगेंगे। इस समयावधि में आपकी महत्वाकांक्षाओं की पूर्ति होने से आपका मन प्रसन्न रहेगा।

उपायः विशेष उपाय के तौर पर आपको छोटी कन्याओं को हरे रंग की चूड़ियां बुधवार के दिन भेंट करनी चाहिए।

वृषभ राशि

आपकी राशि के स्वामी शुक्र के परम मित्र बुध का गोचर आपकी राशि से दशम भाव में होगा, जिससे कर्म और व्यवसाय की जानकारी मिलती है। आपके लिए बुध देव आपकी कुंडली के दूसरे और पंचम भाव के स्वामी हैं, इसलिए बुध का गोचर आपके कार्यक्षेत्र में उन्नति लाने वाला साबित होगा। आप अपने ज्ञान और बुद्धि के बल पर अपने कार्य में श्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे, जिसका आपको समुचित लाभ भी प्राप्त होगा। आपने जो विद्या अर्जित की है, उसका प्रयोग करके आप अपने काम को और भी बेहतर तरीके से निपटा पाएंगे, जिससे आपको अपने बॉस की तारीफ भी मिलेगी और आपकी छवि भी मजबूत होगी। जो लोग व्यवसाय करते हैं, वे इस दौरान अपने परिवार के धन का प्रयोग अपने बिज़नेस को विस्तार देने के लिए कर सकते हैं। इस दौरान आपका पारिवारिक जीवन भी काफी खुशनुमा रहेगा और लोग अपने मन की बात एक दूसरे से साझा करते हुए नजर आएँगे। वक्री बुध की स्थिति में आपको थोड़ा सावधान रहना होगा क्योंकि इस दौरान आपका मन आपके काम से हट सकता है, जिसकी वजह से कामों में गलती होने की संभावना भी बढ़ेगी और आपको नौकरी बदलने का अवसर भी ढूंढना पड़ सकता है। 10 मार्च के बाद स्थितियां अच्छी हो जाएंगी और आप अपने काम में माहिर हो कर बेहतर तरीके से अपने आप को सुधार पाएंगे और अपने कार्य क्षेत्र में अच्छा काम करके नाम कमाएंगे।

उपायः आपको बुध ग्रह की अनुकूलता प्राप्त करने के लिए इस दौरान अधिक से अधिक हरे रंग के वस्त्र पहनने चाहियें और गणेश जी को दूर्वांकुर अर्पित करना चाहिए।

मिथुन राशि

मिथुन राशि के जातकों के लिए बुध आपकी राशि का स्वामी होने के कारण काफी महत्वपूर्ण हो जाता है और इसके साथ साथ आपके चतुर्थ भाव का स्वामी भी है तथा मकर राशि से निकलकर कुंभ राशि में आपके नवम भाव में विराजमान होगा, जो कि आपके भाग्य स्थान की राशि है। इस प्रकार बुध का गोचर आपके लिए काफी अनुकूल रहेगा। इस दौरान भाग्य का आपको पूरा साथ मिलेगा और प्रॉपर्टी के मामलों में आपको अत्यंत लाभ होगा। कुछ लोगों को घर बदलने में इस दौरान सफलता मिलेगी और आपके मान सम्मान में भी बढ़ोतरी होगी। आप अपने पिताजी से किसी प्रकार का लाभ अर्जित करेंगे और उनसे आपके संबंध बेहतर बनेंगे। फरवरी से मार्च के मध्य में आपको बुध के वक्री होने से आपको यात्राओं के दौरान थोड़ी सावधानी बरतनी होगी और किसी कार्य को एक से अधिक बार करना पड़ सकता है, जिससे आपका परिश्रम बढ़ेगा। यदि आप सही राह पर चलेंगे तो तो यह समय आपकी तरक्की को कई गुना बढ़ा देगा। हालांकि यह अल्प काल के लिये ही रहेगा और मार्च मध्य के बाद से स्थिति पुनः बेहतर हो जाएगी और ट्रैवलिंग या राइटिंग के काम से आपको जबरदस्त लाभ होगा तथा भाग्य में अभिवृद्धि होगी। इस दौरान आपकी आमदनी में भी बढ़ोतरी देखी जा सकेगी। सुखद यात्रा होने की भी सम्भावना होगी जो आपको मानसिक तौर पर मजबूत बांयेंगी और लाभदायक भी रहेंगी। कुछ नए लोगों से मित्रता होने के भी संयोग बनेंगे। आपके मित्रों का सहयोग इस दौरान आपको मिलेगा।

उपायः बुध के अनुकूल प्रभावों को बढ़ाने के लिए आपको उत्तम गुणवत्ता का पन्ना रत्न धारण करना चाहिए, जिसे आप बुधवार के दिन अपनी कनिष्ठ उंगली में धारण कर सकते हैं।

कर्क राशि

आपकी राशि के लिए बुध ग्रह तीसरे और बारहवें भाव का स्वामी होता है और कुंभ राशि में प्रवास के दौरान यह आपकी राशि से अष्टम स्थान में गोचर करेगा। अकेला बुध ग्रह ऐसा है जो अष्टम भाव में अक्सर अनुकूल परिणाम भी प्रदान करता है। हालांकि इस दौरान आपको कठिन समय की प्राप्ति भी होगी क्योंकि आपकी मेहनत काफी बढ़ जाएगी और कठिन प्रयासों के बाद अल्प सफलता हाथ लगेगी। इस दौरान खर्चों में बढ़ोतरी और अवांछनीय यात्राएं आपको परेशान कर सकती हैं। इसके अतिरिक्त आपके भाई बहनों को भी किसी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। आपकी मुलाकात आपके ससुराल पक्ष के लोगों से होगी, जिन से बातचीत के द्वारा किसी बड़े मुद्दे पर आपको समाधान प्राप्त होगा और वे भी आपकी सहायता कर सकते हैं। 17 फरवरी से 10 मार्च के मध्य जब बुध वक्री अवस्था में होगा, तो इस दौरान आपको विशेष तौर पर अपने स्वास्थ्य के प्रति सावधान रहना होगा क्योंकि स्वास्थ्य संबंधित समस्याएं आपको काफी परेशान कर सकती हैं और आपका धन भी खर्च करवा सकती हैं। हालांकि इस अवधि के निकल जाने के बाद आपको राहत महसूस होगी और आंशिक तौर पर धन लाभ भी होगा। फिर भी आपको इस दशा अवधि में अपने क्रियाकलापों पर ध्यान देना चाहिए।

उपायः बुध ग्रह की अनुकूलता प्राप्त करने के लिए आपको बुधवार के दिन साबुत मूंग की दाल दान करनी चाहिए।

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए बुध आपके दूसरे और ग्यारहवें भाव के स्वामी हैं। यह दोनों ही भाव धन भाव कहलाते हैं, इसलिए बुध का गोचर आपके लिए काफी खास मायने रखता है। अपने कुंभ राशि में गोचर के दौरान यह आपकी राशि से सप्तम भाव में विराजमान होंगे, जोकि लंबी साझेदारियों और व्यापार का भाव भी कहा जाता है। बुध के इस गोचर के प्रभाव से आपका दांपत्य जीवन निखरेगा और जीवन साथी और आपके बीच नजदीकियां बढ़ेंगी। एक दूसरे से खुलकर अपने मन की बातें शेयर करेंगे, जिससे भी बीच की दूरियाँ कम होंगी और एक दूसरे के प्रति आकर्षण बढ़ेगा ।इस समय काल में आप अपने जीवन साथी के लिए कुछ खर्चे भी करेंगे, जो उन्हें खुशी देंगे और आपको भी इससे खुशी मिलेगी। इसके अतिरिक्त इस गोचर की अवधि में व्यापार में आपको जबरदस्त लाभ होगा और आपकी नई कार्य योजनाएं आपके काम को आगे बढ़ाएंगी। अर्थात आपका बिज़नेस गति पकड़ेगा। फरवरी से मार्च के मध्य में जब बुध वक्री अवस्था में होगा उस दौरान आपको दांपत्य जीवन में किसी भी प्रकार की व्यर्थ बहस बाजी और लड़ाई झगड़े से बचना होगा क्योंकि वह स्थिति आपको खासा परेशान कर सकती है। इस दौरान खर्चों में बढ़ोतरी होने से आप मानसिक और आर्थिक रूप से थोड़े कमजोर महसूस कर सकते हैं। हालांकि 10 मार्च के बाद स्थितियां बेहतर होने लगेंगी और आपको बिज़नेस को एक्सपेंड करने में सफलता मिलेगी।

उपायः बुध के गोचर की अवधि में आपको श्री गणेश जी की विधिवत पूजा उपासना करनी चाहिए।

कन्या राशि

बुध देव आपकी राशि के स्वामी हैं और इसके साथ-साथ आपके दसवें भाव पर भी आधिपत्य रखते हैं। अर्थात आपका शरीर और आपका कर्म दोनों ही बुध देव से प्रभावित हैं, इसलिए बुध का गोचर आपके लिए काफी महत्वपूर्ण है। अपने इस गोचर के दौरान बुध देव आपकी राशि से छठे भाव में प्रवेश करेंगे, जो कि रोग, रिपु और ऋण का भाव माना जाता है। इस वजह से आपके खर्चों में बढ़ोतरी होगी और आपका स्वास्थ्य भी पीड़ित होगा। आपको विशेष तौर पर इस दौरान अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना चाहिए। जरा सी भी लापरवाही आपको परेशानी में डाल सकती है। हालांकि दूसरी और आपकी जॉब में इस दौरान काफी अनुकूल परिणाम मिलेंगे और आपकी मेहनत आपके लिए रंग लेकर आएगी और आपको उसका अच्छा लाभ भी प्राप्त होगा। वाद विवाद के क्षेत्र में आपको सफलता मिलेगी, लेकिन इस दौरान आपके विरोधी थोड़े प्रबल हो सकते हैं और आप की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर सकते हैं। 17 फरवरी से 10 मार्च के मध्य जब बुध आप के छठे भाव में वक्री हो जाएगा, इस दौरान स्वास्थ्य ज्यादा बिगड़ सकता है, इसलिए आवश्यक होने पर डॉक्टरी परामर्श अवश्य लें और अपने खर्चों पर भी नियंत्रण रखें। इस अवधि के बीत जाने के बाद आपको राहत की सांस मिलेगी और कार्यक्षेत्र की स्थितियां आपको सुख प्रदान करेंगी।

उपायः बुध देव की विशेष कृपा प्राप्ति के लिए आपको विधारा मूल धारण करनी चाहिए।

तुला राशि

तुला राशि के स्वामी शुक्र के साथ बुध की खासी मित्रता है और आपकी राशि के नवम और द्वादश भाव का स्वामी बुध है। नवम भाव का स्वामी होने से आपका भाग्येश भी है, जो अपने गोचर की अवधि में आपके पंचम भाव में विराजमान होगा। इस प्रकार आप की शिक्षा प्रभावित होगी और आपको उच्च शिक्षा से संबंधित बेहतरीन नतीजे मिलेंगे। यदि आप लेखन, अभिनय, जर्नलिज्म, पत्रकारिता, आदि से संबंध रखते हैं या कोई फाइनेंस या कॉमर्स की पढ़ाई कर रहे हैं, तो यह गोचर आपको काफी अच्छे लाभ प्रदान करेगा। जो लोग नौकरी करते हैं, उन्हें इस दौरान स्थानांतरण का समाचार मिल सकता है। हालांकि इस दौरान आपकी आमदनी काफी बढ़ेगी, जिससे आपका मनोबल ऊंचा रहेगा। आप कोई बड़े से बड़ा निर्णय लेने से भी नहीं हिचकिचाएंगे और यदि आप शादीशुदा हैं, तो आपको संतान का सुख मिल सकता है और यदि आप किसी से प्रेम करते हैं तो प्रेम जीवन में इस दौरान रोमांटिक पल आएँगे और आपकी बातें आपके प्रियतम को खुशी देंगी। इससे आपका लव रिलेशनशिप मजबूत होगा। सुदूर यात्राएं आपके लिए लाभ का सौदा साबित होंगी। फरवरी से मार्च के मध्य में बुध वक्री होने की स्थिति में आपको लाभ प्राप्त होगा और इनकम बढ़ेगी। जो छात्र विदेश जाकर पढ़ाई करना चाहते हैं, उन्हें उच्च शिक्षा में अच्छे नतीजे मिलेंगे। 10 मार्च के बाद जब बुध वक्री अवस्था से बाहर आएगा, तब आपको कोई नया साधन मिल सकता है, जो कि आपकी आमदनी के लिए स्थाई जरिया बने। इस दौरान आपकी राशि के लोगों को नौकरी बदलने में भी सफलता मिलेगी।

उपायः आपको बुध ग्रह के बीज मंत्र ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः का नियमित जाप करना चाहिए।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि के लोगों के लिए बुध देव आठवें और ग्यारहवें भाव के स्वामी हैं और अपने कुंभ राशि में गोचर के दौरान वे आपके चतुर्थ भाव में विराजमान होंगे। यह भाव आपके सुख सुविधाओं का भाव है, इसलिए बुध के इस भाव में गोचर करने से आपके सुख साधनों में बढ़ोतरी होगी। आप संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करेंगे और उनसे सुख उठाएंगे। इस दौरान आपका सोशल सर्किल काफी मजबूत बनेगा और आपके पारिवारिक जीवन में भी अनेक प्रकार के आश्चर्यजनक सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे। केवल इतना ही नहीं, आपके कार्यक्षेत्र में भी आपको अच्छा लाभ मिलेगा और आप अपनी सहज बुद्धि के बल पर अपने कार्य में बेहतर प्रदर्शन कर पाने में सफल होंगे। हालांकि फरवरी से मार्च के मध्य में जब बुध वक्री होगा, उस दौरान आपको परिवार की घरेलू आवश्यकताओं पर अधिक ध्यान देना होगा और आपके खर्च भी काफी होंगे। यह वह समय होगा, जिस दौरान पारिवारिक जीवन का असर आपके काम पर विशेष रूप से पड़ेगा, इसलिए आपको काम पर फोकस भी करना पड़ेगा। इस दौरान आपको छाती में दर्द या जकड़न की शिकायत भी हो सकती है और आपकी माताजी का स्वास्थ्य भी पीड़ित हो सकता है। 10 मार्च के बाद स्थितियां काफी अनुकूल हो जाएंगी और आपको बेहतर नतीजे मिलेंगे। इस समय में आपको अचानक से कोई ऐसा साधन मिल सकता है, जिससे आपको सुख प्राप्त हो और आपकी आमदनी में बढ़ोतरी हो।

उपायः बुध देव की विशेष कृपा प्राप्त करने के लिए आपको बुधवार के दिन हरे रंग के वस्त्रों को अपनी बुआ या मौसी या चचेरी बहन को भेंट करना चाहिए।

धनु राशि

धनु राशि के जातकों के लिए बुध देव आपके सप्तम भाव के स्वामी होने के साथ-साथ कर्म अर्थात दशम भाव के स्वामी भी हैं। जब बुध का गोचर मकर राशि से निकलकर कुंभ राशि में होगा, तो वे आपकी राशि से तीसरे स्थान पर प्रवेश करेंगे। काल पुरुष की कुंडली के अनुसार तीसरा भाव मिथुन राशि का होता है, जोकि बुध की अपनी राशि है, इसलिए इस भाव में आकर बुध आपको काफी अच्छे परिणाम देंगे। आप की यात्राएं काफी होंगी और ये यात्राएं आप की सुख-सुविधा, आनंद और धन को बढ़ाने वाली साबित होंगी। अपने घर के छोटे भाई बहनों से आपके संबंध बेहतर बनेंगे और आपके कार्यों में आपके मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा। आपकी कम्युनिकेशन स्किल बेहतर बनेगी और उसके सहारे आप बहुत अच्छा प्रदर्शन अपने काम में कर पाएंगे तथा सोशल मीडिया पर भी आप छाए रहेंगे, लेकिन बुध के वक्री होने की अवधि में आपको थोड़ा सावधान रहना होगा। इस दौरान आपकी कम्युनिकेशन गलत तरीके से जा सकती है या अपने बात को समझाने में आपको दिक्कतें आ सकती हैं, जिससे आपके कामों में रुकावट और वाद विवाद की समस्या आ सकती है। इस दौरान आपके भाई बहनों का स्वास्थ्य भी कमजोर पड़ सकता है, लेकिन धैर्य रखें, 10 मार्च के बाद स्थितियाँ एक बार फिर से बेहतर बन जाएंगी और आपको कम मेहनत से ही अधिक लाभ की स्थिति बनेगी।

उपायः बुध ग्रह के इस गोचर का अधिक लाभ उठाने के लिए आपको बुध यंत्र की स्थापना करनी चाहिए और उसकी विधिवत पूजा करनी चाहिए।

मकर राशि

मकर राशि के जातकों के लिए बुध का गोचर काफी महत्वपूर्ण होता है क्योंकि यह आपके छठे भाव के स्वामी होने के साथ-साथ आपके भाग्य भाव के स्वामी भी हैं। अपने गोचर की इस अवधि में वे आपके दूसरे भाव में विराजमान होंगे, जो कि धन भाव के नाम से जाना जाता है। इस गोचर के परिणाम स्वरूप आपको आर्थिक तौर पर काफी लाभ होंगे और आपकी आर्थिक स्थिति बेहतर बनेगी। भाग्य का आपको पूरा साथ मिलेगा, जिससे आपके अटके हुए काम भी बनेंगे और आप यात्राओं से भी धन अर्जित करेंगे। यदि कोई कोर्ट कचहरी में केस चल रहा है, तो उसके भी आपके पक्ष में आने से आपको आर्थिक लाभ होगा और आप इस दौरान आर्थिक स्थिति को काफी मजबूत बना पाएंगे। जो लोग प्रतियोगी परीक्षा में बैठ रहे हैं, उनके लिए भी समय अनुकूल रहेगा और उन्हें सफलता मिलने की काफी संभावना बढ़ जाएगी। इसी दौरान 17 फरवरी से 10 मार्च के दरम्यान जब बुध वक्री अवस्था में होगा, तब आपको अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान देना होगा क्योंकि इस समय में आपको शारीरिक रूप से कष्ट परेशान कर सकते हैं। आपको त्वचा रोग, वाणी में दिक्कत, गले की खराश, आदि परेशान कर सकते हैं। इसके बाद स्थिति बेहतर होने लगेगी और आप अपने बैंक में अच्छा खासा धन जमा कराने में सफल रहेंगे और यदि आपका कोई पुराना लोन या क़र्ज़ चल रहा है, तो उससे भी आपको इस दौरान निजात मिल जाएगी।

उपायः आपको बुध के रत्न पन्ना को धारण करने की सलाह दी जाती है क्योंकि इससे आपके भाग्य में वृद्धि होगी और आपको प्रचुर मात्रा में धन लाभ भी होगा।

कुंभ राशि

बुध का यह गोचर आपके लिए काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह आपकी ही राशि में होने जा रहा है। वैसे बुध आपके लिए पंचम भाव का स्वामी होने के साथ-साथ अष्टम भाव का स्वामी भी है और इस गोचर की अवधि में आप के प्रथम भाव में स्थापित होगा, जिससे कुछ-कुछ राजयोग की सी स्थिति भी निर्मित होगी, लेकिन अष्टम का स्वामी लग्न में होने से आपका मन गहन आध्यात्मिक विषयों की ओर झुकेगा, शोध में आपको अच्छे नतीजे मिलेंगे और आपकी सोच में गहराई आएगी। आप वास्तविक स्थिति को जानकर उस पर अपनी राय देना पसंद करेंगे। आपकी बुद्धि का विकास होगा। आपकी समझ मजबूत होगी और आप के निर्णय आपकी प्रगति का आधार बनेंगे, लेकिन इस दौरान आपका स्वास्थ्य भी बिगड़ सकता है और मानसिक रूप से तनाव का सामना भी करना पड़ेगा। हालांकि आप अपनी बुद्धि कौशल के बल पर कई महत्वपूर्ण निर्णय लेंगे, जो आपके लिए काफी बेहतरीन साबित होंगे और आपको आगे बढ़ने में मददगार बनेंगे। इस दौरान संतान का सहयोग आपको प्राप्त होगा और यदि आप किसी प्रेम संबंध में हैं, तो आप का प्रियतम भी आपके साथ कंधे से कंधा मिला कर खड़ा होगा। बुध वक्री की अवस्था में आपको स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देना होगा और कोई भी निर्णय लेने से बचना होगा। इस दौरान आपको आर्थिक हानि होने की संभावना बढ़ जाएगी, लेकिन 10 मार्च के बाद स्थितियां एक बार फिर से बेहतर होने लगेंगी और आपको शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व उपलब्धियाँ हासिल हो सकती हैं। इसके अलावा यदि आप व्यापार करते हैं, तो उसमें भी स्थितियाँ आपके पक्ष में रहेंगी।

उपायः आपको विधारा की जड़ हरे रंग के कपड़े में बाँधकर अपने गले में पहननी चाहिए और इसके लिए बुधवार का दिन सर्वश्रेष्ठ रहेगा।

मीन राशि

आपकी राशि के लिए सुख भाव यानि कि चतुर्थ तथा साझेदारी के भाव सप्तम के स्वामी होकर बुध देव कुंभ राशि में गमन के दौरान आपकी राशि से बारहवें भाव में जाएंगे। बारहवां भाव व्यय अथवा हानि का भाव माना जाता है, इसलिए बुध देव के प्रभाव से इस दौरान आपको खर्चों में बढ़ोतरी का सामना करना पड़ेगा। आपके खर्चे काफी बढ़ेंगे, जिसका असर आपकी जेब पर पड़ेगा, इसलिए आर्थिक स्थिति थोड़ी सी हिल सकती है। इस दौरान कुछ लोगों को विदेश जाने में सफलता मिलेगी और घर से बाहर प्रॉपर्टी बनाने की दिशा में भी उन्हें सफलता मिल सकती है। इसके अतिरिक्त विदेशी व्यापार और इंपोर्ट एक्सपोर्ट के लिए भी समय मुफीद रहेगा और आपको उत्तम लाभ के योग बनेंगे। इस दौरान जीवनसाथी से संबंधों में तनाव देखने को मिलेगा, जिस पर आप को ध्यान देना चाहिए। विशेष रूप से बुध वक्री की अवस्था में इन सभी प्रकार के कार्यों में आपको अधिक परिश्रम करना होगा क्योंकि यह समय थोड़ा कमजोर रह सकता है। खर्चों में बढ़ोत्तरी होने से आपकी जेब पर इसका असर पड़ेगा और स्वास्थ्य भी कमज़ोर होगा। हालांकि 10 मार्च से स्थितियां आपके पक्ष में मुड़ना शुरू हो जाएंगी और आप खर्चों पर नियंत्रण रखना धीरे-धीरे सीख जाएंगे, जिससे आर्थिक रूप से भी स्थिति सुधरने लगेगी। इस गोचर में आपको सबसे ज्यादा अपने आप पर ध्यान देना होगा।

उपायः बुध की विशेष कृपा प्राप्त करने के लिए आपको बुधवार के दिन साबुत मूंग की दाल अपने हाथों से गौ माता को खिलानी चाहिए। इस दाल को एक दिन पहले भिगोकर रख दें और अगले दिन अपने हाथों से खिलाएं।

2020 गोचर

मंगल का तुला राशि में गोचर मंगल का कन्या में गोचर मंगल का सिंह राशि में गोचर मंगल अस्त मेष राशि में मंगल का मेष में गोचर मंगल का मीन में गोचर मंगल का मिथुन में गोचर मंगल का वृषभ में गोचर मंगल का गोचर कुम्भ राशि में शनि वृश्चिक में अस्त शनि वक्री वृश्चिक में वृश्चिक राशि में शनि उदय सूर्य का तुला राशि में गोचर सूर्य का मीन में गोचर सूर्य का कुम्भ में गोचर सूर्य का मकर में गोचर सूर्य का धनु राशि में गोचर सूर्य का वृश्चिक राशि में गोचर सूर्य का कन्या राशि में गोचर सूर्य का सिंह राशि में गोचर सूर्य का कर्क में गोचर सूर्य का मिथुन में गोचर सूर्य का वृषभ में गोचर सूर्य का मेष में गोचर
धनु राशि में शुक्र का गोचर शुक्र का वृश्चिक में गोचर शुक्र का कन्या में गोचर शुक्र कर्क में मार्गी शुक्र का मीन में गोचर शुक्र का कुम्भ में गोचर शुक्र का मकर में गोचर शुक्र मेष में अस्त शुक्र का तुला में गोचर मंगल का कर्क में गोचर अस्त शुक्र का कर्क में गोचर शुक्र सिंह राशि में वक्री शुक्र का वृषभ में गोचर शुक्र का मेष में गोचर शुक्र का सिंह में गोचर शुक्र का मिथुन में गोचर शुक्र का कर्क में गोचर वृश्चिक राशि में शुक्र उदय गुरु कन्या राशि में वक्री गुरु का सिंह में गोचर गुरु सिंह राशि में अस्त गुरु कर्क राशि में मार्गी कर्क राशि में बृहस्पति वक्री गुरु कर्क राशि में मार्गी शनि धनु राशि में वक्री

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